दिल में उमंग हाथों में रंग, खेलो होली स्टार्स के संग

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होली

अमिताभ बच्चन

” होली का त्यौहार है,
रंगभरी खुशियों की बौछार है,
दिल, घर, भरे आपका,
संपन्न रूप हो सबका,
प्रार्थना जो दिल में ढले,
ध्यान उन सब को भी मिले,
प्राणों की आहुति दे,
जन, देश के प्रति, जो सब  होशियार है ”
बचपन की होली, बाबूजी, माता जी के साथ मनाना  एक ऐसा आनंद था जो मैं शब्दों में व्याख्या नहीं कर सकता। तब हर त्यौहार सिर्फ आनंद का धोतक था, होलिका दहन उत्सव से लेकर अगले दिन रंग भरी बाल्टी में पिचकारियाँ डूबो डूबो कर दौड़ते भागते दोस्तों का पीछा करना, वह एक अलग जमाना था। शाम तक रंगों में रंगे हम सब एक दूसरे को पहचान भी नहीं पाते थे। आज भी होली का त्यौहार हम अपने जुहू निवास पर धूमधाम से मनाने की कोशिश करते हैं, होली का त्यौहार एक ऐसा त्यौहार है जो सबके साथ मनाया जाता है, जब हमारे सारे मित्र हमारे साथ एक छत के नीचे ‘रंग बरसे’ पर झूमते हुए होली मनाते हैं तो लगता है होली हमारे तन को भिगोते हुए मन को रंग से भर गया। हैप्पी एंड सेफ होली।

सलमान खान

होली के मजे तो उन दिनों थे जब फुर्सत ही फुर्सत हुआ करती थी। हम सब भाई अपने दोस्तों को होली रंगने के फिराक में उनका पीछा करते थे। सुबह-सुबह साइकिल लेकर दूर-दूर तक होली खेलने निकल पड़ते थे ताकि हमारी शरारतों की भनक डैडी (सलीम खान) तक ना पहुंचे। होली के दिन हमारे घर पर बॉलीवुड के बड़े-बड़े दिग्गज पापा के साथ होली खेलने आते थे, मम्मी और हेलन आंटी के कॉमन फ्रेंड्स भी घर पर आते थे। घर में खूब धूमधाम होती थी, इसी का फायदा उठाते हुए हम बच्चे लोग चुपचाप  हुड़ हुड़ दबंग गिरी करने निकल पड़ते थे और वापस शाम को घर लौटते हुए अगर डैडी की नजरों में पकड़े जाते तो खूब डांट पड़ती थी, इसलिए जहां तक हो सके हम सब समुंदर में नहा धोकर लौटते थे। आज ना वह फुर्सत है, ना वह मासूम बचपन, पर सबके दिल में मरते दम तक जो एक बचपना छुपा होता है उसे जिंदा रखना चाहिए। मैं आज अपने घर या फार्म हाउस में पूरे परिवार और  दोस्तों के साथ होली खेलता हूं। मुझे अपने घर वालों, दोस्तों और खास कर बच्चों के साथ होली खेलने में बहुत मजा आता है। मेरे भाईयों (सोहेल, अरबाज) के बच्चे और बहनों के बच्चे हर त्यौहार पर मुझे घिरे रहते हैं। उनके साथ दो दिनों तक होली के धमाल में हम लगे रहते हैं। खूब पार्टी होती है, बूढ़े बच्चे सब के रंगीन चेहरे देखकर बहुत मजा आता है। मायापुरी के पाठकों को होली मुबारक हो। प्ले सेफ होली।

