बॉलीवुड के वेटेरन एक्टर विश्वजीत एक तपस्या है

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vishwajeet

यह लेख दिनांक 8-9-1985 मायापुरी के पुराने अंक 572 से लिया गया है 

सेठ स्टुडियो में निर्मातानिर्देशक केतन देसाई की फिल्अल्लाह रखाकी शूटिंग पर जैकी श्रॉफ, मीनाक्षी शेषाद्री, अनुपम खेर, गुलशन ग्रोवर, बिन्दु आदि के साथ विश्वजीत को देखा तो याद आया कि हमने कुछ ही दिन पहले एक अखबार में पढ़ा था कि पहली बार मुंबई में विश्वजीत नाईट का आयोजन और हैरानी हुई क्योंकि स्टेज पर विश्वजीत पहली बार गायक के रूप में पेश होने वाले थे, आज उनसे आमनासामना होते ही मैंने पूछाकैसा रहा आपका शो?” तो वे बोलेभारी वर्षा के कारण कैन्सिल किया गया लेकिन जल्द ही करेंगे

छाया मेहता

यदि संजीव कूमार बीमार होते तो निश्चित विश्वजीत का यह रोल वह अदा करते

Vishwajeet

अचानक ही संगीत में रस लेने का कारण क्‍या रहा?

मेरे पूछने पर वे बोलेकिसने कहा कि मुझे अचानक ही संगीत में रस पैदा हुआमैं तो शुरू से ही संगीत प्रेमी रहा हूँ और गाता रहा हूँ, स्टेज शो मुंबई में पहली बार कर रहा हूँ। बाकि कोलकत्ता और अन्य जगह मैंने कई शोज किए हैं, एब्रॉड भी कई बार गया हूँ शो के लिए और बँगाली भाषा में मेरे कई प्राइवेट एल.पी. रिकार्ड भी बने हैं।

“संगीत की तालीम भी ली है आपने” 

 नहीं, सिर्फ सुन सुनकर सीखा हूँ, कोई शास्त्रीय तालीम नहीं ली है,

एक गायक के लिए शास्त्रीय संगीत की तालीम लेना जरूरी है ऐसा नहीं लगता आपको ?”

हाँ, एक गायक के लिए शास्त्रीय संगीत का ज्ञान होना बहुत ही जरूरी है, लेकिन मुझे गायक ही नहीं बनना है , फिल् भी बनाऊँ एक्टिंग भी करू तो शास्त्रीय संगीत की तालीम के लिए समय कहाँ रहेगा। और संगीत का ज्ञान हासिल करने का मतलब है साधना करना, वह एक तपस्या है कोई मजाक नहीं है, और मुझे मालूम है कि मैं वह नहीं कर सकताइसलिए जब भी मैं स्टेज पर गाता हूँ अपनी ही फिल्मों के कुछ हिट गाने गाता हूँ, और हँसते हुए बोले-“आय एम मॉडर्न सिगंर”  

“आपने फिल्मों के लिए भी गाया है?

हाँ अपनी कई बंगाली फिल्मों में गाया है मैंने

किसी और के लिए प्ले बैक देने की स्थिति भी आई है? 

हाँ, एक फिल्म में मैंने प्लेबैक दिया था,  “स्टेज पर गाने का मकसद सिर्फ अपने शौक की पूर्ति करना है या कोई मेरी बात को बीच से ही काटते हुए।मैंने आज तक कमर्शियल शो नहीं किए हैं, जितने भी शो किए हैं सभी चैरिटी शोज ही किए हैं, यही इस बात को साबित करता है कि मैं सिर्फ अपने शौक की पूर्ति के लिए गाता   हूँ, और शौंक तो मैं बाथरूम में भी गाकर  पूरा कर सकता हूँ परन्तु यदि मेरे शौंक से किसी को फायदा हो सकता है तो उसका उपयोग करने में क्या बुराई है?” 

शुरू से ही आप कोलकत्ता में गाते रहे हैं और कार्यक्रम भी देते रहे हैं, फिर मुंबई वालों से अब तक अपने इस पहलू को छिपाये रखने के पीछे क्या कारण रहा?

पिछले अर्से से मैं कोलकत्ता की बंगाली फिल्मों में इतना व्यस्त रहा कि वहाँ से बाहर जाने की सोच भी नहीं सकता था, सो स्टेज शोज भी वहीं के वहीं या उसके आसपास ही किया करता था, और कई एक बार मेरे पास मुंबई में शो करने के ऑफर्स भी आए, लेकिन मैं कमर्शियल शो करना नहीं चाहता था और जो चैरिटी के लिए आते थे वह संस्थाएं मुझे जेन्युइन सी नहीं लगती थी, अब मैं जिस संस्था के लिए शो कर रहा हूँ, वह यहाँ की बड़ी बड़ी संस्थाओं में से एक है

हम बात कर रहे थे तभी फिल्म के निर्देशक केतन देसाई वहाँ पहुँचे और उन्हें सीन समझाने लगे और कहने लगे, आपका क्लोजअप है और आपको  रिएक्शन देना है।ज्यादातर फिल्म में एक खास वक् पर क्लोज अप में रिएक्शन देने में संजीव कुमार को मास्टर माना जाता है। और इसी बात से मुझे याद भी आया कि इस फिल्म में जो रोल विश्वजीत कर रहे हैं उसी रोल के लिए पहले संजीव कुमार को अनुबंधित किया गया था, फिर अचानक यह बदलाहट क्यों हुई? और अन्य कलाकार की जगह काम करते हुए विश्वजीत को कैसा लगता होगा ?”  

यदि हरि (संजीव कूमार) बीमार होते और उन्हें ऑपरेशन के लिए विदेश जाना पड़ता तो निश्चित ही यह रोल वह अदा करते परंतु उनके ठीक होने तक केतन इंतजार नहीं कर सकता था सो उसने मुझे काॅन्टेक्ट किया। मुझे ही क्यों काॅन्टेक्ट किया गया वह मैं नहीं जानता, मुझे हरि के अस्वस्थ्य स्वास्थ्य का गम है, वैसे वह काफी इम्प्रूव कर गए है, और भगवान से यही प्रार्थना है वह जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाए, इतना कह कर वे शॉट देने चले गए। 


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Mayapuri

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