बहुमुखी प्रतिभा के धनी, बाबुल सुप्रियो को उनके जन्मदिन पर बधाई

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सुलेना मजुमदार अरोरा

जिंदगी मे जब सुर और ताल का भावनात्मक मेल, विचारों की सशक्तता को आधार देता है तो जीवन सिर्फ अपने लिये ही नहीं बल्कि समाज के लिये भी कल्याणकारी बन जाता है। प्रसिद्ध गायक और युवा पॉलिटिशियन बाबुल सुप्रियो उन्ही में से एक है जो सुर, ताल और विचारों कि कर्मठता का मेल करके, समाज की उन्नति के लिये कुछ सार्थक कर्म किये जाने में विश्वास रखते हैं। बाबुल सुप्रियो हिंदी, बंगाली और ओरिया फिल्मों के सेंशेनल गायक और एक्टर तो है ही, वे मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर हेवी इंडस्ट्रीज एंड पब्लिक इंटेरप्राइसेस के रूप में भी काफी लोकप्रिय है। उन्होंने सत्तर से भी ज्यादा फिल्मों में प्ले बैक गीत गायें।

बाबुल सुप्रियो को उनके जन्मदिन 15 दिसंबर पर मायापुरी परिवार तथा मायापुरी के लाखों पाठकों की ओर से हार्दिक बधाई देते हुए बात शुरू करते हैं उनके जीवन यात्रा की।

बाबुल का जन्म पश्चिम बंगाल के हुगली नदी के पास स्थित खूबसूरत उत्तर पाड़ा में, श्री सुनील चंद्र बॉरोल तथा श्रीमती सुमित्रा बॉरेल के घर हुआ। वे एक संगीत से जुड़े परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके दादा जी बनिकान्तो एन सी बॉराल, एक जाने-माने गायक और संगीतकार रहे हैं  बचपन से ही संगीतमय माहौल के चलते उन्हें ढेर सारे इंटर स्कूल तथा इंटर कॉलेज म्यूजिक कंपटीशन स्पर्धा में जीत हासिल हुई तथा ऑल इंडिया रेडियो तथा दूरदर्शन में भी अपनी सुमधुर स्वर से गीत गाकर उन्होंने  प्रसिद्धि प्राप्त की। 1983 में वे ऑल इंडिया डॉन बॉस्को म्यूजिक चैंपियन भी बने और 1985 में श्द मोस्ट एनरिचिंग टैलेंट का खिताब भी हासिल किया। कोलकाता यूनिवर्सिटी से बैचलर्स डिग्री इन कॉमर्स प्राप्त करने के पश्चात कुछ समय वे बैंक में भी कार्यरत रहें।

