बॉलीवुड की इन फिल्मों को सेंसर बोर्ड ने किया बैन… जानिए क्यों

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बॉलीवुड दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म इंडस्ट्रीज में से एक है। यहां पर हर साल कई फिल्में रिलीज होती है उनमें से कुछ ऐसी होती जो सफलता के कदम चूमती है और कुछ ऐसी होती है जिन पर सेंसर बोर्ड द्वारा प्रतिबंध लगा दिया जाता है अब यकिनन उन फिल्मों में कुछ तो ऐसा जरूर होगा जिस वजह से इन फिल्मों पर  बैन लगाया गया। सेंसर बोर्ड की मानें तो इनमें से कुछ फिल्मों के दृश्य अश्लील और भाषा ठीक नहीं होती साथ ही इनमें से कुछ धार्मिक विचारों को ठेस पहुंचाती हैं। शायद इसीलिए इन फिल्मों को हरी की बजाय लाल झंडी दिखा दी गई।

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कामासूत्र- A Tale Of Love 

मीरा नायर द्वारा निर्देशित ये फिल्म अपने अधिक उत्तेजक दृश्यों व अनैतिक संबंधों के कारण भारत के दर्शकों तक नहीं पहुंच पाई। 16वीं शताब्दी पर आधारित यह फिल्म प्रेम पर आधारित थी। हालांकि फिल्म विशेषज्ञों की मानें तो विश्व में इस फिल्म के निर्देशक और कलाकारों के काम की खूब सराहना की गई।

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सिंस 

ये फिल्म केरल के एक साधु की यात्रा की कहानी है जिसे एक महिला से प्यार हो जाता है साथ ही उनके शारीरिक संबंधों को भी इस फिल्म में दर्शाया गया है। कहीं न कहीं ये फिल्म जीवन के एक दूसरे को ही पहलू को दिखाती है। वासना की लालसा और अन्य दृश्यों के कारण व कैथोलिक समुदाय के विरोध के कारण इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

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ब्लैक फाइडे 

ब्लैक फ्राइडे मुम्बई 1993 वर्ष में हुए सीरियल बम धमाकों पर बनाई गई थी और यह फिल्म एक किताब आधारित थी। बताया जाता है कि संवेदनशील विषय और न्यायालय में विचाराधीन मामला होने के कारण फिल्म को न्यायालय का फैसला आने तक रोक लगाई गई थी।

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परज़ानिया 

साल 2002 के गुजरात दंगों पर आधारित इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला बावजूद इसके ये फिल्म सेंसर बोर्ड द्वारा बैन कर दी गई। ये फिल्म नसीरुद्दीन शाह और सारिका अभिनीत पिथावाला परिवार के जीवन पर आधारित सच्ची कहानी है जो अपने खोये हुए बेटे की तलाश में हैं, जो इन दंगों के बाद गायब हो गया था।

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वॉटर 

दीपा मेहता की ये फिल्म हमेशा से ही विवादों से घिरी रही। ये फिल्म एक भारतीय विधवा महिला की जिंदगी पर आधारित थी। इस फिल्म को जाने माने फिल्मकार अनुराग कश्यप ने लिखा था। एक भारतीय विधवा को समाज में किन-किन परिस्थितियों से गुज़रना पड़ता है, ये फ़िल्म उस चीज को बखूबी दर्शाती है। वाराणसी के एक आश्रम में शूट हुई इस फ़िल्म का विषय ज्वलंतशील इसलिए था क्योंकि विधवाओं को समाज से कैसे बहिष्कृत कर दिया जाता है और इस विषय में लोग ज्यादा रूचि भी नहीं दिखाते।

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अनफ्रीडम 

ये फिल्म एक लेस्बियन प्रेम कहानी पर आधारित फिल्म थी। राज अमित कुमार की फिल्म का ट्रेलर एक मैसेज के साथ आया था और इस फ़िल्म को भारत में बैन कर दिया गया है। बताया जाता है कि इस फिल्म में कुछ चिंता के विषय थे, खास तौर पर सेम सेक्स संबंधों और भारत में धार्मिक कट्टरवाद बारे में। विशेषज्ञों का मानना था कि कि यह फिल्म हिंदुओं और मुसलमानों के बीच तनाव को बढ़ावा देगी।

 

 

 

 


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Pankaj Namdev

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