‘फिल्मों से सन्यास लेने में मुझे कोई आपत्ति नही’ – परवीन बॉबी

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parveen4630
परवीन बॉबी से मिलने का और बातें करने का मजा शायद इसलिये कुछ ज्यादा ही आता है चूंकि वह किसी भी सवाल को टालने की कोशिश कभी नहीं करती। यही नहीं, परवीन सवाल का सीधा, सच्चा और साफ-साफ जवाब देना भी खूब जानती हैं तथा ऐसा मौका कम ही आता है कि वह अपने विचारों को एकदम स्पष्ट रूप से व्यक्त न कर पायें।
और हां, मिलने का मजा इस बात से तो बढ़ता ही है कि आज परवीन फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सफल और टॉप अभिनेत्रियों में स्थापित हो चुकी हैं। फिल्मों की भरमार तो नहीं कह जा सकता, पर जो भी आठ-दस के अनुबंध हैं, वे बहुत दबके वाले हैं तथा जिनको पाने के लिये किसी भी हीरोइन का दिल ललचा जाये?
सौ मैंने अपने प्रश्नों का शिलशिला यूं शुरू किया, परवीन इसका क्या कारण है कि एक साथ आप पंद्रह बीस फिल्में साइन नहीं करती? आजकल तो लोकप्रियता और सफलता का मापदंड ज्यादा अनुबंध ही माना जाता है।
परवीन मुस्कुराती हुए बोलीं भई देखो, चाहने को तो मैं भी अन्य हीरोइनों की तरह ढेर सारी फिल्में ले लूं फिल्म निर्माता तो हर वक्त पीछे पड़े रहते हैं पर मैं तुम्हारी इस बात से कतई सहमत नही हूं कि सफलता का आधार फिल्मों की ज्यादा गिनती है। एकदम गलत। फिल्में चाहे पांच हो या पच्चीस, मतलब तो काम के स्टैण्डर्ड से होना चाहिये। किसी भी कलाकार की एक्टिंग कितनी अच्छी है, या कहिये कि कितनी बुरी है, फिर यही बात साबित कर सकती है किसी की लोकप्रियता को किसी की सफलता का…
हो सकता है, मैंने हां में हां न भरते हुए कह दिया, लेकिन इस विषय में भी तुम्हारा किस्सा तो कुछ फीका ही रहा है।
वो कैसे? परवीन ने कुछ बिगड़ते हुए पूछा।
वो ऐसे कि आपकी शुरू की फिल्में ही बुरी तरह (फ्लॉप) हो गयी जैसे चरित्र, धुएं की लकीर।
व्हॉट डू यू मीन मेरी फिल्में फ्लॉप हो गयी थी? परवीन ने मेरी बात बीच में ही काटते हुए कहा हां ये पिक्चर्स नहीं चली थी, मगर उसके लिए मुझे दोषी कैसे ठहराया जा सकता है? यह क्यों नहीं कहते कि इशारा जी या साहू साहब की फिल्में पिट गयी हैं? ऑफ्टर ऑल, कोई अब यह क्यों नहीं कहता कि ‘दीवार’ की सफलता या हिट होने का कारण परवीन बॉबी है? यह एक बात मुझे बहुत अखरती है कि जब किसी कलाकार के गुड पॉइंट्स न देखकर सिर्फ बैड पॉइंट्स ही गिने जाते हैं!

 

परवीन को नाराज-सा होते देख कर मैंने बात बदलना बेहतर समझा और पूछा, अच्छा आप यह बताइये कि एक जानीमानी हस्ती होने का जीवन कैसा लगता है? यह फिल्म लाइन आपको पसंद है क्या?
परवीन ने एक लम्बी सांस भरी, और फिर अपने हाथों के नाखुन देखते हुए कहने लगी, हममम…. सच्च पूछो तो मुझे एक्टिंग का हमेशा शौक था, परंतु फिल्मों के बजाय स्टेज के ड्रामों में अधिक मौलिकता होती है। मगर अब जबकि कुछ साल इस इंडस्ट्री में काट ही लिये हैं तो इस जीवन से भी ज्यादा प्यार हो गया हैं। हालांकि मैं यह बात स्पष्ट कर दूं कि इस लाइन में बहुत कठिनाईयां और कई उलझने हैं और काम तो जी तोड़ से करना पड़ता है, आप तो जानते ही हैं पर हां, मैं तो ऐसी लड़की हूं कि यदि किसी दिन मेरा दिल फिल्मों से ऊब गया, तो मैं फिल्मोद्योग छोड़ दूंगी! मैं जरा हैरान-सा रह गया। आप का मतलब यह सब शोहरत पाने के बाद आपको फिल्मों से सन्यास लेने पर कोई आपत्ति नहीं होगी?
जी नहीं, मुझे फिल्मों से सन्यास लेने पर कोई आपत्ति नहीं होगी। यदि मैं खुद अपनी मर्जी से फिल्म जगत में आ सकती हूं, तो जा क्यों नहीं सकती? जिंदगी में मैं जो भी करती हूं वह दिल के कहने पर अपनी खुशी के लिये करती हूं? उसने मेरी और टकटकी बांधते हुए कहा।
यस मैडम समझा मैंने हंसते हुए कहा। मगर यह नहीं समझा कि आजकल यह क्यों सुनने में आ रहा है कि डैनी को छोड़कर आपका झुकाव शेखर कपूर को ओर होता जा रहा है? क्या यह ठीक है?
परवीन खूब हंसी वाह, मजा आ गया क्या ताजा खबरें सुना रहे हो आप। यह तो इतनी गुप्त बात है जिसका मुझे खुद नहीं पता था! परवीन ने व्यंग किया।
तो क्या मैं आपका जवाब यह मानूं कि आप इस बात को स्वीकार करती हैं? मैं सिलसिला छेड़ते हुए बोला,
प्लीज, बोर मत करिये मेरे, हां या ना कहने से आपको कौन-सा फर्क पड़ने वाला है?
कहा जाता है आप आजकल डैनी को फिल्में दिलवाने में काफी व्यस्त हैं?
सरासर गलत, परवीन ने बिना झिझक के तपाक से उत्तर दिया। भला मुझे क्या करना है डैनी के काम में? न तो मैं उसे रिकमैंड करती हूं और न वह मुझे। हमारे जो भी संबध हैं, वह स्टूडियोज और कैमरे से बहुत दूर हैं। हम दोनों एक दूसरे को पसंद करते हैं और रात हो या दिन, जब जी चाहता हम इकट्ठे बैठे रहते हैं अपने फ्लैट…
संजय से अब आपकी नहीं बनती क्या कारण है? हमने पूछा तो तुनककर परवीन कहने लगी,
क्या किसी कारण का होना जरूरी है? जब हम इकट्ठे चांदी सोना बना रहे थे, तो लोग कहते हैं कि हम प्रेमी हैं, अब सुनने में आता है कि मुझमें और संजय में दुश्मनी है। सच तो यह है कि संजय से मुझे कभी कोई प्यार-प्यार नहीं था वैसे उनकी पत्नी जारीन से मेरी हमेशा अधिक मित्रता रही है।
अंत मे क्या आप फिल्मों में सफलता पाने का नुस्खा बता सकती हैं? मैंने पूछा।
जी हां योग्यता, किस्मत और राजनीति की पूरी पूरी जानकारी!


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Mayapuri

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