इस साल 2020 की दीपावली पर बॉलीवुड की परियाँ नहीं उतरी सज धज के साथ?

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दीवाली हर साल की तरह इस साल भी प्रकाश पुंज के साथ बॉलीवुड की धरती पर उतरी तो है लेकिन इस वर्ष उस आँगन में रौनक की भारी कमी है। ना नगाड़े संग ढोल बजी ना धिन तड़ाक करके परियों का नाच हुआ, वाकई 2020 की दीवाली कोई भूल नहीं सकता। आइए देखें, बॉलीवुड की इन ऐक्ट्रेस हूर परियों ने ऐसी दीवाली पर क्या सोचा?

दीपिका पादुकोण:— कोरोना पन्डेमिक के चलते हम लोग सोशल डिस्टेंसिंग का रूल फॉलो कर रहे हैं, इसीलिए हम लोग दिवाली के मौके पर भी सोशलाइजिंग नहीं कर रहें हैं और यह तीन दिन पूरी तरह से घर परिवार को डेडिकेट किया। हमारे लिए हर त्यौहार हर पर्व फैमिली टाइम होता है जो हम दोनों (रणवीर और मैं) अपने माता पिता बहन और करीबी रिश्तेदारों के साथ एंजॉय करते हैं। इस दिन हम किसी भी हालत में शूटिंग या कोई भी प्रोफेशनल काम नहीं करते और सोशलाइज भी नहीं करते। इस दिवाली को भी हमारा त्यौहार सिर्फ फैमिली टाइम है। मैंने घर सजाया है, रंगोली भी बनाई है और हम दोनों किचन में कोई स्वीट डिश एक्सप्लोर कर रहें हैं। भले ही यह दिवाली घर के अंदर हम मना रहे हैं पर हम दोनों ही दीपावली पर ट्रेडीशनल इंडियन ड्रेस ही पहन रहें है।

दीपिका पादुकोण

करीना कपूर खान:—सर्वप्रथम दीवाली की शुभकामनाएं आप सबको, इस वर्ष दीवाली का आगमन कुछ ऐसे वक्त पर हुआ जब पूरी दुनिया कोरोना के धक्के से सम्भलने में लगी है और हमारे देश और परिवार तथा सिनेमा इंडस्ट्री ने अपने करीबियों को खोया है, ऐसे में क्या होली क्या दीवाली? हाँ, दीवाली एक पारंपरिक उत्सव है, मां लक्ष्मी की पूजा कर रहें हैं हम घर पर। हमारे घर परिवार के बच्चों को हमारे पारंपरिक त्योहारों और पूजा विधियों की जानकारी होनी चाहिए। आर के स्टूडियो में शुरू से ही हर त्योहार बहुत धूम धाम से मनाया जाता रहा है लेकिन आज वो दिन नही रहे। खैर, वक्त के साथ चलना ही होगा। अपने परिवार का ध्यान रखिए। सेफ दीवाली मनाइए।

प्रियंका चोपड़ा:—- इस वर्ष तो हम कोई भी त्यौहार अपने मन मुताबिक पहले की तरह नहीं मना पा रहे हैं। करवा चौथ भी मैंने अपने घर और घर के छत पर मनाया है। निक और सिर्फ हमारे घर वाले उपस्थित थे। जब मैं इंडिया में रहती थी तो दिवाली मतलब हम पंजाबियों के लिए खूब धूम धड़ाका वाला त्योहार होता था। करीबी रिश्तेदारों और दूर के रिश्तेदारों का एक दूसरे के घर आना जाना, गिफ्ट मिठाइयों का आदान-प्रदान, तरह-तरह के गेम्स, ताश की बाजियां, पटाखों की छूटती लड़ियाँ, आतिशबम के धमाके, फव्वारों, चर्खियाँ, फुलझड़ियों का सिलसिला चलता रहता था तीन दिनों तक। दीवाली मतलब अच्छे-अच्छे कपड़े ज्वेलरी वाला त्यौहार होता था। जब मैं यूएस में शिफ्ट हुई तो फिर दीपावली की वह बचपन वाली रौनक तो नहीं रही, लेकिन फिर भी अपने परिवार के साथ मिलकर इंडियन कल्चर को जितना हो सके बदस्तूर जारी रखा। मैंने अपने पति को भारतीय परंपरा, भारतीय त्योहार और भारतीय सोच को लेकर सब कुछ बता दिया।।

