INTERVIEW!! “मैं जल्दी किसी से रिश्ते नहीं बना पाती हूँ ?”  पत्रलेखा

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लिपिका वर्मा

अपनी पिछली फिल्म सिटी लाइट्स में पांच वर्षीय बच्चे की साधारण माँ का किरदार निभा चुकीं पत्रलेखा से सभी यह अपेक्षा कर रहे थे कि अपनी आने वाली फिल्मों में भी वह कुछ इसी तरह के किरदार निभाकर वाहवाही बटोरने का प्रयास करेंगी। लेकिन मज़े की बात यह है कि अपने पिछले किरदार के विरुद्ध विक्रम भट्ट निर्देशित अपनी अगली फ़िल्म,”लव गेम्स” में सेक्सी सायरन का किरदार निभा रहीं पत्रलेखा ने सबको चकित कर दिया है।

इस फिल्म में आप बोल्ड किरदार निभा रहीं है, खुद को सेक्सी इमेज में बांधा है क्या कहना चाहेंगी ?

‘सिटी लाइट्स’ में राखी का किरदार निभाने के बाद मुझे हर कोई इसी तरह के किरदार ऑफर कर रहा था। होता भी यही है कि एक बार लोग आपको जिस एक इमेज में देख लेते हैं तो आपकी तुलना उसी से करने लगते हैं जिसे उन्होंने पर्दे पर देखा है या यूं कह लीजिये वही आपकी पहचान बन जाती है। यही वजह है कि मैंने इतना लम्बा इंतज़ार किया क्योंकि मैं किसी इमेज में बंधना नहीं चाहती थी।”

अब इससे तो यह साफ़ हो गया है कि इस लड़की को किसी इमेज में बांधना लोगों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकती है।

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‘सिटी लाइट्स’ की राखी और “लव गेम्स” की रमोना में क्या फर्क है ?

हालाँकि, “लव गेम्स” में सेक्सी सायरन का किरदार निभा रहीं पत्रलेखा यह कहना नहीं भूलती कि उन्होंने कतई नहीं सोचा था कि वह इतना बोल्ड किरदार निभाएंगी। पत्रलेखा कहती हैं, “हाँ बिलकुल। मैंने बिलकुल यह अपेक्षा नहीं की थी रमोना इतनी सेक्सी होगी और एक बार फिर मुझे इस बात की बिल्कुल चिंता नहीं की इस नकचढ़ी लड़की रमोना के बारे में लोग क्या कहेंगे क्योंकि मैं राखी और रमोना सिर्फ पर्दे पर हूँ। वास्तविक ज़िन्दगी में मैं पत्रलेखा हूँ, जो पर्दे पर राखी या रमोना का किरदार निभाती है।

‘सिटी लाइट्स’ की गरीब राखी और रमोना इतना मेकअप वाला किरदार है, कितना मुश्किल था यह किरदार निभाना ?

देखिये, “सिटी लाइट्स” की राखी के किरदार को मेकअप की कोई भी जरूरत नहीं थी, जबकि रमोना हाई सोसाइटी से आती है सो ग्लैमरस किरदार है। मुझे थोड़ा चैलेंजिंग लगा, क्यूंकि विक्रम सर का किरदार इस तरह से कैसे हो सकता है ? यही सोच विचार कर रही थी मैं। किन्तु फिर मैंने बड़ी सोसाइटी की पार्टी में जाकर ऐसी औरतों को करीब से देखा और यह किरदार करने के लिए मैं खुद से ही प्रेरित हुई। गलैम या फिर डीग्लैम किरदार हो उससे हम अभिनेताओं को कोई फर्क नहीं पड़ता। बस किरदार अलग और बेहतर हो यही सोच कर मुझे यह रोल करना था।

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दो अभिनेत्रियां साथ में काम समझदारी से करें ऐसा मुमकिन नहीं है। किन्तु आप दोनों अभिनेत्रियों ने इस फिल्म में किस तरह मिलजुल कर काम किया बताएं ?

देखिये, हम दोनों बहुत ही सिक्योर अभिनेत्रियां है सो हमें सुझ -बुझ से काम करना है, सीधी सी बात है हम यहां लड़ाई झगड़ा करने नहीं आये हैं, इस फिल्मी दुनिया में काम मिलना बहुत मुश्किल है सो कर्म क्षेत्र में हम लड़ाई कर नाकारात्मक माहौल नहीं बनाना चाहते हैं। आपने अपने किरदार के हिसाब से कपड़े पहनने थे और डायलॉग्स भी बोलने थे सो कहीं भी यह विचार नहीं आया किसे अच्छे कपड़े मिले हैं या स्क्रीन स्पेस ज्यादा मिला है? सब कुछ स्क्रीनप्ले के तहत, कहानी के अनुसार किया गया और हम सब ने खुशी खुशी अपना काम निपटाया है।

रमोना का किरदार बोल्ड है क्या कहना चाहेंगी ?

देखिये, यह किरदार अपने मस्तिष्क में बोल्ड है। कपड़े छोटे पहने है या फिर रिवीलिंग सीन्स है वह अपने हद तक ही है। रोमोना बस बोल्ड विचारों की महिला है।

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आप रमोना से कितनी अलग हैं ?

बहुत अलग हूँ मैं रमोना से। मैं जल्दी किसी से बातचीत नहीं करती हूँ, पर यदि रिश्ते बनाती हूँ तो उसे तोडना पसंद नहीं करती हूँ। अब देखिये न, अपने पड़ोसियों से मैंने 2 साल बाद बातचीत शुरू की लेकिन आज हमारे रिश्ते  बहुत अच्छे हैं अपने मां बाप से भी मेरे रिश्ते बहुत ही सहज है। मैं फिल्मी दुनिया से नहीं हूँ सो जब कभी कोई भी फिल्म साइन करती हूँ उन्हें सबकुछ समझा देती हूँ और उनके सपोर्ट के बिना मैं फिल्मों में अपना मुकाम नहीं बना पाती।

निर्देशक विक्रम भट्ट के बारे में क्या कहना है आपको?

वह काम के मामले में बहुत सीरियस होते हैं। उन्हें काम से मतलब है। एक बारी शूटिंग खत्म हुई तो वह दूर दूर तक सेट्स पर नजर नहीं आते हैं। बहुत समझदार हैं जो कुछ आप को पूछना हो बेफिक्र हो कर पूछे -बार बार पूछे, वह हर बारीकियों को अच्छी तरह से समझाते है अपने एक्टर्स को।

 

 


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Mayapuri

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