सीबीआई सुशांत सिंह राजपूत मामले में अपनी गहरी जांच में है।

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Kangana Ranaut Shatrughan Sinha

-अली पीटर जाॅन

उच्चतम न्यायालय द्वारा सुशांत सिंह राजपूत मामले में सीबीआई को जांच करने के लिए कहने के कुछ ही घंटे बाद, जांचकर्ताओं की एक बड़ी टीम ने मुंबई पर घेरा डाला और पूरी गंभीरता के साथ काम करने लगी। पिछले एक सप्ताह से व्यापक पूछताछ चल रही है और देश भर के लोग बातेड ब्रेथ के साथ परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।

लेकिन अन्य जगहों पर, विशेष रूप से सोशल मीडिया में जांच पहले से ही राजनेताओं, टीवी एंकरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बहस और चर्चाएं हो रही है और कहानी पर उनके विचारों और निर्णयों को प्रसारित कर रही है जो लगभग हर दिन सुर्खियां बटोर रहा है और देश में महामारी, देश में आर्थिक स्थिति, बढ़ते बेरोजगारी संकट और मामलों के सामान्य कुप्रबंधन से मीडिया में अधिक जगह दी जा रही है जो देश में एक विकट स्थिति पैदा कर रहे हैं।

कुछ प्रमुख अभियोजक हैं और उनमें से एक कंगना रनौत हैं, जो मुंबई में फिल्म उद्योग कोबेनकाबकरने का कोई अवसर नहीं छोड़ रही हैं, वह एंकर जो टेलीविजन पर अधिकतम शोर करता है और अभी भी उथला और खोखला लगता है, अर्नब गोस्वामी, अन्य एंकर, सुधीर चौधरी, अंजना ओम कश्यप और कई अन्य छोटे एंकर सैकड़ों अन्य चैनलों में शोर करते हैं। और अगर कोई एक राजनेता है जो सुशांत सिंह राजपूत मामले पर ध्यान केंद्रित करने के लिए देश के सामने आने वाली अन्य समस्याओं को आसानी से भूल गया है और वास्तव में इस मामले में अपना निर्णय पारित कर दिया है क्योंकि उनका मानना है कि वह मामले के बारे में हर छोटी डिटेल जानते है, यह डॉ.सुब्रमण्यम स्वामी है। इस प्रकार के अभियोग कैसे और कहाँ समाप्त होंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। वास्तव में हर घर में, हर कोने में और हर शहर में और हर गाँव में हर चौक पर एक अदालत बैठाकर चर्चा कर रही है और अपने निष्कर्षों (?) पर केस तय कर रही है। इस बीच, फिल्म उद्योग को सभी प्रकार के सामाजिक तत्वों द्वारा लगातार पीटा जा रहा है, धमकाया जा रहा है और उन्हें रोका जा रहा है।

महेश भट्ट की कमबैक फिल्मसड़क 2’ के ट्रेलर के खिलाफ कुछ आलोचकों ने जिस तरह की आलोचना की है, उससे पहलीसजादेखी जा सकती है जिसमे उनकी दो बेटियां, पूजा भट्ट और आलिया भट्ट अभिनीत, संजय दत्त और आदित्य रॉय कपूर की भूमिका, जो सुशांत के लिए पहली पेशकश थी जिसने इसे ठुकरा दिया था और महेश और उनके भाई मुकेश भट्ट दोनों को गुस्सा आया था, जो कई लोगों का मानना है कि सुशांत के खिलाफ किसी तरह के युद्ध की शुरूआत थी जिसे कई लोगबॉलीवुड का माफियाकहते हैं। ट्रेलर को लाखों की संख्या में डिसलाईक्स या भद्दे कमेंट्स मिले हैं, जैसा कि उन्हें कहा जा सकता है। अन्य आलोचक हैं जो ट्रेलर के खिलाफ हो गए हैं और मुझे कई अन्य वास्तविक और इतने वास्तविक आलोचकों का पता नहीं है कि फिल्म को पैन करने की योजना बनाते समय 28 अगस्त को ओटीटी प्लेटफार्मों पर रिलीज किया जाता है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जारी की गई दूसरी, ‘गुंजन सक्सेना कारगिल गर्लको भी सबसे कड़वी और कड़ी आलोचना मिली है और ऐसा कहा जाता है कि आलोचना इसलिए होती है क्योंकि प्रमुख महिला जाह्नवी कपूर हैं जो सेना के अनुसार बॉलीवुड के खिलाफ युद्ध छेड़ रही हैं।

यह उस समय की बहुत खराब शुरूआत प्रतीत होती है जो केवल मुंबई में उद्योग के मामलों की स्थिति को खराब कर सकता है।

जिस तरह से चीजें हैं। और जिस तरह का माहौल गुस्से, संदेह, आकांक्षाओं और सरासर नफरत से बना है वह एक ऐसा समय है जो पहले कभी नहीं हुआ और मुझे आश्चर्य है कि क्या आने वाले समय में इंडस्ट्री वही इंडस्ट्री होगी।

अनुछवि शर्मा


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