INTERVIEW: ‘मेरी फैमिली एवं मेरे बच्चे हमेशा अहम हैं और रहेंगे’ – काजोल

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लिपिका वर्मा
काजोल एक ऐसी अभिनेत्री है जो स्पष्ट अपने पेशे एवं अपनी व्यक्तिगत लाइफ के बारे में सारे प्रश्नों के उतर बेधड़क देती है। को लाइमलाइट से दूर रखने की वजह और अपने पति के साथ काम करने की इच्छा से लेकर होम प्रोडक्शन फिल्मों के बारे में विस्तार से हमे बताया काजोल ने -उनकी धनुष स्टारर फिल्म ‘वी आई पी 2’ जो की तमिल एवं अन्य बहशाहों में रिलीज होने को है, इसी फिल्म के प्रमोशन के दौरान हुई।
पेश है काजोल के साथ लिपिका वर्मा की एक अनूठी भेंटवर्ता-


अपने किरदार के बारे बतायें?
– वसुंधरा पर्वेश्वरन की दुनिया बिल्कुल अलग है। वसुंधरा को बचपन से ही आत्मविश्वास है कि जो कुछ भी करना चाहती है उसमें करेगी। फिर चाहे माउंट एवेरेस्ट की चोटी ही क्यों न चढ़ना हो उसे। वह जब मन में ठान लेती है तो किसी भी तरह से पीछे नहीं हटती है। हर काम को पूरा करने का आत्मविशवस ही उसे वो काम पूरा करने का बल भी प्रदान करता है। यह एक अद्भुत किरदार है मेरा और इसे करने में मुझे बहुत अजा भी आया है। हम दोनों रहुवरण और वसुंधरा में जोरदार टशन चलती रहती है। दोनों अपने आप के विचारों से ही सहमत रहते हैं। अब फिल्म देखने के बाद ऑडियन्स ही तय कर पायेगी कौन सही है और कौन गलत। पर दोनों ही खच्चर खोपड़ी के है।

फिल्मी दुनिया में आपके 25 वर्ष पूरे हो चुके है के कहां चाहेंगी अपने फिल्मी सफर के बारे में?
– यही कहना चाहूंगी की पेशेवर तौर से लग ही नहीं रहा है कि मैंने 25 साल पुरे कर लिए है। हाँ, शादी को लगभग 18 साल पूर्ण हुए हैं और में दो बच्चों की माँ भी हूँ सो पर्सनली जरूर लग रहा है -कुछ समय बीत गया है। फिल्म में काम करते हुए हमेशा से मुझे मजा ही आया है। मजे मजे में 25 वर्ष पूर्ण हो गए। बस जिस मुकाम पर हूँ बहुत खुश। पूर्ण सा लग रहा है अब। और तमिल फिल्म ‘वी आई पी’ धनुष एवं सौंदर्य के साथ करने का मौका मिला यही कहना चाहूँगी, यह तमिल फिल्म मैंने उनके ही सहयोग से पूरी कर ली है। उन्होंने मेरी भाषा एवं अन्य चिसो पर और मुझ पर खासतौर से बहुत काम किया है। इन्ही दोनों के कारण मैं यह तमिल फिल्म में बेहतरीन अभिनय कर पाई हूँ।

आपने अपने बच्चों की खातिर उनके बचपन में फिल्मों से दूरी बनाई रखी। क्या यह आपका त्याग सैक्रिफाइस, कहेंगे?
– बिल्कुल भी नहीं। मैंने कोई भी त्याग नहीं किया है। जब मैंने दो बच्चे पैदा किये है तो उनकी देख रेख एवं पालनपोषण की जिम्मेदारी मेरी ही है न। मैं अपने बच्चों को अपनी जान से ज्यादा प्यार करती हूँ और मरते दम तक करती रहूंगी। जहाँ तक फिल्मों में काम करने की बात है, वो मेरा पेशा है। और जब कभी भी मुझे अच्छी स्क्रिप्ट और अच्छा किरदार मिलेगा तो तब तक में फिल्मों में काम करती रहूंगी। मेरी फैमिली एवं मेरे बच्चे हमेशा अहम हैं और रहेंगे। पहले वह आते जीवन में। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी, ‘‘मेरा परिवार और मेरे बच्चे मेरी जिन्दगी है। ’’

आपने और अजय ने अपने दोनों बच्चों को फिल्मी दुनिया की चकाचौंध लाइमलाइट, से दूर रखा है। क्यों?
– जी यह हमारा सजेत अवस्था में लिया गया निर्णय है। हम नहीं चाहते हमारे बच्चों को लाइमलाइट में लाया जाया। उनके जीवन पर किसी प्रकार का दवाब नहीं पसंद है हमें। मैं और अजय यही चाहते हैं कि- वह किसी भी नार्मल बच्चों की तरह ही अपना जीवन व्यतीत करें। हाँ मेरे बच्चों को यह बात भी मालूम है कि अजय पिता, एक एक्शन हीरो है और यह उनका काम है। घर पर हम दोनों केवल और केवल उनके माता-पिता ही है। देखिये हर, बच्चों को आगे चलकर जो भी व्यवसाय चुनना है उन्हें उसकी पूरी छूट है। किन्तु आज कोई हमसे यह पूछे कि – आपकी बेटी अभिनेता बनना पसंद करेंगी ? तो मुझे यह कहना है उनको – वह केवल 14 वर्ष की ही है और क्या आप अपने बच्चों से इस उम्र, में यह सवाल करेंगे? सो देखिये, बतौर माँ बाप हम उन्हें वह मुकाम जरूर देना चाहेंगे जिसे वह आगे चल कर अपना व्यवसाय बनाना। पर यह निर्णय उन्हें सही और पूर्ण रूप से लेना होगा। जिसके लिए अभी वह नाबालिक है। समय आने पर हम उनके साथ ही खड़े रहेंगे। हम कतई यह पसंद नहीं करते की बाहर वाले या घरवाले किसी प्रकार से उन पर व्यवसाय या भविष्य को लेकर दबाब डाले।

अजय और काजोल को कब उनके फैंस पर्दे पर वापस देख पाएंगे?
– देखिये रियल लाइफ में हम एक कपल युगल, है। और पर्दे पर वह हमारी व्यक्तिगत व्यक्तित्व है। सो जब उस हिसाब की कहानी हमें मिलेगी तो हम एक साथ पर्दे पर अविश नजर आएंगे।

अजय देवगण की कौन-सी फिल्में आपकी पसंददीदा फिल्में है?
– मुझे अजय की फिल्म ‘कंपनी’, ‘लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ एवं ‘जख्म’ फिल्में बेहद पसंद है। मैं अजय को इन फिल्मों में देखना अत्यंत पसंद करती हूँ।

फिल्म ‘वी आई पी 2’ ‘फिल्म का ट्रैलर’ देख आपकी भूमिका राजनेता सी प्रतीत होती है ? क्या दक्षिण भारत, राजनीति से जुड़ना पसंद करेंगी आप?
– दक्षिण में राजनेता तो छोड़िये में उतर प्रदेश में भी राजनीति में प्रवेश न करना चाहूँ। सीद़ी सी बात है जो चीज मुझे समझ में नहीं आती है मैं उस ओर का रुख कभी नहीं करती हूँ।


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Mayapuri

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