“फरहा खान को नचाना है” – चच्चा फिल्मी

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farha khan

कहते हैं कि औरत की उंगलियों पर बड़े-बड़े फन्ने खां नाचने पर मजबूर हो। जाते हैं। फिर भला चच्चा फिल्मी किस खेत की मूली है। चच्ची उनको चालीस साल से अपनी चीची उंगली पर नचा रही है। पर चच्चा फिल्मी ठहरे खालिस फिल्मी कीड़े.. वो जब तक किसी फिल्मी कन्या की उंगली पर ता ता थैया ना कर लें उन्हें पान हजम नहीं होता है। आज सुबह सुबह उनको फरहा खान की फोटो लिये देखा तो हैरान रह गया। क्योंकि अक्सर वो हीरोइनों के फोटो तकिए के नीचे कुचलते रहे हैं। अब भला वो फरहा खान से क्या उम्मीद करते हैं?

“राइटर की दुम!! बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद.. और तू क्या जाने फरहा खान का कमाल.. कितने सालों से फिल्मी तितलियों को अपने इशारों पर नचा रही हैं।“ चच्चा फिल्मी फटे बॉस सा चरमराये “और एक साथ तीन बच्चों को दुनिया में लाकर भी उसने कमाल किया है। अब तो डायरेक्टर बन गई। बड़े बड़े सुपरस्टार उसके इशारों पर एक्शन करते है।“
“पर चच्चा..वो तो मैं भी जानता हूं पर तुम इतने खुश क्यों हो रहे हो? तुम्हें भी अपनी फिल्म में ले लिया क्या? मैनें रूमाल से अपने माथे का पसीना पौंछते हुये कहा।

“लो कल्लो लो बात.. अरे मैं उसे अपनी फिल्म में ले रहा हूं। एज हीरोइन विद चच्चा फिल्मी.. चच्चा पान सनी खीसें निपोरते हुये बिलबिलाए।
“क्यों खुली आंखो से मुंगरी लाल के हसीन सपने देख रहे हो चच्चा, वो तुम्हारी फिल्म क्यों करेगी और वो भी एज हीरोइन ?” मैनें खीझ कर कहा।
“बोमन ईरानी के साथ कर सकती है तो मेरे में क्या कीड़े पड़े हैं। अरे वो आज तक सबको नचाती आई है। मैं अपनी फिल्म में उसको नचाऊंगा.. ब्रेक डांस करवाऊंगा।“ चच्चा फिल्मी टूटे दांतो से हवा छोड़ते बगबगाए।

“चच्चा, रहने दो, वो तो तुम्हें जानती तक नहीं है।“ मैनें आखिरी तीर छोड़ते हुये कहा।

“खामोश!!! टूटी कलम से राइटर, वो.. वो मुझे नही जानती.. मुझे.. अरे उसे ता ता थैया करना किसने सिखाया.. मैनें.. उसे डांस डायरेक्टर से फिल्म डायरेक्टर किसने बनाया.. मैनें.. ओम शांति ओम.. यह मैनें नाम दिया था। उसको नये साल का मैसेज भेजा.. हैप्पी न्यू ईयर.. उसको इतना पसंद आया कि फिल्म बना डाली.. बेटा.. आज वो जो भी है ना चच्चा कि वजह से है.. तू तवे पे भिन्डी सा फ्राई होता रहियो.. मैं उसे हीरोइन भी बनाऊंगा और नचाऊंगा भी।“

चच्चा बिलबिलाते फरहा खान की फोटो को लहराते दफा हो गये।
मैं मुस्कुरा भर दिया। क्योंकि फरहा खान ने आज जो भी मुकाम हासिल किया है वो कड़ी मेहनत व लगन से हासिल किया है। वो एक सच्ची व सीधी लड़की है पर अपनी काबिलियत के बल पर आज नंबर बन डायरेक्टर बनी है। अब चच्चा फिल्मी कुछ भी कहें, सारी दुनिया फरहा खान की दीवानी है और आते सालों तक उसको सफलता के नये मुकाम मिलते रहेंगे!

                                                                        (लेखक हरविन्द्र मांकड़)


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