Farida Jalal को गुस्सा क्यों आता है

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farida jala

मायापुरी अंक 19.1975

हमारे नीति शास्त्र के पंडित एक और बात कह गये हैं कि जब प्रेमिका ना ना करे तो हां हां समझो। यह बात किसी ने समझी हो या नही, नए हीरो तबरेज ने तो अपनी गांठ बांध ली। ज्यों ज्यों उनकी प्रेमिका Farida Jalal ना ना करती गयी वह उसे हां हां समझ कर उनके और निकट आते चले गये। हमनें खुद कई बार फरीदा जलाल से पूछा क्या आप तबरेज से शादी करने जा रही हैं ? यह सवाल सुन कर वह अक्सर बिगड़ पड़ती हैं। भला हमनें कोई डंक मार दिया हो। पर अब क्या कहेंगी जब सचमुच तबरेज के साथ उनकी सगाई हो गयी है। इस बारे में तबरेज की पीठ ठोकनी चाहिए कि वह मैदान में डटा रहे। जब तक ‘जीवन रेखा’ बनती रही वह खुद अपनी जीवन रेखा खींचते चले गये और आखिर उस रेखा के बीच फरीदा जलाल को घेर ही लिया। सुनते हैं इस काम के लिए उन्हें लोहे के चने चबाने पड़े। पर वह भी खूब थे अड़ियाल घोड़े की तरह अड़ गये और कहने लगे लूंगा तो Farida Jalal ही।


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Mayapuri

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