INTERVIEW: गुजराती फिल्म बनाने के लिए तैयार है – दर्शन जरीवाला

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‘स्वीटी वेड्स एनआरआई’ में आपका क्या किरदार है?

मैं स्वीटी के पापा का किरदार निभा रहा हूँ जो चाहता है की स्वीटी की शादी एक एनआरआई लड़के से हो जाये। मेरे किरदार की एक बड़ी मजेदार कहानी है। मेरे किरदार को उसकी जवानी में इंग्लैंड से निकाल दिया गया था और अपना बदला लेने के लिये वो अपनी बेटी की शादी एक इंग्लैंड के लड़के से करना चाहते है। किरण सिप्पी उनकी बीवी का किरदार निभा रही है।

फिल्म किस बारे में है?

ये एक मजेदार पारिवारिक मनोरंजन वाली फिल्म है जो पूरे तरीके से अप्रत्याशित तो नहीं है मगर इसकी ऊर्जा बहुत मजेदार है। एक अभिनेता के तौर पर मैं अलग शैलियों में नये किरदार करने की कोशिश करता हूँ और बार बार अपने किरदार को सुधारने के लिये कुछ नया करता रहता हूँ।

खुद को एक अभिनेता के तौर पर आप कैसे बयां करोगे?

मैं ये कहूंगा की एक अभिनेता के तौर पर मैं अपने किरदार की बेहतरी के लिये अपने निर्देशक को बहुत से सुझाव देता हूँ लेकिन वो निर्देशक के ऊपर है की कौनसे सुझाव वो सही समझ कर लागू करना चाहते हैं और किन पर मुझे चुप बैठ कर बस उन्ही की सुननी है।

ऐसा लग रहा है कि आप भारत से गायब ही हो गये हैं ?

मैं पिछले एक साल से ब्रिटिश टीवी में काम कर रहा हूँ जहां मैं गुड कर्मा हॉस्पिटल के नाम का एक नाटक श्रीलंका में शूट कर रहा हूँ। अगर ये नाटक अमेरिकी टीवी पर प्रदर्शित हुआ तो ये भारत में भी जल्द ही दिखाया जायेगा। मैं एक अच्छे डॉक्टर, राम नायर का किरदार निभा रहा हूँ जो गुड कर्मा हॉस्पिटल चला रहा है और लीडिया फोंसेका मेरी सह अभिनेत्री है। फिलहाल मैं सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय टीवी पर ही सारा ध्यान दे रहा हूँ।

गुड कर्मा हॉस्पिटल के बारे में कुछ और बताइये ?

इस नाटक के हर एपिसोड में एक नयी कहानी है। ये नाटक इतना प्रसिद्ध है की इसने ‘डाउन टाउन एब्बी’ को भी पीछे छोड़ दिया है।

स्वीटी वेड्स एनआरआई के अलावा आप किसी भारतीय नाटक में भी काम कर रहे है?

मेरा ध्यान सिर्फ गुड कर्मा हॉस्पिटल पर है इसलिए टीवी पर कोई ध्यान नहीं है। स्वीटी वेड्स एनआरआई के अलावा मेरी एक और फिल्म जल्द ही प्रदर्शित होने वाली है, बहन होगी तेरी। मैं एक ब्रिटिश फिल्म भी कर रहा हूँ। मैं अभी गुड कर्मा हॉस्पिटल के दूसरे सीजन को श्रीलंका में शूट करने में व्यस्त हूँ जिसके कारण मैं गुजराती थिएटर नहीं कर पा रहा हूँ।

आपने आरती छाबरिया की शार्ट फिल्म मुंबई वाराणसी एक्सप्रेस में भी काम किया है?

