मूवी रिव्यू: फिल्म ‘एकस्ट्रा आॅर्डिनरी स्टोरी’ ‘सवाल अच्छा लेकिन जवाब साधारण ’

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अभी तक फैशन,माॅडलिंग आदि ग्लैमरस विषयों पर फिल्में बन चुकी ह और उनमें क्या कुछ होता है ये भी विस्तार से बताया गया है । लेकिन मिस इंडिया काॅन्टेस्ट टाइप ग्लेमोरिना कान्टेस्ट पर बनी फिल्म‘ एकस्ट्रा आॅडिनरी स्टोरी’ में शायद पहली बार निर्देशक सुनंदा श्यामल मित्रा ने पर्दे के पीछे के इस कांटेस्ट में होने वाली तैयारियों के अलावा कंपटिशन के तहत क्या कुछ होता है ।
बरसों पहले रितुपर्णा घोश की तम्न्ना मिस ग्लैमोरिना का ताज पहनने की थी । लेकिन इस बीच उसका शाहबाज खान से शारिरिक संबंध हो जाता है । बाद में उसे होने वाला बच्चा उसकी राजदार जया भटटाचार्य संभाल लेती है । रितु मिस इंडिया बन जाती है । अब रितु मिस इंडिया के लिये लड़कियां तैयार करती है । उसका कंपटीटर है जो हमेशा उसे पाना चाहता रहा है । इस बार जो लड़कियां वह चुनती है उनमें हरन कोई किसी किसी दुर्घटना का शिकार है ।लेकिन उन लड़कियों का रितु एक मुकाम तक पहुंचाने के लिये इस कांन्टेस्ट में हिस्सा लेने के योग्य बनाने का प्रयास करती है लेकिन जब शुरू मे ही वे लड़कियां इस काम में कोई दिलचस्पी लेती तो एक दिन गुस्से में रितु उन्हें चले जाने के लिये कह देती है ।

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उसी दौरान उसके यहां एक लड़़की तानिया आती हैं जो पता चलता है कि रितु की लड़की हैं जिसे जया एक अनाथलय में छोड़ गई थी और उसे बाद में एक एन आर आई ने गोद ले लिया था । वो अब इंडिया अपने असली मां बाप को तलाश करने आई थी जो आपनी मां तक पुहंच गई । बाद में वो भी इस कंपटिशन में हिस्सा लेती है । लेकिन बाद में वो लड़की ताज पहनती है जिसे रितु के विरोधी ने अपनी ऐजेन्ट बनाकर उसे रितु के कैंप में भेजा हुआ था ।
फिल्म का कन्टेक्ट अच्छा है जिसे निर्देशक तरीके से नहीं उठा पाता । इसलिये फिल्म कोई प्रभाव छौड़ पाने में असफल साबित होती है । फिल्म में कितनी ही कमियों हैं जैसे कमजोर पटकथा, निर्देशन और अभिनय । फिल्म का संगीत भी अति साधारण है । इन सभी बातें का मिलाकर फिल्म के बारे में कहा जा सकता है कि सवाल अच्छा जवाब साधारण ।

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Mayapuri