नृत्य निर्देशक अंकिता मैती खुद को फिल्म निर्माण का अनिवार्य हिस्सा मानती हैं

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“ऑल्ट बालाजी” की हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज”कार्टेल” के दो गानों का निर्देशन कर चुकी मषहूर नृत्य निर्देषक अंकिता मैती हमेषा युवा लड़कियों के अंदर नृत्य का जुनून पैदा करती रहती है। वेब सीरीज “कार्टेल” में अंकिता मैती ने एक गाना मोनिका डोगरा और समीर सोनी तथा दूसरा गाना तनिष्ठा चटर्जी पर फिल्माया है। जबकि अंकिता मैती ने अब  यूफोरिया के नए एलबम और नेटफ्लिक्स सीरीज”ये काली काली आंखें” का भी नृत्य निर्देषन किया है।

अंकिता मैती के नृत्य निर्देषन कौषल के चलते उन्हें 13वें इंडियन टेली अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ नृत्य निर्देषक तथा म्यूजिक वीडियो ‘जान मेरी‘ के लिए ‘मिर्ची म्यूजिक अवार्ड्स (2020)’; में सर्वश्रेष्ठ इंडी सॉन्ग ऑफ द ईयर”के पुरस्कार से नवाजा गया। इस तरह अंकिता मैती ने लगातार सफलता की ओर अपना कदम बढ़ाने के साथ कई युवा लड़कियों को नृत्य के अपने जुनून का पालन करने के लिए प्रेरित करती आयी हैं। एक पेशेवर प्रशिक्षित नृत्यांगना  अंकिता शास्त्रीय और लोक को आधुनिक और समकालीन के साथ सम्मिश्रण करने में अपनी विशेषज्ञता रखती है। वह अपने सिग्नेचर डांस मूव्स और सिजलिंग डांस नंबरों के लिए जानी जाती हैं।

“कनपुरिया” और “रिजवान द फिल्म” जैसी फिल्मों में स्वतंत्र रूप से नृत्य निर्देान कर चुकी अंकिता मैती ने इससे पहले बतौर सहायक नृत्य निर्देषक के तौर पर संजय लीला भंसाली की ‘पद्मावत’ और ‘बाजीराव मस्तानी’जैसी कुछ फिल्मों के लिए नृत्य निर्देशक काम किया। अंकिता ने बेपनाह, सीआईडी, तेरे गलियां, दिल दोस्ती डांस और कई अन्य टेलीविजन सीरियलों में भी अपने उत्कृष्ट नृत्य निर्देषन का परिचय दे चुकी है। इतना ही नहीं टीवी के डांस रियालिटी शो “नच बलिए” में राजू श्रीवास्तव और उनकी पत्नी की भी नृत्य निर्देषक थीं।

बतौर नृत्य निर्देषक अंकिता मैती का काम तो कैमरे के पीछे से ही होता है,मगर वह खुद को फिल्म निर्माण प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा मानती हैं।

विनम्र परिवार की सदस्य अंकिता मैती का बॉलीवुड में कोई गॉडफादर या संरक्षक नहीं है, जो उसे खुद के लिए एक जगह बनाने में मदद करता।इस पर अंकिता मैती खुद कहती हैं- “एक जमाने में नृत्य कैरियर का विकल्प नहीं था, बल्कि यह सिर्फ मेरे लिए एक शौक था। नृत्य मेरे लिए जिंदगी जीने का एक तरीका रहा है। मुझे इसे कैरियर बनाने के लिए इस पर विचार-विमर्श करने की जरूरत नहीं थी, मैंने अपने जीवन के चल रहे रास्ते से अपना रास्ता बना लिया। मेरे माता और पिता दोनों हमेषा मेरे साथ निरंतर खड़े रहे हैं।”

अंकिता मैती ने अपने नृत्य कौषल से बॉलीवुड को विभिन्न रूपों और शैलियों से परिचित कराया है। वह महिला सशक्तिकरण का एक सषक्त उदाहरण है। वह कहती हैं- “बॉलीवुड ही क्यों हर क्षेत्र पुरूष प्रधान ही है और हर क्षेत्र में एक महिला के लिए अपना मुकाम बनाना काफी मुश्किल होता है। हमारे  लिए कई गुना अधिक समस्याएं हैं। पर मैने हार मानने की बजाय सदैव अपने काम पर ही ध्यान केंद्रित रखने के साथ कड़ी मेहनत व दृढ़ संकल्प और सही दृष्टिकोण के आगे बढ़ना जारी रखा।”

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Mayapuri