प्रियंका चोपड़ा

उन्हें यह सब सुनने में बहुत रुचि है। कुरेद कुरेद कर मुझसे सब पूछते हैं। पिछले वर्ष तक हम लोग कभी घर में तो कभी रिसोर्ट में, कभी कबो मैक्सिको में तो कभी किसी और जगह दीपावली मनाते रहे थे लेकिन अब कोरोना पेंडमिक के कारण अपने लॉस एंजिलिस वाले घर में ही दीपावली मना रहें है। मैं लक्ष्मी जी की पूजा हर साल करती हूं। इस साल भी दीपावली की रात निक के मॉम डैड, भाई भाभी और रिश्तेदारों तथा मेरी मॉम, मेरा भाई और अन्य इसी शहर में रहने वाले रिश्तेदारों के साथ दीवाली लक्ष्मी पूजा की तैयारी है। पटाखे फोड़ना तो अब बंद हो चुका है और इस साल तो हम पटाखे को हाथ भी नहीं लगाएंगे। मुझे हर भारतीय त्योहार पर सजना सँवरना खूब अच्छा लगता है। अक्सर मैं दिवाली पर लाल साड़ी, पीली साड़ी या गोल्डन साड़ी पहनना पसंद करती हूं। इस बार करवा चौथ पर मैंने लाल साड़ी पहनी थी। मायापुरी के पाठकों को दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं, पीस एंड प्रोस्पेरिटी के साथ।

कैटरीना कैफ:—दीपावली का कॉन्सेप्ट ही मुझे हमेशा से हैप्पी हैप्पी बना देती है। इस बार की दीपावली सिर्फ बॉलीवुड के लिए ही क्यों, सबके लिए अलग और बिना रौनक की दिखाई दे रही है। ऐसा लग ही नहीं रहा है कि दीपावली का त्यौहार चल रहा है, लेकिन कोई क्या करे? कोरोना पेंडमिक ने दुनिया ही बदल दी है और फिर बॉलीवुड ने कितने सारे अच्छे स्टार्स और इंसान खोया है इसी वर्ष, ज़ाहिर है किसी को कोई जश्न मनाने का उत्साह ही नहीं है। आठ महीने के बाद अब जाकर शूटिंग शुरू हो रही है, यही गनीमत है। मैं भी अपनी अगली एक्शन फिल्म के लिए एक्शन की विभिन्न हाई ऑक्टेन ट्रेनिंग ले रही हूँ।

कैटरीना कैफ

जब मैं फ़िल्म स्टार नहीं थी और विदेश में रहती थी तो मैंने सिर्फ दीपावली की रौनक और जगमगाहट की कहानियां सुनी थी, वहाँ हमारे कुछ इंडियन पड़ोसी दीपावली मनाते थे लेकिन उससे इंडिया में मनाए जाने वाली दिपावली का आईडिया नहीं लग पाता था। लेकिन भारत में शिफ्ट होने के बाद मैंने दीपावली की असली रौनक, असली चमक देखी, वाकई भारत पूरी तरह दुल्हन जैसी लगती है इस त्योहार के अवसर पर। मैं भी अब यहां के रँग में रंग गई हूँ, मुझे दीपावली पर खूबसूरत लाल सुनहरे लहँगे कुर्ते में ड्रेस अप होना बहुत पसंद है। मैं उस दिन ट्रेडिशनल गहनें भी पहनती हूँ और फुलझड़ियाँ भी जलाती हूँ और बॉलीवुड के सभी कलीग्स, सीनियर्स के दीवाली बैश में जरूर शामिल होती हूँ। अब तक ऐसा ही किया था, लेकिन इस साल कोई जश्न नहीं है। कोई बात नहीं, मन में उजाला बनाए रखिए, एक दिन सब ठीक हो जाएगा। मायापुरी के सारे प्यारे पाठकों को हैप्पी दीपावली।

आलिया भट्ट:—-नहीं, कोई सेलिब्रेशंस नहीं है दीवाली की, इस वर्ष सवाल ही नहीं उठता। देश दुनिया और हमारी बॉलीवुड कई दर्दनाक स्थितियों का सामना कर रही है। ना ही हम कहीं गए दीवाली मनाने ना कोई जश्न रखा। वैसे भी मैं दीवाली पर पटाखे नहीं फोड़ती हूँ। सब सेंसिबल लोगों को पता है पटाखों के कारण वातावरण और बेजुबानों पर शॉर्ट एंड लॉन्ग टर्म पर क्या बुरा असर होता है। फिर भी बहुत से इग्नोरेंट लोग नहीं समझते हैं पटाखों के कारण क्या हानि हो सकती है। अब कोरोना के दौर में, जब ये डिज़ीज़ लंग्स पर ज्यादा इफेक्ट करता है तो हम लोगों को पटाखों के टॉक्सिक गन्दगी और पटाखों की वजह से लगने वाली आग एक्सीडेंट्स से बचना चाहिए।

