आनंद एल राय की खुशी का राज

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इन दिनों बॉलीवुड में तमाम फिल्मकार इस बात से परेशान नजर आ रहे हैं कि हॉलीवुड फिल्में हिंदी, तमिल, तेलुगु व मलयालम भाषाओं में डब होकर रिलीज हो रही हैं तथा हिंदी फिल्मों के मुकाबले कहीं ज्यादा सफलता बॉक्स ऑफिस पर बटोर रही हैं मगर इससे ‘तनु वेड्स मनु’, ‘रांझणा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी सफलतम फिल्मों के सर्जक आनंद एल राय परेशान नहीं है, बल्कि वह तो खुश हैं। खुद आनंद एल राय कहते हैं- ‘‘मैं तो बड़ा खुश हूं कि हमारे देश के दर्शकों को अपना पसंदीदा सिनेमा देखने का अवसर मिल रहा है। हम भारतीय फिल्मकारों को अपनी कमर कसकर अच्छा सिनेमा बनाना पड़ेगा। मेरी राय में दर्शकों के पास हमेशा च्वॉइस होनी चाहिए। ‘जंगल बुक’ ने जिस तरह से कमाई की, उसे वैसी कमाई करनी चाहिए। इससे फिल्मकार को डर भी लगना चाहिए तभी वह अच्छा सिनेमा बनाने की कोशिश करेगा जो फिल्मकार इस दिशा में नहीं सोचेगा, वह अपनी मौत मरेगा। यह कहना गलत है कि ‘जंगल बुक’ या फलां फिल्म ना रिलीज होती, तो हमारी फिल्म हिट हो जाती। यदि आपकी फिल्म का कंटेंट अच्छा है, फिल्म अच्छी है, तो दर्शक आपकी फिल्म देखना चाहेगा। बिना दौड़ का हिस्सा बने जीत हासिल नहीं होगी फिर यह हम तय करने वाले कौन होते हैं कि इस दौड़ में कितने लोग दौडेंगे।’’


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Mayapuri

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