‘मुझे बॉलीवुड में काम ही नहीं मिलता’- चिरंजीवी

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लिपिका वर्मा

आजकल टॉलीवुड और बॉलीवुड के अभिनेताओ का जम कर अदला-बदली हो रहा है। फिल्म ’आज का गुंडाराज’ के बाद मेगा स्टार चिरंजीवी की, “सई रा नरसिम्भा रेड्डी“ फिल्म एक योद्धा की कहानी  पेश करती है। यह फिल्म हिंदी में भी रिलीज़  होने वाली है। साथ ही तमिल, तेलुगु एवं मलयालम में भी रिलीज़ होगी। फिल्म “सई रा नरसिम्भा रेड्डी“ की एक बहुत ही बड़ी खासियत है कि यहां दो मेगा स्टार – बॉलीवुड और टॉलीवुड के एक साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करते हुए नजर आएंगे। – बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन बतौर गुरु की भूमिका में नजर आएंगे। वहीं चिरंजीवी  नरसिम्भा का किरदार कर  रहे हैं। बहुत वर्षों बाद ’सई रा…’ तमिल, तेलुगु , मलयालम एवं हिंदी में भी रिलीज़ होगी। अतः प्रोमोशंस के सिलसिले में चिरंजीवी ने मुंबई मीडिया के साथ भेंटवार्ता की –

पेश है चिरंजीवी के साथ लिपिका वर्मा की बातचीत के कुछ अंश:

आप मुंबई बहुत वर्षों के बाद आये हैं तो यहां क्या बदलाव देखते हैं ?

– ज्यादा बदलाव नहीं नजर आता। मुम्बई के लोगों में वही गर्मजोशी, प्रेम एवं स्नेह देखने को मिलता है। खुशी होती है सभी से मिल कर। दरअसल अमिताभ बच्चन बॉलीवुड के ही नहीं अपितु वल्र्ड आइकॉन है। इनसे मिलने हम कई बार मुंबई आएं है. सो मुंबई से नाता हमेशा से रहा है। फिल्मों में टेक्निकली बेहतर नजर आती है। फिल्मों की गुणवत्ता भी बेहतर हो गई है। कुल मिला कर मुंबई आज भी मुझे पसंद है।

आपने हिंदी फिल्मों से दूरी क्यों बना रखी है?

– ऐसा तो नहीं है। मुझे यहाँ फिल्मों में काम करने का कोई ऑफर ही नहीं देता है। मेरी फिल्म ’आज का गुंडाराज’ फिल्म के बाद बॉलीवुड फिल्मों में किसी ने ऑफर ही नहीं दिया. वैसे भी कुछ सालों मैं राजनीति एवं अन्य कई कामों में व्यस्त रहा।

थोड़ा रुक कर और हंस कर चिरंजीवी ने एक बम फोड़ा-दरअसल, मैं बहुत ही (एक्सपेंसिव) महँगा अभिनेता हूँ. यहाँ लोग मुझे अफ़्फोर्ड नहीं कर पायेंगे!  मैं मजाक  कर रहा हूँ।

बेटा राम चरण यह फ़िल्म ‘सये रा नरसिम्भा’ प्रोड्यूस कर रहे हैं, कोई प्रेशर महसूस करते हैं आप?

– बिल्कुल भी नहीं। फिल्म की कहानी इतिहास से भी जुड़ी हुई है। फिल्म का मुद्दा सभी को अपील करेगा। सो हमें किसी प्रकार का कोई टेंशन नहीं है। बजट का भी टेंशन नहीं था। हमें फिल्म के कंटेंट पर बेहद विश्वास है। और फिल्म मास एवं सभी को अपील करे बस यही हम चाहते  हैं।

कोई बुक नरसिम्भा पर प्रचलित है जो आपने पढ़ी हो ?

–  यही कुछ छोटी-छोटी किताबें हैं। 2014 में नरसिम्भा के बारे में बाकायदा 6वीं कक्षा में एक पाठ  इंट्रोड्यूस किया गया है सरकार द्वारा। तब तक जातक कथा की तरह ही थी। 12 वर्षों पहले ही मुझे भी नरसिम्भा के बारे में मालूम हुआ था. यह एक शक्तिशाली हीरो की कहानी है। हर भारतीय को इनकी कहानी जाननी चाहिए। सिपोय म्युटिनी (सिपाही उत्परिवर्तन) मंगल पाण्डेय से भी पहले नरसिम्भा ने अंग्रेज़ों के खिलाफ युद्ध घोषित किया था। नरसिम्भा रेड्डी की गर्दन को 1847 में धड़ से काट दिया गया था। उन्होंने लगभग साढ़े तीन वर्षों तक अंग्रेज़ों के खिलाफ फ्रीडम फाइट जारी रखी थी। फिल्म में लव ट्रायंगल भी है और ढेर सारा ड्रामा भी दिखेगा। फिल्म में मसाला भरपूर है।

एक्शन करने में इस फिल्म में कितनी परेशानी हुई आपको ?

– मुझे घुड़सवारी अच्छी तरह आती है। केवल तलवारबाजी पहली बार कर रहा हूँ तो थोड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ा। एक्शन की जब बात होती है तो मैं अपना बेस्ट करता हूँ।

क्या आपको लगता है फिल्म ’सई रा’ से लोग जुड़ पाएंगे?

– बिल्कुल क्योंकि सभी आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं अतः सभी इस कहानी से अवश्य जुड़ पायेंगे। रानी झाँसी ने भी अपने समय में नरसिम्भा रेड्डी का इतिहास में जिक्र किया है। इस जानकारी को हमने फिल्म में भी बताया है। अल्लुर सीताराम जो एक फ्रीडम फाइटर रहे उन्होंने भी नरसिम्भा की जानकारी दी है। लोगों को उनके बारे में जानकारी होनी चाहिए सभी को इस आजादी, जो इन्ही लोगों की वजह से मिली उसके बारे में मालूम होना चाहिए। अब यह फिल्म कितनी सफल होगी उस रेंज को तो मैं माप नहीं सकता ? पर हाँ, यह फिल्म हमें आदर जरूर दिलायेगी। हमें इस फिल्म पर गर्व है।

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Lipika Varma

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