मेरे बचपन की दिवाली मेरी यादगार दिवाली है – साक्षी तंवर

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साक्षी तंवर:–यदि मुझसे पूछा जाए कि  दिवाली को आप किस तरह मनाना चाहते हैं तो मैं कहूंगी, मैं दिवाली को वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण से मुक्त रूप से बनाना पसंद करूंगी। काश! लोग हमेशा के लिए धमाकेदार पटाखे फोड़ना छोड़ दें। क्या दिवाली को सिर्फ एक खूबसूरत उजालों का त्यौहार के रूप में हम नहीं मना सकते है? हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मैं अपने परिवार के साथ दीवाली मनाऊंगी। दीया जलाकर, द्वार पर रंगोली उकेरकर और मिठाइयों के साथ।

हम अपने घर में पूजा का आयोजन भी रखते हैं। मेरी अब तक की सबसे यादगार दिवाली मेरे बचपन की है, जब हम परिवार के साथ शॉपिंग करने जाते थे।

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Mayapuri