आदिवासियों के अस्तित्व और अस्मिता की लड़ाई लड़ता है ‘क्रिना’

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पार्थ फिल्म्स् इंटरनेशनल और निर्माता हरविंद सिंह चौहान की हिन्दी फिल्म ‘क्रिना’ आदिवासियों के जीवन और उनके सामाजिक व संगठनात्मक ढांचे का बेबाक चित्रण करनेवाली एक प्रयोगात्मक फिल्म है। कहानी का मूल ढांचा काल्पनिक होकर उनकी जीवन शैली का बस दर्पण ही है। इस रोचक एवं विवेचनात्मक फिल्म के निर्देशक श्यामल के. मिश्रा हैं।  आरण्यक पृष्ठभूमि आधारित होते हुए भी इस फिल्म में मधुर संगीत का समावेश है।

अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की कहानी

इसमें “‘मेरा दिल दीवाना बोले… ओले.. ओले .. ” फेम संगीतकार दिलीप सेन ने कर्णप्रिय धुने बनायी हैं। तीन गाने हैं,  मुख्य कलाकार हैं,  — पार्थ सिंह चौहान (नवोदित ), तनीषा  शर्मा, इंद्र कुमार,(जो अब हमारे बिच नहीं रहे ) दीपशिखा, सुदेश बेरी, शाहबाज खान, सुधा चंद्रन आदि। ” क्रिना ” पार्थ नाम के एक जांबाज किशोर  की कहानी है, जो एक आतातायी सरदार और कबायली व्यवस्था में निहित अनाचार – अत्याचार के खिलाफ हथियार उठा लेता है।  यह फिल्म हाई टेक टेक्नोलॉजी से बनायीं गयी है। इस फिल्म का पोस्ट प्रोडक्शन पूरा हो चूका  है, यह फिल्म बहुत जल्द पुरे इंडिया में एक साथ सर्वत्र सिनेमाघरों प्रदर्शित की जायेगी।

 


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Mayapuri

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