परमानेंट रूममेट्स में अपने अभिनय की तारीफ सुनने के बाद मैंने मुंबई वाराणसी एक्सप्रेस में काम किया जब आरती छाबरिया ने इस  फिल्म का प्रस्ताव मेरे सामने रखा। वेब के द्वारा मुझे नयी जगह और नयी दुनिया देखने को मिली। मुंबई वाराणसी एक्सप्रेस में मेरे अभिनय के लिये मुझे नॉर्थ कैरोलिना एशियाई इंटरनेशनल अवॉर्ड भी मिला था।

थिएटर, टीवी, वेब सीरीज और फिल्मों में काम करने के बाद आपको सबसे ज्यादा संतुष्टि किस से मिली?

सच बताऊं तो चाहे वो थिएटर हो, टीवी हो, वेब सीरीज हो या फिल्में हो, मुझे सब में संतुष्टि मिली है। मैं लंदन और श्री लंका जा कर एक नयी शुरुआत कर रहा हूँ किसी हरयाणवी लड़की की तरह जो अभिनय में करियर बनाने मुंबई आयी है।

जब आप अपने करियर को एक अभिनेता के नजरिये से देखते हैं तो आपको कैसा लगता है?

भले ही मैंने 40 साल पहले शुरू किया हो, 1996 में गुजराती थिएटर से, लेकिन मैं देश भर में प्रसिद्ध तब हुआ जब रमेश सिप्पी ने मुझे एक नाटक ‘सूटेबल ब्राइड’ के दौरान देखा और अपने नाटक ‘क्या बात है’ में एक किरदार निभाने के लिए दिया जिसका निर्देशन उनके बेटे रोहन सिप्पी ने किया था और फिर 1997 में स्टार प्लस के लिए भी बात की। एक अभिनेता के तौर पर मैं उन फिल्मों से घृणा नहीं कर सकता जिनमें मैंने अभिनय किया है और वो नहीं चली क्योंकि कई बार अच्छी फिल्में नहीं चलती।

आपके बेहतरीन 5 नाटक कौन से है?

मैंने अब तक 8 नाटक किये हैं और उनमें से मैं सिर्फ 4 को ही बेहतरीन कहना चाहूंगा जो है- एक था राजा एक थी रानी, सास बिना ससुराल, क्या बात है और गुजराती नाटक नरसैया भक्त हरिणो।

आपकी अब तक सबसे बेहतरीन 5 फिल्में कौनसी है?

जो 65 फिल्में मैंने अब तक करी है, उनमें से मैं कहूंगा की गाँधी माय फादर, अजब प्रेम की गजब कहानी, हल्ला बोल, सुपर स्टार और बे यार (गुजराती) अब तक की मेरी सबसे बेहतरीन फिल्में है।क्या आप ये बात मानते हैं कि आपकी अभिनय में दूसरी पारी पहली पारी से कई गुना बेहतर है?

आप ये कह सकते हैं। मेरे अभिनय की दूसरी पारी में मुझे वही चीजे फिर से करके खुद को साबित करने की जरूरत नहीं थी। मुझे सुधार लाना है। मेरा ध्यान सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा पर है जहां अभिनेताओं पर कोई सर्हदबन्दी नहीं है। भले ही एक अभिनेता के तौर पर मैं संतुष्ट महसूस करता हूँ पर मुझे लगता है कि अभी भी मुझे बहुत कुछ करना है अगले 15 से 20 सालों में। मेरी अभिलाषा है कि मुझे मेरे साथ के लोगों से सराहना मिले।

क्या आप निर्देशक बनने का विचार रखते है?

मुझे आपको एक रहस्य बता देना चाहिये कि इस साल के अंत तक मैं निर्देशन शुरू करने जा रहा हूँ। मैं एक गुजराती फिल्म का निर्देशन करूँगा जिसके निर्माता है शरद पटेल, जो स्वीटी वेड्स एनआरआई के सह निर्माता भी है। ये फिल्म एक भावुक ब्लैक कॉमेडी होगी जो 2 भाईयों पर आधारित होगी।

 


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Mayapuri

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