मूवी रिव्यू: इतिहास से गुम हुए महान भारतीय वैज्ञानिक का परिचय देती फिल्म

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फिल्म‘ हवाईजादा’
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निर्देशक विभू वीरेन्द्र पुरी द्धारा निर्देशित ‘ हवाईजादा’ देखने के बाद पता चलता है कि अंग्रेजी शासनकाल में कितने ऐसे भारतीयों द्धारा अंजाम दिये गये कारनामे हैं जो अंग्रेजों ने इतिहास में दर्ज ही नहीं होने दिये । शिवकर तलपदे एक ऐसा ही नाम है जिसने 1895 में पहला विमान उड़ाया था लेकिन अंग्रेजो को ये कहां सहन था कि कोई भारतीय चमत्कारी कारनामा कर इतिहास में अमर हो जाये । लिहाजा इस महत्वपूर्ण कारनामें को उन्होंने सख्ती से दबा दिया था ।
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आयुष्मान खुराना यानि षिवकर तलपदे उसके पिता जयंत क्रिपलानी की नजरों में एक बाजारी औरत पल्लवी शारदा यानि सितारा से प्यार करने वाला नकारा युवक है जबकि वास्तव में वो एक तीक्ष्ण बुद्धी साइंटिस्ट है । मिथुन चक्रवर्ती यानि शास्त्री अपने अविष्कार में जुनूनी हद तक खोये हुए ऐसे वैज्ञानिक है जो पुराने ग्रंथो के आधार पर एक ऐसा यंत्र बनना के लिए प्रयासरत हैं जिसमें बैठकर इंसान उड़ सके लेकिन अंग्रेज ऐसा नहीं चाहते इसलिये हमेशा शास्त्री के पीछे पड़े रहते हैं । दरअसल शास्त्री के पास एक पौराणिक किताब है जिसमें विमान बनाने के करीब पांच सो तरीके बताये गये हैं ।
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एक दिन पुस्तक को अंग्रेजो से बचाने के लिये शास्त्री सड़क किनारे सोये हुए शिव की शर्ट में छिपा देते हैं ।बाद में जब वे उससे मिलते हैं तो उन्हें पता चलता है कि शिव हर तरह से उनका साहयक बनने के योग्य है। बाद में पिता द्धारा घर से निकाल दिए जाने के बाद शिव पूरी तरह शास्त्री के साथ विमान बनाने में लग जाता है । और एक दिन वे मानवरहित विमान बनाने में सफल हो जाते हैं लेकिन वो विमान कुछ देर उड़ने के बाद गिर जाता है ।बाद में शास्त्री के मरने के बाद शिव किसी तरह दौबारा विमान बनाता है और इस बार वह खुद और अपनी प्रेमिका को बैठा कर विमान उड़ाने में सफल रहता है । लेकिन अंग्रेजो ने इस अविष्कार को कभी बाहर नहीं आने दिया ।
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बताया जाता है कि शिव तलपदे द्धारा बनाये गये विमान के आठ साल बाद राइट बंधूओं ने विमान बनाया था और बाद में उन्हें ही दुनिया का पहला विमान बनाने वाले घोषित किया था । जबकि वास्तव में दुनिया का पहला विमान बनाने वाला एक भारतीय था । जंहा तक फिल्म की बात की जाये तो निर्देशक विभू ने उस दौर को दिखाने में बहुत मेहनत की है और उसकी मेहनत फिल्म में दिखाई देती है । फिल्म की फोटोग्राफी बहुत अच्छी है । फिल्म में कई संगीतकार है लेकिन विशाल भारद्वाज द्धारा कंपोज किया गया गीत तथा स्वंय आयुष्मान द्धारा गाया और कंपोज किया गया गीत बेहतर बने है । मिथुन चक्रवर्ती एक जुनूनी वैज्ञानिक के तौर पर बेहतरीन काम कर गये है वहीं आयुष्मान खुराना एक बार फिर साबित करते हैं कि वे भी बहुत अच्छे अदाकार है कई दृश्यों में उनके चेहरे के भाव देखते बनते हैं । नई लड़की पल्लवी शारदा खूबसूरत होने के साथ टेलेंटेड भी है । छोटे बच्चे नमन जैन और जंयत क्रिपलानी अच्छे सहयोगी कलाकार साबित हुए। अंत में ये कहने में कोई हिचक नहीं कि हवाईजादा बड़ी शाइस्तगी से इतिहास में गुम हुए महान भारतीय वैज्ञानिक का परिचय करवाती है । फिल्म को पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार ने टेैक्स फ्रि घोषित कर दिया है ।


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