मेरे हाथों में रेखा की रेखा है – चच्चा फिल्मी

1 min


Rekha_Wallpaper_8_sjnlf_Indya101(dot)com

तंदूर की जली रोटी हो, या फंफूदी लगा पनीर, लोग खाने से पहले दस बार सोचते है। जब बाजार में चॉकलेट, ब्राउन ब्रेड, पिज्जा और बर्गर आराम से मिलें तो कोई ऐसी बासी चीजें क्यों खाना चाहेगा।

आप हैरान ना हों। बेशक परेशान भी ना हों। क्योंकि मैं ना तो लिखना छोड़कर शैफ बनने जा रहा हूं, ना ही मेरी बीवी जली-कटी रोटी बनाती है। दरअसल चच्चा फिल्मी ने मेरा दिमाग जड़ से हिला दिया है। वैसे तो उनकी दीवानगी के कारण आधा मौहल्ला उनसे परहेज करता है। लोग उनसे ऐसे मुंह फेर के निकलते हैं मानों चच्चा फिल्मी ना हों, जुकाम हो।

आज सुबह मैं गलती से पार्क में चला गया। मुश्किल से एक चक्कर भी ना काटा होगा कि सामने से झूलते-झालते देवानंद स्टाइल में छड़ी घुमाते चच्चा फिल्मी टकर गये। बड़े खुश… मानो कैटरीना कैफ ने उन्हें चाय पर बुलाया हो।

‘क्या बात है चच्चा, इतनी सुबह पार्क में?  वो भी खड़खड़ाती हड्डियों के साथ जॉगिंग कर रहे हो?  एक आध हड्डी गिर-गिरा गई तो बाजार में आपके मॉडल की मिलेगी भी नही। मैंने अपनी सुबह की सैर का सत्यानाश होते देख जली पर केरोसीन उल्टा।

‘बॉडी बना रहा हूं बर्खुरदार, शादी करने जा रहा हूं चच्चा आपने पोपले मुंह में जुगाली करते हुए बकबकाए।

मैं हैरान हो गया चेहरे पर ब्लैक एण्ड व्हाइट कलर टीवी की स्क्रीन की तरह रंग हो गया। चच्चा फिल्मी और इस उम्र में शादी?

‘अमां, कल ही पता लगा मुझे कि मेरी हथेली की रेखाओं में रेखा का नाम लिखा है। बस भेज दिया पैगाम। अब तो रेखा के साथ निकाह पढ़ना है बस्स। ‘चच्चा ने अपनी दम तोड़ती मूछों को उमेठने की असफल कोशिश करते हुए कहा।

“पर चच्चा, रेखा आपसे शादी क्यों करेगी। वो भी इस उम्र में?”

rekhaumraojaan
“लाहौल विला कुव्वत, क्या हुआ है मेरी उम्र को… अरे मेरे को तो प्रियंका चोपड़ा, सोनम कपूर कैटरीना कैफ तक के पैगाम आ चुके है। वो तो मैंने मना कर दिया। बल्कि ‘खूबसूरत’ फिल्म में फवाद खान की जगह मुझे ले रही थी सोनम.. परिणीति ने तो बाकायदा ‘दावत इश्क’ दे डाली मुझे।“

चच्चा अपना 20 इंच का पिलपिलाया सीना फुलाते हुए फुसफुसाये। अब मैं चच्चा से क्या कहता। रेखा से शादी चाहने और करने वालों की लम्बी फेहरिस्त है। किरण कुमार, विनोद मेहरा, अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, मुकेश भाई… वो सब तो कामयाब हो नही पाये। फिर वक्त ने रेखा को थोड़ा पीछे कर दिया है। वो आजकल फिल्मों में भी दिखाई नही दे रही है। पर चच्चा फिल्मी को कौन समझाये। जली रोटी और बासी पनीर इस उम्र में उनको हज्म नही होगा। हाथ की रेखा यदि फिल्मी रेखा ने देख ली तो ना हाथ रहेगा ना उसकी रेखाएं…बस। चच्चा रह जायेंगे। किसी नई हीरोइन को प्रपोज करते।

                                                                             (लेखक हरविन्द्र मांकड़)


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये