हिट फिल्मों की दास्तान अब्बास मस्तान – चच्चा फिल्मी

1 min


10676288_858337187510498_9021466520088011997_nचच्चा फिल्मी के पास एक बाबा आदम के जमाने की फियेट कार है। जो मिट्टी और जंग से इस कदर बदरंग हो चुकी है कि कार का मॉडल या नम्बर जानने के लिए बरसों लग जायें। आज सुबह लुंगी पहने चच्चा फिल्मी को अपनी उस ऐतिहासिक कार को धोते देखा तो मेरा माथा ठनका। मुझसे रहा नहीं गया और खुरापाती लेखक की तरह चच्चा की बाल्टी में से लोटा पानी लेने चला गया। ‘‘क्या बात है चच्चा… इतनी सफाई अगर चच्ची की करवाते तो वो कैटरीना कैफ लगने लगती।’’ मैंने चच्चा को पहला डोज़ दिया।

‘‘लाहौल विला कुव्वत…नामुराद..घिसे टायर से पिचके लेखक..तू मेरी महबूबा कार को मेरी बेगम से मिला रहा है। अरे बेटा, कहां ये मेरी जाने जिगर और कहां वो खांसती कराहती बेगम..तुम भी ना बेकार की ठडाने लगे हो मियां।’’ चच्चा फिल्मी बड़े प्यार से कार के टूटे शीशे को निहारते हुए कुलबुलाए।
‘‘पर आज इस कार का ख्याल कैसे आ गया..कबाड़ी को बेचने का इरादा है क्या?’’ मैंने चच्चा से पूछा।
‘‘नहीं मियां…कबाड़ी को तो बेगम का भाव पता करने को बुलाया है। यह कार तो अब्बास मस्तान ने उधार मांगी है।’’ चच्चा अपनी मिचमिची आंखों को फड़फड़ा कर पिनपिनाए।
‘‘क्या? कैसी बात करते हो चच्चा.. अब्बास मस्तान को तुम्हारी इस कब्र में पड़ी कार से क्या लेना देना?’’ मैंने चच्चा को कुरदते हुए पूछा।
चच्चा फिल्मी 12 इंच की छाती फुलाकर फुनफनाए, ‘‘अरे.. वो मेरे फुफेरे भाई हैं। वो तो मैं चच्ची के चक्कर में मुंबई से दूर झूमरी तलैया में आकर बस गया वर्ना आज उनके साथ बैठा फिल्में फायनैसवां रहा होता।’’
‘‘क्यों सुबह सुबह बदहजमी छोड़ रहे हो चच्चा? अब्बास मस्तान कब से तुम्हारे भाई हो गये? वो तो शायद तुम्हें जानते भी ना होंगे?’’ मैंने चच्चा की बात पर तमतमा कर कहा।

‘‘लो कल्ल लो बात, अग्निकाल से लेकर रेस टू तक हर फिल्म मेरे से डिस्कस करके बनाई है उन्होंने। सन एंड सैंड की पांचवी मंजिल पर वो परमानेंट रूम भी मेरे नाम से ही बुक है, जहां वो स्टोरी डिस्कस करते हैं। मैंने ही शाहरुख की सिफारिश की थी कि नया छोरा है ले लो.. बाजीगर में ले लिया.. अक्षय कुमार तो आज भी मेरे नाम का कलमा पड़ता है क्योंकि मैं उसे अब्बास भाई के पास ले गया। और दनदना दिया कि भाई… इसे खिलाड़ी बनाना है। पंजाबी मुण्डा है। बस देख लो.. खिलाड़ी, अजनबी, हमराज, ऐतराज, 36 चाइना टाउन, कहां कहां नहीं फिट हुआ अक्षय…प्लेयर्स के वक्त तो मैंने ताश के पतों पर एड करवाई थी। अब रेस 3 के लिए मेरी कार मांगी है.. सो तुम अब फूट लो.. वो आते ही होंगे…मुझे चमका कर.. नहला कर… कार देनी है।’’ चच्चा अपनी झौंक में कुलबुलाते रहे।
चच्चा फिल्मी का अब्बास मस्तान से रिश्ता हो ना हो पर दर्शकों से उनका बहुत प्यारा रिश्ता है। वो बेहद टेलेंटेड डायरेक्टर हैं। उनकी फिल्में हॉलीवुड से टक्कर लेती हैं। कपिल शर्मा के साथ उनकी आने वाली फिल्म ‘‘किस किसको प्यार करूं’’ भी ऐसा ही सफल इतिहास बनायेगी जैसा उनकी हर फिल्म ने बनाया है।

(लेखक हरविन्द्र मांकड़)


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये