INTERVIEW!! ‘‘उनके साथ मेरी फिल्मों की हैट्रिक हो चुकी है’’ – राजकुमार राव

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‘काई पो चे’ के बाद शाहिद और ‘सिटीलाईट’ जैसी फिल्में करने के बाद अब एक बार फिर राजकुमार राव अपने मेंटर हंसल मेहता की फिल्म ‘अलीगढ़’ में दिखाई दे रहे हैं लेकिन इस बार उनके सामने मनोज बाजपेयी जैसा कलाकार है। क्या कहना है उन्हें इस फिल्म को लेकर।

इस बार आप एक रिपोर्टर की भूमिका में हैं ?

जी हां और इस रोल में आप लोगों की बहुत बड़ी भूमिका है क्योंकि मैंने वो सारे मैनेरिज्म डाले हैं जो मैं आप लोगों के साथ इंटर्व्यू के दौरान देखता रहा हूं जैसे आपकी ऑब्जर्वेशन, आपका सामने वाले से सुनी बातें टेप करना और बार बार उस टेप को चेक करते रहना कि बातें टेप हो रही हैं या नही वगैरह वगैरह।

अपनी भूमिका को कैसे परिभाषित करेंगे ?

मैं यहां दीपू सबेस्टीयन नामक एक प्रेस रिपोर्टर की भूमिका में हूं जो केरल का रहने वाला बहुत ही स्मार्ट लड़का है, जिसने सीरस की स्टोरी प्ले की थी। ये भी एक रीयल किरदार है जो दिल्ली में रहता है। वो किस तरह दिल्ली और केरल की भाषा का इस्तेमाल करता है लेकिन अन्य फिल्मों की तरह उसे टिपिकल साउथ इंडियन नहीं दिखाया गया, उसके केरल से होने का पता उसी वक्त चलता है जब वो केरला भाषा बोलता है।

Rajkumar Rao
Rajkumar Rao

आपके लिये ये रोल कितना चैलेंजिंग रहा।

एक आर्टिस्ट के लिये उसका हर रोल चैलेंजिंग रहता है। इसके भी अपने चैलेंज थे कि एक्सेंट का ध्यान रखना था। दूसरे आपके सामने जब मनोज बाजपेयी जैसा एक्टर हो तो आपको एक रिलीफ मिल जाता है क्योंकि सामने वाले को आप रियेक्ट कर रहे हैं तो आपका काम आसान हो जाता है कि आपको ही सारा एफर्ट नहीं लगाना है।

दीपू क्या पहले से ही प्रोफेसर सीरस को जानता था ?

बिल्कुल वो फोन पर अक्सर उनसे बात भी करता था, फोन पर ही उसने सीरस का इंटर्व्यू भी लिया था लेकिन वो कभी उनसे मिला नहीं था। हालांकि जिस दिन सीरस की डेथ हुई उस दिन उसका उनसे मिलने का प्लान था। सीरस की मौत से दीपू काफी डिस्टर्ब भी हो गया था।

फिल्म में मनोज मुख्य भूमिका में है आप कुछ नही कर रहे हैं ये आपके लिये कितना चुनौतीपूर्ण रहा ?

मेरे लिये यही सबसे बड़ी चुनौती थी कि मुझे कुछ नहीं करना। किसी रोल में आपको कुछ नहीं करना और बस आपको सिर्फ सुनना है आप सिर्फ विटनेस हैं। इस रोल को करने में मुझे नये अनुभवों से गुजरना पड़ा। वो मेरे लिये एक अलग ही जर्नी रही।

Manjo Bajpai with Rajkumar Rao
Manjo Bajpai with Rajkumar Rao

हंसल मेहता के साथ आप लगातार काम कर रहे हैं ?

ये हमारा एक स्पेशल बांड है जो हो गया है। मेरी उनके साथ फिल्मों की हेट्रिक हो चुकी है जो बहुत ही ऑग्रेनिक है उसमें हमारा कोई एफर्ट नहीं था कि आओं एक दूसरे को पसंद करें। दीपू और सीरस की भी फिल्म में यही रिलेशनशिप है। हम एक दूसरे को इतना ज्यादा समझ चुके हैं कि शॉट के समय हंसल सर सिर्फ हाथ से इशारा करते हैं और मैं समझ जाता हूं कि उन्हें क्या चाहिये।

Hansal Mehta with Rajkumar Rao
Hansal Mehta with Rajkumar Rao

फिल्म की जिस तरह की कहानी है उसमें फिमेल किरदारों की भी जरूरत पड़ी ?

यहां मेरे या मनोज सर के अपोजिट कोई फिमेल किरदार नहीं। फिल्म में फिमेल करेक्टर्स हैं जैसे एक एडिटर है दिलनाज, जो मुंबई में थियेटर की लड़की है, एक एडवोकेट है। फिल्म में ये ही दो किरदार अहम हैं।

रीयल में जो गे किरदार होते हैं आप उनके बारे में क्या सोचते हैं, इस फिल्म के बाद उन्हें कितना समझ पाये हैं ?

बेशक इस फिल्म के बाद गे समुदाय के प्रति मेरी धारणा और ज्यादा गहरी हो गई है। वैसे भी हम कब से कहते आ रहे हैं कि किसी की प्राइवेट जिन्दगी जिससे आपको कोई फर्क नहीं पड़ रहा तो आप क्यों उसमें दख़्ल दे रहे हैं, आप क्यों जानना चाहते हैं कि कोई अपने बैडरूम में क्या कर रहा है और किसके साथ सो रहा है या जाग रहा है। ये उसका नैतिक अधिकार है। आप क्या प्रशासन या पुलिस उसके इस अधिकार को नहीं छीन सकता ।

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इसके अलावा आने वाले प्रोजेक्ट ?

‘शिमला मिर्ची’ का ट्रेलर लांच होने वाला है। ये जल्दी ही रिलीज होगी। इसके बाद विक्रम मोटवानी की ‘अनाम’ फिल्म है जो कंपलीट हो चुकी है। इसके बाद एक फिल्म न्यूट्रन है ।

 

 

 

 

 


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Mayapuri

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