‘अलीगढ़’ सहित इन फिल्मों ने उठाया समलैंगिकता का मुद्दा

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समलैंगिकता हमारे देश में एक ऐसा विषय है जिस पर लोग आसानी से बात करना नहीं चाहते। देशभर में बीते कुछ सालों से इसे लेकर एक बहस भी छिड़ी हुई है कि इसे मान्यता मिलनी चाहिए या नहीं लेकिन अगर समलैंगिक इस लड़ाई में जीतते हैं तो इसका श्रय हमारी फिल्म इंडस्ट्री को भी जाना चाहिए क्योंकि वो हर चीज़ को आसानी से पर्दे पर उतारने में सक्षम है। बॉलीवुड ने अपनी फिल्मों के जरिए इस मुद्दे भी कोने कोने तक पहुंचाया है, समाज का एक अनछुआ पहलू छुने की कोशिश की है। इस हफ्ते बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ‘अलीगढ़’ दस्तक देने जा रही है जिससे एक बार फिर समलैंगिकता का मुद्दा गहरा गया है लेकिन इससे पहले भी कई फिल्में ऐसी बनी है जो इस विषय पर सवाल खड़े करती हैं तो चलिए नज़र ड़ालते हैं ऐसी ही कुछ फिल्मों पर..

Aligarh

अलीगढ़ (2016)

हंसल मेहता की फिल्म ‘अलीगढ़’ समलैंगिकता जैसे विषय पर सोचने पर मजबूर करती है। इस फिल्म में मनोज वाजपेयी ने एक गे प्रोफेसर की भूमिका अदा की हैं। फिल्म ऐसे प्रोफेसर (श्रीनिवास रामचंद्र सिरस) की जिंदगी पर बनी है जिन्हें उनके यौन झुकाव के कारण विश्वविद्यालय ये निलंबित कर दिया गया था और बाद में ये खुदकुशी करने पर मजूबर हो गए।

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मार्गरिटा विद अ स्ट्रा (2014)

ये फिल्म एक सेलेब्रल पल्सी से ग्रस्त लड़की की कहानी है लेकिन उसकी कई इच्छाएं है वो भी बाकी इंसानों की तरह जीना चाहती है। जब उसे पढ़ाई के लिए विदेश भेजा जाता है तो उसे एक लड़की से प्यार हो जाता है। वैसे ये फिल्म समलैंगिक रिश्तों के साथ साथ पारिवारिक रिश्तों को भी साथ लेकर चलती है। शोनाली बोस के निर्देशन में बनी इस फिल्म को समीक्षकों द्वारा काफी सराहा गया।

Dunno Y Na Jaane Kyun

Dunno… Y ना जाने क्यों (2010)

संजय शर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म की स्क्रिनिंग कई अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सवों में की गई। लेकिन सूत्रों की मानें तो किन्ही कारणों से ये फिल्म रिलीज के बाद ही मल्टीप्लेक्सेस से गायब हो गई। इस फिल्म में पर्दे पर पहली बार फर्स्ट गे किस दर्शाई गई थी जिसके बाद ये फिल्म विवादों में घिर गई थी। ये फिल्म कहानी है एक गे मॉडल की जिसे अपने जीवन में कई बार समझौता करना पड़ता है।

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माई ब्रदर निखिल (2005)

ये फिल्म एक ऐसे शख्स की कहानी है जिसे उसके एचआईवी पीड़ित होने पर उसके पिता द्वारा अस्वीकार किया जाता है। जिंदगी के बुरे दौर में उसका साथ देते हैं उसका प्यार, उसके दोस्त और उसकी बहन। फिल्म की कहानी के मुख्य पात्र गे होता है और इस किरदार को फिल्म में अदा किया था संजय सूरी ने और उनकी बहन के किरदार में हैं जूही चावला। इस फिल्म का निर्देशन किया था ओनिर ने।

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गर्लफ्रेंड (2004)

समलैंगिकता पर बनी फिल्म ‘गर्लफ्रेंड’ का भी बड़े स्तर पर विरोध ‌किया गया। ‌इस फिल्म में ईशा कोप्पिकर और अमृता अरोड़ा ने अहम किरदारों में थी। हालांकि ये फिल्म सफलता तो हासिल नहीं कर पाई लेकिन इसने सुर्खियां काफी बटोरी। इस फिल्म का निर्देशन किया था करन राजदान ने।

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फायर (1996)

सन् 1996 में बनी ये फिल्म समलैंगिकता पर बनी सबसे विवादित फिल्म रही। रिलीज से पहले भी और बाद में भी ये फिल्म चर्चाओं में घिरी रही। दीपा मेहता के निर्देशन में बनी इस फिल्म शबाना आजमी और नंदिता दास ने मुख्य भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में दर्शाया गया है कि किस तरह से अपने पति से उपेक्षित दो महिलाएं अपने शारीरिक संबंध बनाती हैं।

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Mayapuri