मूवी रिव्यू: फिल्म‘ मिस्टर एक्स’ मि़ एक्स भी किसिंग किलर

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इसमें कोई दो राय नहीं कि विक्रम भट्ट थ्रीडी में पूरी तरह एक्सपर्ट हो चुके है । लेकिन उनकी फिल्मों में थ्री के अलावा और कुछ नहीं होता । उनकी ताजा फिल्म ‘ मिस्टर एक्स’ इस बात का ताजा उदाहरण है ।

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इमरान हाशमी और अमायरा दस्तूर एटीडी डिपार्टमेंट में काम करते है दोनों एक दूसरे से प्रेम करते हैं और जल्द षादी करने वाले हैं लेकिन षादी से एक दिन पहले इनका बाॅस अरूणोदय सिंह इन्हें एक इमरजेंसी के लिये बुलाता है और बताता है कि कोई चीफ मिनिस्टर को मारना चाहता है । लेकिन दोनों ही इस केस में वे एक तय शुदा साजिश के शिकार हो जाते हैं । बाद में ऐसा कुछ होता है कि इमरान हाशमी एक कैमिकल के सदके गायब होने की ताकत हासिल कर लेता है ।  और अब वो अपने खिलाफ साजिश रचने वालों से बदला लेने के लिये तैयार हैं लेकिन कानून हाथ में लेने के लिये उसकी प्रेमिका उसके खिलाफ हो जाती है। बाद में इमरान किस प्रकार अपने खिलाफ साजिश रचने वालों को दुनिया और कानून के सामने लाने में सफल होता है ।
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भट्ट कैंप की फिल्म हैं तो फिर उसमें लाॅजिक ढूंढना बेकार होगा । फिल्म का हीरो इमरान है तो डेफिनेटली किसिंग सीन भी होगें । बेशक इमरान एक्सिडेंट के बाद गायब होने लगता है लेकिन किस वो फिर भी कर सकता है । और करता रहता है चाहे हीरोइन बैड पर हो या बेशक नहा रही हो ।फिल्म के स्पेषल इफेक्ट्स बढि़या हैं उन पर काफी पैसा खर्च किया है तथा जैसा कि बताया जा चुका है कि थ्रीडी के विकृम भट्ट अब एक्पर्ट हो चके हैं ।

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लिहाजा इन दोनो विधाओं पर पैसा खर्च किया गया है लेकिन इस बार न तो कहानी में कोई चार्म हैं और न ही अभिनय में । इमरान हाशमी हमेशा की तरह टाइप्ड है । उनमें न तो उत्साह दिखाई देता और न ही एक्साइटमेन्ट । अमायरा दस्तूर को देखकर सोनाली बेंद्रे की याद आती है । लेकिन वो पुलिस वाली कम  माॅडल ज्यादा लगती हैं । अभिनय में उसे अभी काफी मेहनत करनी होगी । इस बार अरूणोदय सिंह नेगेटिव किरदार में हैं लेकिन उसकी लंबी चौड़ी पर्सनेलिटी के सामने इमरान बच्चा दिखाई देता है एक्शन दृश्यों में साफ दिखाई देता है कि अरूणादय जानबूझकर इमरान से मार खा रहा है ।

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वैसे भी अरूणोदय सिंह विलन नहीं लगते ।बाकी सहयोगी आर्टिस्ट भी ठीक रहे ।फिल्म के संगीत की बात की जाये तो अकिंत तिवारी भी अब अपने आपको दौहराने लगे है । या उनसे उससे उसके हिट गीतों को दोहराने की मांग की जाती है । हमेशा की तरह  गलैमर के लिये इस फिल्म में भी विदेशी लोकेशसं हैं ।  भट्ट कैप की फिल्में या ता हिट होती हैं या फ्लाप  लेकिन इस फिल्म को एवरेज कहा जा सकता है ।


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Mayapuri

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