संगीत को अपना फुल टाइम करियर के रूप में चुनने का फैसला करते हुए वे अपना बैंक का बेहतरीन नौकरी त्याग कर बॉलीवुड में आ गए, जहां कल्याण जी ने उन्हें बतौर गायक ब्रेक देते हुए उन्हें लाइव शोज के लिए विदेश भी ले गए। उन्होंने कई संगीतमय वर्ल्ड टूर में शिरकत करके अपनी प्रतिभा का परचम फहराया। अमिताभ बच्चन, आशा भोंसले जैसे दिग्गजों के साथ भी परफॉर्म किया, साथ ही वे लगातार स्टेज शोज में भी लोकप्रिय होते रहे। बॉलीवुड में उन्होंने एक सेनशेनल, कम उम्र के गायक के रूप मे अपना करियर शुरू करते हुए उन्होंने कईं गीत गाये, जैसे, ‘‘जिंदगी चार दिन की, ओ पिया ओ पिया, आज मेरी जिंदगी, कुछ हुआ रे हुआ रे, आती है तो चल, तुम्ही ने मेरी जिंदगी, सुन सजना तेरे बिन, हटा सावन की घटा, तुमसे नहीं कोई प्यार, तेरी मेरी लव स्टोरी, तेरे प्यार ने दीवाना, जिंदगी के फैसले, दिल के बदले दिल, रोक सको तो रोक लो, एक नशा, दिल की बात, आने वाला पल, हम तुम तुम हम, वगैरा। उनके कई गाने बेहद सुपरहिट हुई जैसे, दिल ने दिल को पुकारा (कहो ना प्यार है), परी, परी है एक परी (हंगामा) हम तुम (हम तुम), चंदा चमके (फना), जिंदगी चार दिन की ना रूठो सनम, आज मेरी जिंदगी में पहली पहली बार, इक्का राजा रानी,  मुझे कुछ कहना है, गोविंदा, सर से सरक गयी, आने वाला पल, यह तो मुमकिन नही, सितारों की महफिल, साँसों से साँसों, वगैरा। उन्होंने कई सारे हिट बंगाली फिल्मों में मुख्य  भूमिका भी की, जैसे, ‘ओगो बोधु शुन्दोरी’, ‘चांदेर बाड़ी’ बाबुल द्वारा एंकर्ड टीवी शो, ‘के फॉर किशोर दा’ बेहद सफल और चर्चित म्यूजिकल शो में से गिना जाता है। बालाजी कृत ज्यादातर टीवी सीरियल्स के ओपनिंग थीम गीत बाबुल द्वारा गाये होते है। गीत संगीत में सफलता पाने के साथ साथ वे समाज कल्याण के कार्यों में भी लिप्त होना चाहते थे, सो उन्होंने बतौर भारतीय जनता पार्टी कैंडिडेट फॉर मेम्बर ऑफ पार्लिएमेन्ट, लोक सभा चुनाव जीता, फिर वे नरेंद्र मोदी गवर्नमेंट में यूनियन मिनिस्टर ऑफ स्टेट मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन डेवलपमेंट एंड मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन पॉवर्टी अल्लेविअशन मिनिस्टर बने। वे बतौर यंगेस्ट मिनिस्टर कार्यरत हुए। उसके पश्चात उनका पोर्टफोलियो मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर हैवी इंडस्ट्रीज एंड पब्लिक इंटेरप्राइसेस में परिवर्तित हुआ। इन दिनों वे अपने क्षेत्र मे अपनी कर्मठता की पहचान बने हुए है। बाबुल सुप्रियो की स्पष्टवादिता, उनका कड़ा रुख, सशक्तता, और उनकी दृढ़ संकल्प की प्रतिबद्धता ने उनके पार्टी के हाइकमान नेताओं को खूब प्रसन्न किया। बाबुल कहते हैं, ‘‘मैं उन कमजोर वर्ग के हित में काम करना चाहता हूँ जिनका कोई नहीं सुनता है और वर्षों तक उन्हें नजरअंदाज और अनसुनी किया गया है।’’

उनसे जब पूछा गया, ‘‘आपके पोलिटिकल कमिटमेंट्स के कारण आपका म्यूजिक पैशन को तकलीफ सहन करना पड़ रहा होगा क्योंकि आपके पास म्यूजिक के लिये वक्त नहीं होगा?’’

इसपर वे बोले, ‘‘संगीत मेरी आत्मा है, संगीत मेरा जूनून है, संगीत हमेशा मेरा पहला प्रेम रहेगा, इसमें कोई फर्क नहीं पड़ता की हम कितना ज्यादा बिजी है, हम अपने प्रेम के लिये वक्त निकाल ही लेते है ना??’’ बाबुल कहतें है कि उन्हें पॉलिटिक्स में रहकर जनता के हित के लिए बेहतरीन काम करना है, लेकिन उन्हें डर्टी पॉलिटिक्स से नफरत है। बाबुल अपने गीत संगीत से जुड़े होते हुए अपनी कांस्टिट्यूएन्सी के बेसिक इशूज को मजबूत करने में लगे हुए है, उनका कहना है, ‘‘संगीत मेरे हृदय के करीब है और हमेशा रहेगा लेकिन इस वक्त मेरा फोकस मेरे कांस्टीटूएनसी के लोगों की बरसों से चलती आ रही तकलीफें और शिकायतें दूर करना है।’’

म्यूजिक के क्षेत्र में भी बाबुल कई अच्छे कार्य करने में लगे हैं, उनका कहना है, ‘‘म्यूजिक जगत को सब से बड़ा खतरा उसकी पायरेसी से है, जिसे मैं दूर करने का पुरजोर प्रयत्न करूँगा।’’ हालांकि बतौर सिंगर उनकी पॉपुलैरिटी और ेजंजनतम ने उन्हें एक सशक्त प्लेटफार्म जरूर दिया लेकिन राजनीति में उनके कार्य, उनके मजबूत मनोबल और समाज कल्याण के लिये कुछ करने की अपार इच्छाशक्ति का ही परिणाम है।

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Mayapuri