शाहरुख खान

एक जमाना था जब मैं दिल्ली में अपने पेरेंट्स और स्कूल कॉलेज के दोस्तों के साथ होली खेलता था, आज की तरह ऊंची ऊंची चारदीवारी के अंदर वाली होली नहीं बल्कि खुले आसमान के नीचे सड़क पर हुल्लड़ बाजी वाली होली खेलते थे। मैं अपने घर से निकलकर पंचशील तक होली खेलने जाता था जहां गौरी रहती थी। गौरी को होली त्यौहार बहुत पसंद है, आज हम अपने ‘मन्नत’ बंगले में होली मनाते हैं, मन्नत में होली मनाने की शुरुआत तब से हुई जब हमने इसे खरीदा था और बंगले की मरम्मत से पहले ही होली का त्यौहार आ जाने से हम सब ने इसी टूटे-फूटे आधे अधूरे रिनोवेट हो रहे बंगले में ही होली मनाई थी। वक्त के साथ, मन्नत की कायापलट हो गयी लेकिन आज तक त्योहारों का सिलसिला वहां जारी है। आज भी पुराने दोस्त, नए दोस्त होली दिवाली मनाते यहां आतें हैं । मैं अपने बच्चों के साथ होली खेलना सबसे ज्यादा पसंद करता हूं, मन बार-बार दिल्ली की गलियों में अपने बचपन के माहौल की तरफ खिंचता है, मन करता है फिर से मम्मी पापा और वहां के दोस्तों के साथ होली खेलूँ। जब जब दिल्ली जाता हूं अपने पैरंट्स के कब्र पर रात को जाकर उनसे अपने दिल की बातें बता कर आता हूं। जल्द ही मैं अपने बच्चों को दिल्ली की होली दिखाने जरूर ले चलूंगा।

आमिर खान

होली के साथ मेरा बड़ा पुराना और गहरा रिश्ता रहा है, जन्म से आज तक। पिछली बार भी मैंने मायापुरी को बताया था कि  जिस दिन मेरा जन्म हुआ था 14 मार्च 1965 को, उस दिन होली का ही दिन था। मेरी अम्मी ने मुझे बताया था कि पैदा होने के दो चार घंटों में ही सड़क पर होली के ढोल बजने लगे थे और रंगों का जश्न शुरू हो गया था। एक शरारती नर्स ने अम्मी की गोद से मुझे उठा कर मेरे गालों में एक चुटकी गुलाबी गुलाल लगा दिया और हंसते हुए मेरे कानों में ‘हैप्पी होली’ बोली थी। फिर जब मैंने एक्टिंग करियर की शुरुआत की 1984 को तो मेरी पहली फिल्म थी ‘होली’। बचपन की होली मुझे बहुत याद आती है, हम सब परिवार सहित सुबह सुबह तैयार होकर अपने अंकल नासिर साहब के घर जाते थे , वहां हमारे सारे कजन, रिश्तेदार इकट्ठा होते थे। खूब हुल्लड़बाजी के साथ होली मनाई जाती थी और दोपहर के लंच के बाद हम लौटते थे। आज भी हम नासिर अंकल के घर जाते हैं और वहां से लौटकर, तब घर पर अपने मेहमानों के साथ होली की पार्टी मनाते हैं। अब तो हम सब सिर्फ गुलाल के साथ होली खेलते हैं और होली पर पानी बर्बाद नहीं करते हैं। आप सब से भी यही गुजारिश है और हां इस बात का ध्यान रखें कि खेल-खेल में किसी को कोई चोट या ना पहुंचे, किसी का मन ना दुखे। हैप्पी होली मायापुरी के टीम और पाठकों को।

