प्यार में उलझते सुलझते रिश्तों की दास्तान ‘क्यूट कमीना’

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कुछ फिल्में अपने नाम और कन्टेन्ट के कारण जिज्ञासा पैदा करती हैं और दर्शक ऐसी स्मॅाल बजट की फिल्मों को देखने के लिए समय निकाल ही लेते हैं। अगर फिल्म कसी हुई स्क्रिप्ट, कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय, मधुर संगीत और अच्छे निर्देशन के साथ परदे पर आती हैं, तो बॉक्स ऑफिस निर्माताओं को निराश नहीं करता और बुलंद हौंसलों के साथ फिल्म की वो टीम फिर से अगले प्रोजेक्ट में जुट जाती है। निर्माता साई वैंकटेश प्रोडक्शन्स, सिमी करमा व एसवी साकरे तथा ए आर फिल्म्स व सेवन फायर फ्लाइज़ के धवल भद्र भानुशाली व अमित रामगोपाल द्वारा प्रस्तुत की जा रही फिल्म ‘क्यूट कमीना’ को भी क्या हम ऐसी फिल्मों की कैटेगिरी में डाल सकते हैं! फिल्म की कहानी पर फोकस करें तो यही पहलू फिल्म को खास बनाता है। फिल्म के हीरो निशांत सिंह हैं, जो भोपाल के अनुराग तिवारी उर्फ बंटी के किरदार को परदे पर उतार रहे हैं। बंटी भोपाली का व्यक्तित्व अपने आप में अनोखा है जिसमें ईमानदारी भी है और कमीनापन भी। वह खुद को तीसमार खां समझता है। आखिर मीठे के साथ नमकीन होना भी तो जरूरी है। हर व्यक्ति नेगेटिव और पॉजि़टिव दोनों पहलुओं के साथ जीता है। यह अलग बात है कि किसी में नेगेटिव शेड ज्यादा हावी हो जाता है और कोई ज्यादा पॉजि़टिव दिखता है।

Kirti Kulhari
Kirti Kulhari

भोपाल के बंटी का एक स्थानीय लड़की की बेरूखी से दिल टूट जाता है और साथ ही अपने पिता द्वारा मिठाई की दुकान पर बैठने और एक हलवाई की बेटी से शादी करने के दबाव से बचने की खातिर वह कुछ करने के इरादे से सपनों की नगरी मुंबई आता है। यहां आकर उसे मालूम पड़ता है कि इस नगरी में तो कमीनों के उस्ताद बैठे हैं इसलिए छोटे शहर की उस्तादी यहां नहीं चलने वाली जो वह भोपाल में दिखाता रहा है। बात आगे बढ़ती है। मुंबई में रह रहे फिल्म राइटर बंटी के मामा उनकी मदद के लिए आगे तो आते हैं, पर वह कर्ज में डूबे हैं। अधकचरी कहानियों पर बनी अधिकांश मुंबईयां फिल्में उन्हें निराश करती हैं और वह यहां खुद को ढाल पाने में असमर्थ दिखते हैं। तभी एक निर्माता उन्हें फिल्म की अच्छी कहानी लिखने के लिए कहता है और वह काम में जुट जाते हैं। जब उन्हें बंटी और अवंतिका नाम की मारवाड़ी लड़की की प्रेम कहानी का पता चलता है, तो वह इसे ही अपनी कहानी का हिस्सा बनाने का फैसला करते हैं। बंटी-अवंतिका की रोमांस लीला के साथ उनकी कलम भी आगे बढ़ती है। अवंतिका का कैरेक्टर प्ले कर रही हैं कीर्ति कुलहारी, जो दिखने में ऐरोगेंट है।

Nishant Singh
Nishant Singh

प्यार के बहाने वह बंटी में अपना फायदा तलाश रही है। यह प्रेम प्रकरण कई रंग दिखाएगा और आखिरकार दोनों को अहसास होगा कि वो प्यार को किस रूप में ले रहे हैं। क्या वे दोनों प्यार को सच्चे दिल से स्वीकार कर पाएंगे! यह तो फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा, लेकिन फिल्म के प्रस्तुतकर्ता धवल भद्रा और अमित रामगोपाल कहते हैं कि हमने फिल्म के एक-एक फ्रेम से संतुष्ट होने के बाद ही फिल्म को प्रेजेंट करने का फैसला किया। इस फिल्म की डायरेक्टर सिमी करमा ने अपने कलाकारों से श्रेष्ठ अभिनय निकलवाया है और इसकी सिचुएशन बिल्कुल रियल दिखती है। हमने युवा कलाकारों को प्रमोट करने का फैसला किया है और उम्मीद करते हैं कि दर्शक भी हमें पूरा सपोर्ट देंगे। फिल्म में पियूष मिश्रा, स्वानंद किरकिरे, बैंजामिन गिलानी और कुबरा सेठ भी अहम भूमिकाओं में हैं। संगीत कृसना सोलो का है और गीत लिखे हैं राजशेखर व पुनीत शर्मा ने।


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Mayapuri

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