“पतंगबाजी  देखनी है तो अहमदाबाद जरूर जाए” दिलीप और दिशा 

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‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में जेठालाल और दयाबेन मकर संक्रांति पर पूरी सोसाइटी के साथ मिलकर पतंग उड़ाते है, मगर निजी जीवन किस तरह दिलीप जोशी और दिशा वकानी मकर संक्रांति मनाते है, क्या आप जानते है।

मकर संक्रांति पर जेठालाल  यानि दिलीप जोशी का कहना है की” जी गुजराती में इस पर्व को उत्तरायण कहते है,  इस दिन मैं हर साल सूर्य देवता के मंदिर जाने की कोशिश करता हूँ। मुझे याद एक साल हमारे शो की शूटिंग मकर संक्रति पर अहमदाबाद में हुई थी वहां पर मैंने अंतरराष्ट्रीय पतंग प्रतियोगिता देखी थी। अगर किसी को पतंगबाजी देखनी है तो अहमदाबाद में जरूर जाए। वैसे मैं पतंग उड़ाने में ज्यादा दिलचस्पी  नही लेता हूं क्योकि  पतंग के धागों से बेगुनाह पंछी घायल  हो जाते है।”

दयाबेन यानि दिशा वकानी का कहना है की” जी मकर संक्रांति जिसे गुजरात में उत्तरायण कहा जाता है, अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय पतंग प्रतियोगिता भी होती है, मेरा बचपन अहमदाबाद में  गुजरा  है तो इस पर्व से मेरी बहुत सारी यादें जुड़ी हुई है। मैंने बचपन में पतंग भी बनायी है, दरअसल  पतंग उड़ाना  एक बहुत ही समझदारी की कला है और यह हवा की रुख पर सब कुछ निर्भर करता है, अगर हवा सही नही है तो आपका पतंग भी नही उड़ेगी और हाँथ भी  दुखने लगेगा। उनदिनों हम ऊंधियो  बनाते थे और सुबह से  शाम तक पूरा शहर उत्सव मानता है। अब मैं पतंग नही उड़ाती क्योकि पतंग के धागे से पंछी घायल हो जाते है । अगर पतंगबाजी  किसी को देखनी है मकर संक्रांति पर अहमदाबाद जरूर जाए”


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Mayapuri

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