मूवी रिव्यू: फिल्म ‘पैसा हो पैसा’ हास्य भरे मनोरंजन से भरपूर

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माया क्रियेशसं द्धारा निर्मित तथा मुक्ता सुंदर द्धारा निर्देशित फिल्म‘ पैसा हो पैसा ’ साउथ की डब फिल्म है । ढेर सारे पैसे को लेकर फिल्म में शुरू से अंत तक जो मारामारी दिखाई गई हैं, वो खासकर बच्चों को शुरू से अंत तक हंसाते हुए लोटपोट करने में पूरी तरह सक्षम है ।
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ध्रुव भंडारी और मडाल्सा तथा उनके कॉलेज के दोस्तों में एक दोस्त को कॉलेज की लेबोट्री में एक ऐसा रसायन मिल जाता है जिसके छिड़कने से कुछ भी दिखाई देना बंद हो जाता है। उसी दौरान उन्हें पता चलता है कि एक दौलत मंद औरत कनिष्का सोनी के पास अपार दौलत हैं लिहाजा वे उस दौलत को कब्जाने के लिये उस गायब होने वाले रसायन का इस्तेमाल कर करीब पांच हजार करोड़ साफ कर देते हैं । ये केस कमिश्नर सीबीआई ऑफिसर विवेक एन्थोनी को दे देता हैं । विवेक किसी तरह पता लगा लेता है कि उस पैसे के साथ कुछ लड़के और एक लड़की एक गाड़ी में गोवा की तरफ जा रहे हैं । वो उनका पीछा करता है लेकिन कनिष्का की सचिव एक गैंग को भी उस पैसे के बारे में बता देती है तो वे भी उस पैसे के पीछे लग जाते हैं । अंत में वो पैसा किस तरह वापस मिलता है, ये फिल्म में ही देखना बेहतर होगा ।
पैसा हो पैसा बेषक एक डब फिल्म है बावजूद इसके वो बच्चों के साथ बड़ो को भी हंसाने में पूरी तरह कामयाब है । कॉमेडीयन साउथ एक्टर विवेक एन्थोनी के कंधों पर पूरी फिल्म है और उन्होंने ये जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से उठाई है। इसीलिये विवेक एन्थोनी और उसकी टीम अपने कारनामों से दर्षक का मनोरजंन करने में सफल है । धु्व भडांरी मडाल्सा के हिस्से में गाने और रोमांस करना ही आया है । हिन्दी फिल्मों की चरित्र अभिनेत्री शीला डेविड की बेटी मडाल्सा का डेब्यु राजश्री की जासूसी फिल्म से हुआ था लेकिन वो फिल्म नहीं चल पाई । इसके बाद वो साउथ चली गई । इस फिल्म की पब्लिसिटी में वो शामिल नहीं हुई । इसके लिये कुछ लोगों का कहना है कि फिल्म में उससे ज्यादा फुटेज कनिष्का सोनी को मिली इस बात से वो नाराज थी । फिल्म देखने के बाद भी ये बात एक हद तक साबित होती है । फिल्म ज्यादातर रोड़ जर्नी है लेकिन वो जर्नी हास्य भरे मनोरंजन से भरपूर है ।


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Mayapuri

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