रितिक रोशन

मायापुरी के मेरे खूबसूरत पाठकों तथा फैंस को मैं तहे दिल से होली की बधाइयां देता हूं। ईश्वर करें कि होली के सारे रंग और तेज आपको खुशियों शांति और प्यार से भर दे। होली त्यौहार सिर्फ खेल का त्यौहार नहीं बल्कि अर्थ पूर्ण संदेश भी देता है। मन में भरे सारे क्लेश नफरत ईर्ष्या के काले रंग को मिटा कर उसे प्यार के विभिन्न रंग से भरने का संदेश। मेरे दादा जी और नाना जी ने मुझे यही सिखाया था जो आज मैं अपने बच्चों को सिखाता हूं। बचपन में हम अबीर गुलाल, रंग और पिचकारी से एक दूसरे पर रंग डालकर खुश हो जाते थे, आज जब हम इन त्योहारों पर, सब अपनों को मिलकर उनका आशीर्वाद और प्यार का रंग अपने ऊपर चढ़ाकर और उन सब का हाल-चाल पूछ कर, उन्हें गले लगाकर, उनका केयर करने का संकल्प लेकर लौटते हैं तो एक तृप्ति का अहसास होता है जो त्यौहारों की मिठाइयों से भी ज्यादा मीठी होती है। मेरे बच्चे रिहान और रिधान को भी अभी से यह सब एहसास होने लगा है। हम सब होली खेलते हैं पारंपरिक तरीके से और साथ ही मन में एक अलग जज्बात लेकर।

अक्षय कुमार

बचपन में दिल्ली की ठंड के साथ होली की हुड़दंग की गर्मी आज भी मन को नरम गरम यादों से भर देता है। उन दिनों रंग का मतलब सिर्फ रंग होता था अच्छे बुरे की समझ नहीं थी। हम सुबह से शाम तक जमकर होली खेलते और दोपहर को खाना खाकर वापस बाहर निकल जाते थे। पहचान वालों और अनजाने सबको रंग से सराबोर करने में बड़ा मजा आता था। छुप-छुप के छत से राहगीरों पर रंग डालने में भी बड़ा थ्रिल का एहसास होता था। उसे सोच कर आज हंसी आती है। कोई शिकायत लेकर घर आ जाता तो मम्मी डैडी से डांट भी पड़ती थी। त्योहारों में गुजिया, मिठाइयां सबके घर में बनती थी और हम बच्चे एक दूसरे के घरों में जाकर इन डेलिकेसिस  को भर भर कर खाते थे। आज हमारे बच्चे उस तरह की होली नहीं खेलते जैसे हम खेलते थे, शायद आज जमाना ज्यादा समझदार हो गया है और यह अच्छा भी है, जब जागो तब सवेरा। होली खेलिए लेकिन किसी को नाराज करके, किसी का नुकसान करके, किसी की बद्दुआ लेकर और अपना हेल्थ बिगाड़ कर नहीं।

रणवीर सिंह

इसमें कोई शक नहीं कि होली एक बहुत रंगीन त्यौहार है जो मस्ती, आनंद, खेलकूद और फन से भरपूर पर्व है लेकिन मेरे लिए तो हर दिन एक त्यौहार है, हर दिन रंगीन है, मन से मैं हर पल इंद्रधनुष के सातों रंगों से रंगीन रहता हूँ, जहां तक खोली खेलने की बात है तो बचपन में जमकर होली जरूर खेलता था लेकिन अब मुझे एक दूसरे पर रंग पोतने का खेल काफी मेसी-मेसी लगता है क्योंकि ओसीडी से पीड़ित होने के कारण साफ सफाई का जुनून चढ़ा रहता है, एक तरह से
क्लीनलीनेस फ्रीक हुँ, लेकिन कभी कभार किसी खास मौके पर, या फिल्मों में  होली दृश्य की शूटिंग के वक्त थोड़ा बहुत रंग लगा-लगु लेता हूँ। दीपिका जब मुझपर रंग उड़ाती है तो तन मन रंगीन हो जाता है। इसलिए होली मेरे लिए अपने परिवार के साथ बैठकर अच्छा वक्त बिताने और उन्हें क़्वालिटी टाइम देने तथा मजेदार फ़ूड एन्जॉय करने का त्योहार है।

