दुनिया को च्यवनप्राश खाने की नसीहत देने वाले खिलाड़ी Akshay Kumar क्यों ख़ुद को संक्रमण से बचा नहीं पाए?

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यूँ तो एक वक़्त था कि टीवी कमर्शियल में या बड़े-बड़े होर्डिंग्स में बॉलीवुड स्टार हाथ में सिगरेट लेकर उसका प्रचार करते नज़र आते थे। लेकिन समय बदला और सरकार के साथ साथ बॉलीवुड को भी समझ आया कि किस चीज़ का प्रचार होना चाहिए और किस हानिकारक वस्तु के सेवन के लिए दुष्प्रचार करने की ज़रूरत है। पर ये लेख किसी प्रचार प्रसार के लिए नहीं बल्कि बॉलीवुड की ट्विंकल गर्ल और Akshay Kumar की धर्म पत्नी टीना के लिए एक खुला पत्र है।

प्यारी टीना जी,

आप Akshay Kumar से शादी करने से पहले ही प्रिंसेस थीं और शादी के बाद आपने अक्षय कुमार को किंग बना दिया। मैं क्या, दुनिया मानती है कि जबसे अक्षय की ज़िन्दगी में टीना उर्फ़ ट्विंकल खन्ना आई है, तबसे अक्षय कुमार का बॉलीवुड ग्राफ ही बदल गया है। यूँ तो पहले भी अक्षय साल में चार से छः फिल्में किया करते थे और दो एक हिट भी होती थीं पर जबसे आपका साथ मिला है, अक्षय कुमार सारे नामी गिरामी स्टार्स के साथ-साथ चलते हुए भी कब टॉप पर पहुँच गए पता ही न चला। दौलत और शोहरत की ऐसी बरसात उनपर हुई की सारे देश की नज़रें अक्षय कुमार द खिलाड़ी पर टिक गयीं। लेकिन फिर कोरोना की महामारी आई, देश क्या दुनिया, सब अस्त-व्यस्त हो गया। हर किसी को काम के लाले पड़ गए। दुनिया में त्राहिमाम-त्राहिमाम हो गया। अक्षय कुमार यहाँ भी छाए रहे, कभी अपनी स्टेटमेंट से कंट्रोवर्सी का हिस्सा रहे तो कभी अपनी फिटनेस के चलते सुर्ख़ियों में बने रहे। इसी दौरान अक्षय वो पहले स्टार हुए जिन्होंने लॉकडाउन के बाद सबसे पहले शूटिंग शुरु की।

यहाँ फिर देश और दुनिया की नज़रें उनपर पड़ गयी। चारों हाथ से पैसा बटोरने वाले आपके अक्षय कुमार ने कभी सोचा ही नहीं कि हर अच्छी बुरी नज़र उनपर पड़ रही है पर वो न रुके। हद तो तब हुई जब आपके पति परमेश्वर ने कोरोना को हराने के लिए एक बड़ी ब्रांड के च्यवनप्राश का प्रचार-प्रसार शुरु कर दिया। जहाँ कोरोना से दुनिया भर में हड़कंप मचा हुआ था, जहाँ हर मेडिकल रिसर्चर कोरोना वैक्सीन की खोज में दिन रात एक किए हुए था वहीं अक्षय कुमार करोड़ों रूपए लेकर लोगों को च्यवनप्राश खिलाकर तंदरुस्ती बेच रहे थे। अब आप ही बताइए टीना जी, कबतक?

कबतक और कहाँ तक इस पैसे के पीछे भागती ज़िन्दगी का सफ़र है? आज इंडस्ट्री के सबसे फिट एक्टर और च्यवनप्राश के ब्रांड अम्बेसडर खुद कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं तो लोगों का बातें बनाना लाज़मी लग रहा है।

हम आपसे पूछते हैं टीना जी, कबतक? कहाँ तक ये पैसे की भागदौड़ ये ब्रांडिंग और सेलिंग का खेल चलता रहेगा? माना की थिएटर में फिल्म देखने जाओ तो हर फिल्म की शुरुआत में अक्षय कुमार सेनेटरी पैड्स के लिए जागरुकता फैलाते नज़र आते हैं पर कोरोना संक्रमण के लिए भी तो वह निःशुल्क विज्ञापन दे सकते हैं, तब ब्रांडिंग और प्रोडक्ट का होना क्यों ज़रूरी हो जाता है? आपके पति खिलाड़ी कुमार (Akshay Kumar), जिन्हें पूरा भारत सिर पर बिठाकर रखता है, जिनके करोड़ों चाहने वाले उनकी एक झलक के लिए काम धंधा छोड़ देते हैं, वो क्यों कोरोना से बचाव की अपील करते नज़र नहीं आते? क्या यहाँ भी किसी न किसी बड़े ब्रांड की स्पोंसरशिप का इंतज़ार है?

ट्विंकल जी आप अब समझिए कि पैसे से कहीं बढ़कर जान है, जान है तो जहान है। दुनिया भर की नज़रों में खिलाड़ी कुमार सबसे ज़्यादा पैसा छापने वाले बॉलीवुड एक्टर बन चुके हैं और सब ठीक रहा तो आगे 4 बरस तक उनके आसपास कोई दूसरा होगा भी नहीं। ऐसे में बुरी नज़र लगनी कोई बड़ी बात नहीं है। आप अक्षय की नज़र उतारिए और उन्हें समझाइए कि अब समय पैसे के पीछे भागने से ज़्यादा महामारी के प्रति लोगों को जागरुक करने का है। कल एक दिन में क़रीब पचास हज़ार नए कोरोना मरीज़ उस स्टेट से आए हैं जहाँ आपकी बॉलीवुड इंडस्ट्री है। और उन 50,000 लोगों में से एक, आपके खिलाड़ी अक्षय कुमार भी एक हैं। अब तो जागिए, अब तो संभलिए अब तो सोचिए कि सिर्फ पैसा और बिजनेस ही सबकुछ नहीं है। इस देश के नागरिकों और बॉलीवुड में काम करने वाले वो तमाम छोटे-बड़े वर्कर्स, जिनके आगे पीछे कोई लाखों रुपए हॉस्पिटैलिटी पर लगाने वाला नहीं है; की ज़िन्दगी भी बहुत कीमती है। वो हैं तो आप हैं, आपकी फिल्में हैं और आपकी पहचान है।

मायापुरी मैगज़ीन के प्रधान संस्थापक श्री पी.के. बजाज एवं समस्त मायापुरी टीम की ये दुआ करते हैं कि अक्षय कुमार जल्द रिकवर हों और फिर काम पर लौट सकें।

सिद्धार्थ अरोड़ा सहर


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