जानिए क्यों फराह खान दिल से सपोर्ट करती हैं आईवीएफ तकनीक

1 min


फराह खान जिन्होंने अपने करियर को बनाने और फैमिली को सपोर्ट करने में अपने जीवन का इतना समय दिया की शादी और बच्चों के बारे में तब सोचा जब ये उनके लिए बहुत मुश्किल था। बॉलीवुड की मशहूर फिल्म निर्देशक और कोरियोग्राफर फराह खान ने कभी अपने जीवन के इस पहलु को राज नहीं रखा कि उनका बचपन अभाव में बीता और अपने खर्चे पूरे करने के लिए उन्होंने बहुत कम उम्र में काम करना शुरू कर दिया था। लेकिन जिंदगी के संघर्ष ने आज फराह को हिंदी सिनेमा जगत की कामयाब फिल्म निर्देशक-कोरियोग्राफर के रूप में स्थापित कर दिया है।

लेकिन एक समय था जब फराह कामयाब थी और फिल्म संपादक शिरीष कुंदर से शादी भी कर चुकी थी लेकिन उनकी ज़िन्दगी में एक कमी थी वो माँ बनना चाहती थी और माँ बनना उनके लिए एक बड़ा और अहम फैसला था। क्योंकि वो 42 साल की हो गई थी और इस उम्र में प्रग्नेंसी के कई नुकसान होते हैं। तब फराह खान ने इन विट्रो फर्टिलाइजेशन यानि आईवीएफ तकनीक से मां बनने का निश्चय किया और इस तकनीक के ज़रिये उन्होंने 2008 में तीन बच्चों को एक साथ जन्म दिया। जो हर उस कपल के लिए एक वरदान है जो बढ़ती उम्र या किसी परेशानी से माँ या पिता नहीं बन सकते। फराह का मानना है ये तकनीक उनके लिए वरदान है जिसने उन्हें माँ बनाने का सुख दिया और वो इस तकनीक की हमेशा आभारी रहेगी। इसके अलावा फराह खान समय समय पर इस तकनीक को सपोर्ट करती रहती है ताकि इससे लोगों में अवेर्नेस फैली और उनकी तरह और भी लोगों के जीवन में ये सुख आ सके। हम आपको बता दें तुषार कपूर के बेटे का जन्म भी इस तकनीक से हुआ है।

 


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये