मुझे सन्नी लियोन के साथ फिल्म करनी है…! – चच्चा फिल्मी

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कहते हैं हिन्दुस्तान में बस कुछ नया आना चाहिए। लोग इस तरह टूट कर उसे लपकते हैं जैसे गलियों में बच्चे कटी पतंग को झपटने के लिए टूट पड़ते हैं। और अगर फिल्मी दुनिया की बात की जाये तो यहां रोज नये हीरो आते हैं, नई-नई रेशम की गुडि़या जैसी हीरोइन आती है। सभी के चाहने वाले भी यहां मौजूद हैं। हमारे चच्चा फिल्मी तो वैसे भी अपनी बेगम को छोड़, सभी हिरोइनों के हैवी फैन रहे हैं।

बस! कोई नयी तड़कती फड़कती कन्या बड़े पर्दे पर इठलाती नज़र आ जायें सही। बेर की गुठली से लुढ़क-लुढ़क कर उसके फेरे काटने लगते हैं। नीम के लसूड़े जैसा पिचका, पिलपिलाया मुंह लेकर वो उसकी तस्वीर चूमते हैं। कई बार मैंने उनकी बेगम को शाहरुख खान का फोटो तकिये के नीचे छिपाते देखा है। एक दिन मैंने पूछ ही लिया, ‘‘चच्ची, इस उम्र में शाहरुख खान को तकिये के नीचे दबाओगी तो बेचारे के आठ पैक का हलवा बन जायेगा। रहम करो उस पर। चच्चा को पता चला तो?’’ ‘‘भतीजे, तुम तो चच्चा की साईड ही लोगे… जरा उनके कुर्ते के जेब देखना आजकल उस मुई सनी हुई लियोनी के फोटो लिए घूमते हैं।’’

मैं हक्का-बक्का। मुंह में दांत नहीं, पेट में आंत नहीं और चच्चा फिल्मी को पोर्न बाला से इश्क हो गया। खबर ऐसी तड़केदार थी कि मैंने चच्चा फिल्मी को पूरे मौहल्ले में ढूंढ मारा। पर वो मेरी हथेली की किस्मत की रेखाओं की तरह कहीं नज़र नहीं आये।

तभी मैंने साइबर कैफे पर निगाह डाली। लो कर लो बात चच्चा फिल्मी तो कम्प्यूटर के आगे तने बैठे थे।

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‘‘क्या बात है चच्चा, सन्नी लियोन से पेचा लड़ा रहे हो… इस बुढ़ापे में हड्डिया चरमरा जायेगी। उसने हाथ भी मिलाया तो कमर व बाजू से बल निकल जायेंगे’’ मैंने चच्चा को उकसाते हुए कहा। ‘‘लाहौल विला कुव्वत! तुम फटे टायर की पिचकी ट्यूब की तरह गटर गटर रगड़ते रहना।’’ चच्चा तिलमिला कर कुलबुलाए। ‘‘अरे, सन्नी लियोन का तो माशा अल्लाह जवाब नहीं.. जिस्म में बस उसका जिस्म ही तो था जो सिनेमा हाल में मस्ती फैला गया।’’ ‘‘पर चच्चा, आप को इस उम्र में ऐसी हरकतें शोभा नहीं देती। जाकर हज करो…’’ मैंने जल भुन कर कबाब होते हुए कहा। मुझे जलन यह थी कि सन्नी लियोन की मादक तस्वीरें व फिल्में मैं खुद देखना चाहता था पर बीवी के डर से देख नहीं पाता था। और चच्चा जो खर्च होने वाली उम्र की टूटी सीढ़ी पर लटक रहे थे वो मजे से सन्नी लियोन के हमराज हुए जा रहे थे।

‘‘मियां, मैं तो कल ही मुंबई जा रहा हूँ। मुझे एक फिल्म सन्नी लियोन के साथ करनी है। कम से कम मरने से पहले यह नेक काम तो कर ही जाऊँ ’’ चच्चा अपनी मैली ऐनक को नाक पर सरकाते हुए बोले और फिर स्क्रीन पर आती सन्नी लियोन की नई तस्वीर में उलझ गये।

यही है जिन्दगी.. जो गलत है वो हम पाना तो चाहते हैं पर छिप कर.. जो महंगा है उसे खरीदना तो चाहते हैं पर मुफ्त में… हसरते हजार हैं…जीना दुश्वार है… पर सब्र यही है कि आजकल चच्चा फिल्मी को सन्नी लियोन से प्यार है।

                                                                           (लेखक हरविन्द्र मांकड़)


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