दादा मुनि – स्टार का अहं बिल्कुल नहीं

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Ashok-Kumar

मायापुरी अंक 50,1975

दादा मुनि (अशोक कुमार) के बंगले पर अगर आप जायें तो एक इच्छा सी उठती है दिल में काश! ऐसा सुखी परिवार सबका हो। दादा मुनि के अंदर कोई ऐसा भाव नहीं जो एक ‘स्टार’ के अंदर होना चाहिए घर में नौकर चाकर हैं, लेकिन रसोई उनकी पत्नी और उनकी माता खुद ही करती हैं। उनकी माता आज भी रसोई में नीचे धरती पर बैठ कर खाना खाती हैं। घर में सादगी है लेकिन एक अच्छे टेस्ट का पता चलता है। मेन बिल्डिंग के कोने में एक और ब्लाक है जिसमें उन्होनें अपना थियेटर बना रखा है। उस दिन शाम को वे ‘एक महल हो सपनों’ का देखने वाले थे।

घर के मेन हाल में उनकी पत्नी की एक बहुत पुरानी फोटो लगी हुई थी। जिसमें वे बहुत ही खूबसूरत दिख रही थीं लेकिन फोटो के नीचे एक पेपर चिपका हुआ था जिस पर यह टाइप किया हुआ था।

I am a sincere wife.

I am a good mother

But I am not a slave

पढ़ कर बड़ी हैरानी हुई। पूछने पर दादा मुनि ने एक दिलचस्प घटना सुनाई।

प्रीति जब छोटी थी तो एक दिन गुस्से में बहुत बिगड़ रही थी। यह कहना चाहिए बदतमीजी से पेश आ रही थी। उसे सबक सिखाने के लिए मैंने उसी समय यह टाइप करके फोटो पर लगा दिया।

प्रीति उनकी बेटी प्रीति गांगुली है जो अब एक्ट्रैस बनना चाहती है और अभी-अभी उसने खेल खेल में काम भी किया है। लेकिन दादा मुनि उसकी इस मामले में कोई मदद नहीं कर रहे। वे चाहते हैं कि वह शादी करके अपना घर बसा ले। लेकिन प्रीति अपने निश्चय पर अडिग लगती है।

बात घूम फिर कर किशोर कुमार की शादी पर आ गई। मैंने पूछा कि किशोर कुमार ने इस आयु में जो योगिता बाली से शादी कर ली है। इसके बारे में आपका क्या ख्याल है?

हैं, अभी शादी तो हुई ही नही!

क्या! लेकिन…!

मैं जानता हूं तुम क्या कहनी चाहते हो! लेकिन मैं उसका बड़ा भाई हूं। क्या मैं नहीं जानूंगा? किशोर ने आकर पूछा था। उसका कहना था कि योगिता बाली भी चाहती हैं लेकिन उनकी माता थोड़ा हिचकिचाती हैं और मैं भी सोचती हूं आयु का इतना फर्क है। यह सब सुनकर मैंने उसे समझाया कि जो भी करना हो सोच समझ कर करो, पहले जैसे दो बार फंस गया था तीसरी बार भी वैसा ही न हो!

फंस गया था.. पहली शादी के बारे में तो खैर कुछ कह नहीं सकता। लेकिन मधुबाला के साथ तो.. उनकी तो मृत्यु हो गई थी? मैंने पूछा।

नही, वह भी कुछ ऐसा ही था। मैं फिर कभी बताऊंगा।

कहकर वे चुप हो गये।

मैंने भी आगे पूछना मुनासिब नही समझा और इंटरव्यू के लिए प्रश्न पूछने शुरू कर दिये लेकिन ध्यान किशोर कुमा योगिता बाली की ओर ही था।


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Mayapuri

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