INTERVIEW: यहां पहले ही सरदारों को लेकर हंसाया जाता रहा है, मैं भी वो ही नहीं करना चाहता था – दिलजीत सिंह दोसांझ

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पंजाबी फिल्मों के स्टार और सिंगर दिलजीत सिंह दोसांझ को दर्शक इससे पहले फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में देख चुके हैं। अब वे अनुष्का शर्मा की फिल्म ‘फिल्लौरी’ में उसके अपोजिट दिखाई दे रहे हैं। फिल्म में उन्होंने करीब डेढ़ सो साल पुराना किरदार निभाया है। फिल्म को लेकर दिलजीत से एक मुलाकात।

फिल्म में आप जिस तरह का लुक लिये हुये हैं उस पर कोई एतराज तो नहीं किया जायेगा?

मेरा किरदार सो डेढ सो साल पुराना है। उसमें मेरे बाल लटके हुये हैं लेकिन मेरा सिर नंगा नहीं है। कोई भी सरदार अपना सिर नंगा नहीं रख सकता। अगर ऐसा होता तो विवाद हो सकता था।

इस फिल्म में आपको क्या अच्छा लगा ?

मुझे कहानी बहुत अच्छी लगी। दरअसल मुझे वही फिल्म भाती है जिसमें  रोल के अलावा कहानी भी अच्छी हो क्योंकि आप तो अपने रोल में अच्छा परफार्मेस देते हैं लेकिन कहानी में दम नहीं तो आपकी सारी मेहनत बेकार हो जाती है ।यहां कहानी में बहुत दम था और मेरा किरदार भी ठीक ठाक था। मैने कहानी अंत तक सुनी और क्लाइमेक्स सनने के बाद तो मैं काफी एक्साइटमेन्ट हो गया था।diljit dosanjh

आपके फिल्म बादशाहोछोड़ने की क्या वजह रही ?

वो फिल्म अच्छी बने, मेरी यही ख्वाईश है, दूसरे फिल्म के डायरेक्टर का भी मैं फैन रहा हूं लेकिन मैने अपना रोल सुना तो मुझे लगा कि मैं उस रोल को जस्टीफाई नहीं कर पाउंगा क्योंकि भीतर से मुझे लगा कि मैं उस रोल के लिये नहीं बना था। इसलिये मैने वो फिल्म ठुकरा दी थी ।

एक तरफ तो आप पंजाबी फिल्मों में कॉमेडी तथा मसाला फिल्में करते हैं,वहीं हिन्दी में आप उड़ता पंजाब और फिल्लौरी जैसी फिल्में करते हैं। वजह ?

मैं मानता हूं कि मैने अभी तक पंजाबी फिल्मों में दर्शकों को खूब हंसाया है लेकिन यहां पहले ही सरदारों को लेकर हंसाया जाता रहा है इसलिये मुझे नहीं लगा कि मैं भी वही करूं। मैं खुशकिस्मत रहा कि मुझे नेशनल लेबल पर अच्छी फिल्में ऑफर हुई जिन्हें करते हुये मुझे गर्व हुआ। क्योंकि हंसा तो मैं अपनी फिल्मों रहा ही हूं और अगर मुझे मौका मिल रहा है तो क्यों न अलग तरह की फिल्में करूं।

फिल्म में ड्रामा और इमोशन की तादाद कितनी है?

ये तो आपको फिल्म देखने के बाद पता चलेगा लेकिन जंहा मेरा पार्ट रोमांटिक है, जहां ड्रामा है इमोशन है, वही न्यू वर्ल्ड में सूरज और अनुश्का की कमेस्ट्री है जिसमें कॉमेडी है।Phillauri-Movie

बॉलीवुड के बदलते सिनेमा को आप किस तरह से देखते हैं?

मैं सलमान खान की फिल्मों का जबरदस्त प्रशंसक हूं। इनके अलावा अमिताभ बच्चन, धर्मेन्द्र तथा सनी देओल आदि स्टार्स मेरे आदर्श रहे हैं। फैंटम प्रोडक्शन की फिल्में देख कर मुझे लगा कि ये सिर्फ फिल्म बनाने के लिये ही फिल्में नहीं बनाते। इसी तरह अनुष्का अगर चाहती तो मसाला कमर्शल फिल्में बना सकती थी लेकिन उन्होंने लीक से हटकर फिल्में बनाने का निष्चय किया वो प्रशंसनीय है ।

आप अपनी जर्नी को लेकर क्या कहना चाहेगें ?

मैं जब अट्ठारह साल का था तब मेरा पहला एल्बम निकला। पांच छह एल्बम के बाद मुझे फिल्मों के ऑफर भी मिलने लगे तो मैने वहां भी हाथ आजमा लिये और वहां भी मुझे सफलता हासिल हुई । मेरी अभी तक मेरी छह सात फिल्में रिलीज हो चुकी हैं। आगे मेरी आने वाली पंजाबी फिल्म है ‘सरदार 2’ ।dilj

आप अभिनेता ज्यादा हैं या सिंगर ?

बेसिकली तो मैं सिंगर हूं लेकिन एक अभिनेता भी मेर भीतर था जिसका मुझे पता नहीं था ।लेकिन मैं अपनी पहचान बतौर गायक ही बनाना चाहूंगा।

आपके पंसदीदा गायक कौन कौन हैं ?

एक ही हैं और वे मेरे ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब के आदर्श आज भी गुरदास मान ही हैं। यहां हर कोई उनके जैसा बनना चाहता है, लेकिन उनके जैसा न तो कोई है और ना कोई होगा, वे एक ही पीस है, क्योंकि वे तीस चालीस साल पहले भी स्टेज शोज करते थे ओर आज भी स्टेज शोज करते हैं। वे इकलौते ऐसे पंजाबी सिंगर हैं जिनके विदेशों में आज भी सारे शोज हाउसफुल जाते हैं।


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Mayapuri

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