दीवाली दरअसल उजाले का उत्सव है, बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है लेकिन उसे जिस तरह से कई लोग मनाते हैं वो दीवाली के पर्पस को डिफीट करता है। फायर क्रैकर्स भले ही लोगों को मज़ा दे लेकिन हम ये भूल जाते हैं हम अपने एनवायरमेंट को सिर्फ इंसानों के साथ ही नहीं बल्कि पशु पक्षियों के साथ भी शेयर करते है। इसलिए दीवाली को ऑर्गेनिक तरीकों से मनाएं, मिट्टी के दीए प्रज्वलित करें, चाइनीज़ लाइट्स लगाने के बदले लोकल बने कंदीलें खरीदकर जलाएं, बायोग्रेडेबल रंगोली इस्तमाल करें और घर पर कोई स्वीट डिश बनाकर अपने परिवार के साथ दीवाली एन्जॉय करें। कोरोना काल के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल ज़रूर रखें एंड फाइनली बी काइंड एंड कंपैशनेट। सबका ख्याल रखें, चाहे वो इंसान हो या जानवर।

आलिया भट्ट

कृति सैनन:—–कोरोना काल के चलते भले ही हम पहले की तरह कोई त्योहार नहीं मना पा रहें हैं लेकिन त्योहारों के मौके पर हम लड़कियों को सजने सँवरने से कौन रोक सकता है। हमने इस बार भी दीवाली की ट्रेडिशनल इंडियन पोशाक पहनी है, मुझे घेरदार अनारकली पसंद है और खूबसूरत चाँद बालियाँ। पिछले साल की दीवाली में मेरे पैरेंट्स और सिस्टर आई थी मेरे मुंबई के घर पर मेरे साथ दीवाली मनाने। मेरे लिए मॉम दिल्ली से मेरी मनपसंद मिठाइयां भी लाई थी। मेरी बहन नुपूर और मुझे दोनों को रंगोली बनाने का बहुत शौक है। जब हम दिल्ली में रहते थे और बच्चे थे तो हर दीवाली पर अपने घर के दरवाजे पर रंगोली बनाते थे। और हाँ, अपने घर के एंट्रेंस को फूलों के हार से सजाना भी हमारा काम था, यहां अपने मुंबई वाले घर पर भी हमने अपने दरवाजे को पुष्पमालाओं के वन्दनवार से सजाया है। दीपावली पर जब हम अपनी खिड़कियों पर लाइट्स लगाते हैं तो वो घर को दीवाली के मूड में ले आती है। पिछले साल जो लाइट्स मैंने लगाए थे, वो साल भर लगाए रखा। इस साल कोई पार्टी नहीं, हम सब सोशल डिस्टेंसिंग फ़ॉलो कर रहें हैं लेकिन घर को तो दीवाली मेक ओवर दे ही सकते हैं न? और हमने दिया।

कृति सैनन

सारा अली खान:—–आई लव दीवाली सेलिब्रेशंस, लेकिन इस साल तो सोशल डिस्टेंसिंग रखना है, कोरोना पेंडमिक के कारण सारे सेफ्टी रूल्स फॉलो करना है, ऐसे में वो धूम धाम कहाँ जो पहले बॉलीवुड में दीपावली पर हुआ करती थी। और ये सही भी है, ऐसी कोई खुशी या उत्सव नहीं है इस काल में और कोई वजह भी नहीं है सेलिब्रेशंस के लिए। अब तो शूटिंग्स बदस्तूर शुरू हो जाना ही एक उत्सव है। पेंडमिक के कारण हमारे इंडस्ट्री के कितने सारे डेली वेजेस में काम करने वाले कारीगरों का रोजगार खत्म हो गया था, अब फिर से काम शुरू हो रहा है, सारे सेफ्टी मेज़र्स को फॉलो करते हुए तो वे लोग फिर से काम पर लग जाएंगे, इससे ज्यादा खुशी की बात और क्या हो सकती है। दीपावली खुशियों का त्योहार है, खुशी की वजह कोई भी हो, वो मन को उत्साह और उत्सव से जगमगा देता है। मन का जगमगाना ही सच्चा त्योहार है। मायापुरी के लाखों पाठकों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।

सारा अली खान


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