“इस टाइटल ने मुझे प्रभावित किया था” चन्द्रहास कुचया

1 min


387853_323616074315948_334847359_n

 

कुछ चीजें बनाई नही जाती, बन जाती है। वो लम्हा शायद किसी भी की जिन्दगी का सबसे हसीन लम्हा होता है, जब उसकी कम्पनी या ग्रुप, फिल्मी दुनिया की उस चकाचौंध भरी दुनिया में कदम रखती है। ऐसा ही हुआ ‘सिने इण्डिया ग्रुप’ के साथ।

सिने इण्डिया एविएशन प्राईवेट लिमिटेड, सिने इण्डिया एयर लिमिटेड सिने इण्डिया वर्ड लिंक ट्रैवल्स क्लब सिने इण्डिया प्रोडक्शन बनी तो एक नये इतिहास का जन्म हुआ। पहला कदम था हिन्दी फीचर फिल्म ‘फरार’ सिने इण्डिया ग्रुप के सी.एम. डी. श्री चन्द्रहास कुचया से हमारी अंतरंग मुलाकात हुई। जिसमें उन्होनें अपनी प्रोड्यूस पहली हिन्दी फीचर फिल्म ‘फरार’ से जुड़ने की दिलचस्प दास्तां बयां की।

फिल्मों से जुड़ने का ख्याल कैसे आया?

हरविन्द्र जी, कई बार कुदरत, ऐसा बीज खुद बो देती है जिसका फल बरसों बाद हमें खाना होता है। जब हमने सिने इण्डिया कम्पनी शुरू की थी, तो दूर-दूर तक हमारा सिनेमा से कोई लगाव नही था। पर देखिए ना, आज वही सिने इण्डिया प्रोड्क्शनस आपके सामने ‘फरार’ लेकर हाजिर है।

फरार के साथ जुड़ने का कोई खास कारण?

हमें इस फिल्म का टाइटल बहुत पसंद आया। डायरेक्टर संतोष गुप्ता जी जब इस कहानी व टाइटल के साथ हमसे मिले तो हमें लगा कि इससे बेहतर शुरूआत और कोई हो नही सकती।

फिल्म में ऐसा खास क्या है, जो आप सोचते है दर्शकों को पसंद आयेगा?

इसका सस्पेंस मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि दर्शक अंत तक कहानी का मुख्य सस्पेंस तोड़ नही पायेगा। बेहद कसी पटकथा है। शान्तनु गुप्ता की कहानी दमदार है। दर्शक शुरू से अंत तक कुर्सी से बंधा रहेगा कि खून किया तो किया किसने

हमने फिल्म के गीत सुने है एकदम हल्के व मस्त संगीत है।

थैंक्यू हरविन्द्र जी संगीत का श्रेय वैष्णव देवा को जाता है। उनमें गजब का टेलेन्ट है। एक दिन वो फिल्मी दुनिया में छा जाने वाले है।

आपने नये कलाकारों को लिया है। इसका कोई मुख्य कारण?

जहां तक नये की बात है तो सबसे पहले तो हम खुद नये है। एक तरह से यह हमारी डैब्यू फिल्म है। उसी सोच के साथ हमने नये फ्रेश चेहरों पर भरोसा किया। कानन मल्होत्रा, शिखा चितबरे और रोलिय रियान के लिए फिल्म मील का पत्थर साबित होगी।

आप को प्रोड्यूसर के रोल में कोई कठिनाई या परेशानी का अनुभव तो नही हुआ?

जी नही..इस फिल्म को दो कम्पनियां मिलकर प्रोड्यूस कर रही है। MUSECINEFUX PRODUCTIONS और CINE INDIA PRODUCTIONS..सो दोनों के प्यार भरे तालमेल से फिल्म शुरू से अंत तक आराम से बन गई।

दिल्ली और यू.पी. में CINE INDIA GROUP खुद डिस्ट्रीब्यूशन का काम संभाल रहा हूं। तो बाकी जगह MUSECINEFUX PRODUCTIONS इसे डिस्ट्रीब्यूट कर रही है।

हमारी व मायापुरी परिवार की शुभकामनाएं आप के साथ है। ईश्वर इस फिल्म को बेहद कामयाब बनाये।

धन्यवाद यह तो महज शुरूआत है। जल्दी ही हमारी अगली फिल्म ‘झासी की रानी लक्ष्मीबाई’ भी रिलीज होने जा रही है। एक सपना देखा था हकीकत में बदल गया इंसान कोशिश करे तो क्या नही हो सकता।

कौन कहता है कि आसमान में सुराख हो नही सकता।

एक पत्थर तो, तबियत से उछालो यारो।।


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये