भूख हड़ताल पर बैठे सिने कामगार, बरसात का भी असर नही बरसात की तरह तेज हुआ आंदोलन

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Workers' strike

क्या इनकी मॉगे नाजायज है ?
क्या है इनकी मॉग?
सिर्फ 8 घंटे का काम ?
अच्छा खाना नही दे सकते ?
तो हम घर से लाकर खायेगें?
वर्कर का पूरा भुकतान ?

इस फिल्म इन्ड्रस्ट्री मे प्रोड्यूसर को एक भाषा में सीरियल बनाने का पैसा खर्चा करना होता है पर भारत में अन्य भाषा के अलावा विदेशो में भी वहां के स्थानीय भाषा मे डब करके प्रसारण करते है उसका भी इन्हें पैसा मिलता है पर बजट नही है बोलकर इन्हें पूरा भुगतान नही किया जाता है इसके अलावा सुबह 7 बजे की शिफ्ट में सुबह 6 बजे बुलाया जाता है और शाम 7 बजे की जगह 9 बजे छोड़ा जाता है इस तरह 12+1+2 यानी 15 घंटे ऊपर काम कराया जाता है जिस की वजह से आए दिन कोई ना कोई हादसा होता रहता है अभी हाल की कुछ घटनाएं व पुलिस की रिपॉर्ट के अनुसार टीवी सीरियल के कलाकारों व टेक्निसियनो में ड्रग्स लेने की संख्या बढ़ी है इस बात की गवाह अभी हाल मे टीवी की जानी मानी एक्ट्रस का मर्डर ड्रग्स के बाकाया पैसों के लेनदेन की वजह से हुआ है अगर आप इस हड़ताल का सपोर्ट करते है तो इसे शेयर कर इस आन्दोलन के आगे बढ़ाए।

Workers’ strike
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Mayapuri

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