आयुष्मान खुराना

होली का त्योहार मेरे लिए ढोल नगाड़े, लॉट्स ऑफ फन, नाच गाना, रंगों से खेलना और दोस्तों के साथ मस्ती करना है। पहले अक्सर मैं अपने करीबी दोस्तों के साथ चंडीगढ़ के उनके फार्म हाउस में होली मनाता था। अब फ़िल्मों में आने के बाद वक्त कम मिलता है मस्ती मजे के लिए। फिर भी मैं अपने कलीग्स और दोस्तों के होली उत्सव में शामिल होने की कोशिश जरूर करता हूँ। अब पहले की तरह बिंदास, बैचलर्स होली नहीं खेलता, फैमिली के साथ और क्लोज़ फ्रेंड्स के साथ ज्यादा समय बिताता हूँ।, केमिकल कलर्स से परहेज करता हूँ, पानी बचाओ मुहिम के तहत मैं वाटर कलर्स नही लाता हूँ। कभी कभी मैं मस्ती में कहता हूँ कि नामचीन हस्तियों के लिए तो  होली त्योहार सबसे अच्छा त्योहार है क्योंकि रंगों से पुते चेहरे के कारण कोई उन्हें पहचान भी नहीं सकता और वे चाहे तो बाहर खुले आसमान के नीचे खुलकर होली खेल सकते है। आप सबको हैपी होली के साथ साथ मैं कहूंगा, ” शुभ मंगल होली पर सावधानी से खेलिए होली।”

कार्तिक आर्यन

होली मेरे लिए बचपन की यादों से भरा एक मस्ती पूर्ण त्योहार है। वो होली से पहले सारी रात बलून में कलर भर भर कर रखना, वो सुबह बिना नहाए खिड़की से झांकना कि बाहर होली की हुड़दंग शुरू हुई या नहीं, शरीर और बालों में तेल चुपड़ना, मेहमानों के लिए बनती मिठाईयां, गुजिया, मठरी को चुपके चुपके उड़ाते जाना, दोस्तों के साथ खूब जमकर रंग खेलना, धींगा मस्ती करना, एक दूसरे को कीचड़ या रंग में भरे टब में गिराने की होड़ लगाना, पॉकेट में सडेन अटैक के लिए कलर बैलून दबा के भरना, पानी से भरी बाल्टियाँ उछालना, होली के गानों पर नाचना, शाम तक रंगीन चेहरों में एक दूसरे को पहचान ना पाना, फिर घंटों नहाना, मजेदार होली फूड खाना और रात को घोड़े बेचकर सोना। वह सचमुच वाली होली की मस्ती थी, अब भी होली खेलता हूं  लेकिन ना वह माहौल है ना वह दोस्त। अब तो बॉलीवुड के आंगन में जादुई, झिलमिलाहट से भरी होली का अलग मज़ा चख रहा हूँ, पिछली बार शूटिंग के सेट पर हम सबने एक दूसरे के चेहरे पर केक मलकर एक अनोखी होली खेली थी।

सोनू सूद

जब मैं छोटा बच्चा था तब होली हमारे लिए एक फन गेम हुआ करता था। बलून में पानी, रंग या जो मर्जी में आए भरकर राह चलते लोगों पर फेंका करते थे, फिर जब इंजीनियरिंग का छात्र हुआ तो होली के दिन बाइक पर सवार होकर दोस्तों यारों के संग जगह-जगह जाकर होली की हुड़दंग मचाया करते थे और फिर जब हम एक्टर बन गए तो होली को बड़े एहतियात से खेलने लगे ताकि हमारे चेहरे पर या शरीर पर कलर का कोई रिएक्शन न उभर आए। इसलिए अब हम बन्द कमरों में होली खेलने लगे लेकिन सच कहूं तो होली के दिन हमें बच्चा बनकर उसे खूब एन्जॉय करना चाहिए। चन्द वर्षों पहले मैंने दुबई में ‘भीगी चुनरियां’ टाइटल से एक जबरदस्त होली फेस्टिवल का आयोजन किया था जिसमें भारत से बड़े बड़े बॉलीवुड के स्टार्स दुबई में होली खेलने आए थे।

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