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रिव्यूज

रिव्यु – फिल्म ‘जैड प्लस’

राजनीति का आइना धारावाहिक चाणक्य तथा पिंजर जैसी फिल्म के सर्जक डा़ चंद्रप्रकाश दिवेद्वी ने इस बार अपनी फिल्म ‘जैड प्लस’में दिखाया कि राजनीति की उठा पटक में किस प्रकार एक गांव का गरीब पंचर लगाने वाला फंसता है । आदिल हुसॅन राजस्थान के…
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रिव्यु – फिल्म‘ हम हैं तीन खुरापाती’

लाइटमैन से निर्देशक बनने की खुरापात निर्देशन एक ऐसी विधा है जिसमें दूरदर्शिता,आर्ब्जवेशन,गहनता तथा विषय को आकार देने की क्षमता होनी चाहिये । कोई भी उठकर सीधे निर्देशक नहीं बन सकता ।लाइटमैन से सीधे निर्देशक बने राजेश्वर चौहान ने कैसी…
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फिल्म ‘मनी बैक गॉरंटी’ – हल्की फुल्की कॉमेडी

स्टैंडअप कॉमेडियन सुनील पाल इससे पहले फिल्म ‘ भावनाओं को समझो’ में अपने हाथ जला चुके हैं। उनकी दूसरी फिल्म‘ मनी बैक गॉरंटी’ उनकी इमेज को मैच करती कॉमेडी इमोशनल फिल्म है । टेक्सी चालक सुनील पाल एक ऐसा गरीब आदमी है जिसके सिर पर मां और…
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रिव्यु – फिल्म ‘ टीटू एम बी ए’- औसत दर्जे की फिल्म

छोटे बजट की फिल्मों की विडंबना ये हैं कि ये फिल्में बन तो जाती है लेकिन इनकी मार्केटिंग नहीं हो पाती । इसलिये ये न तो सही तरह से रिलीज हो पाती हैं न ही इनकी पब्लिसिटी हो पाती हैं । कई बार ऐसी कमजोरियों के तहत अच्छी फिल्में भी आम दर्शक तक…
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रिव्यु – फिल्म ‘ विट्टी बांबू’ (गिल्ली डंडा) मराठी

प्रभाशाली ढंग से अपनी बात कहती फिल्म इसमें कोई शक नहीं कि आज मराठी फिल्मों का अच्छा दौर चल रहा है। इन दिनों मराठी फिल्मों में अच्छी कहानियां और बढि़या अभिनय प्रमुखता से लिया जाता है । गशेष कदम द्धारा निर्देशित मराठी फिल्म ‘ विट्टी बांबू’…
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रिव्यु – फिल्म‘ हैप्पी एडिंग’- मल्टी प्लक्स के दर्शकों के लिये

कुछ फिल्में ऐसी होती है जिनमें सब कुछ देखा देखा सा लगता है फिर भी अच्छा लगता है। सैफ अली खान द्धारा निर्मित ‘ हैप्पी एंडिंग’ कुछ ऐसी ही फिल्म है । जिसे देखते हुये दर्शक एंजॉय तो करता है लेकिन पता नहीं क्यों उसे ये अभास होता रहता है कि ये…
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रिव्यु – फिल्म “किल दिल” नई बोतल पुरानी शराब

एक वक्त था जब हमारी हिन्दी फिल्मों में मेलो का ड्रामा चलता था लेकिन कितनी ही बार दोहराई जा चुकी इस कहानी को निर्देशक शाद अली ने फिल्म “ किल दिल” नई प्रस्तुति, नये क्लेवर के साथ खूबसूरती से परोसा है । भैया जी यानि गोविंदा का रिश्ता…
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रिव्यु – फिल्म‘ द शौकीन्स’

सौ करोड़ क्लब तक पहुंचना मुश्किल अभिषेक शर्मा द्धारा निर्देर्शित तथा तिग्मांषू धूलिया और साई कबीर द्धारा लिखित फिल्म ‘द शौकीन्स’ ओरीजनल शौकीन का सिर्फ नाम ही भुना पाई है वरना ओरीजनल के ये आस पास भी नहीं ठहर पाती । फिल्म में बढ़िया…
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रिव्यु – फिल्म ‘रंग रसिया’

कला का बेजोड़ नमूना मिर्च मसाला, मंगल पांडे जैसी लीक से हटकर फिल्में बनाने वाले निर्देषक केतन मेहता ने करीब पांच साल पहले रंजीत देसाई के उपन्यास राजा रवि वर्मा पर फिल्म बनाने का बीड़ा उठाया था। लेकिन बाद में फिल्म अपने विषय को लेकर…
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रिव्यु- फिल्म “रंग रसिया”

कला का बेजोड़ नमूना मिर्च मसाला, मंगल पांडे जैसी लीक से हटकर फिल्में बनाने वाले लेचाक निर्देशक केतन मेहता ने करीब पांच साल पहले रंजीत देसाई के उपन्यास राजा रवि वर्मा पर फिल्म बनाने का बीड़ा उठाया था। लेकिन बाद में फिल्म अपने विशय को…
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