सुनील आनंद ने अपने पिता देव आनंद का नाम किया रोशन हॉलीवुड की फिल्म ‘वैगेटॉर मिक्सर’ हुई पूरी – अली पीटर जॉन

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यह बहुत ही मुश्किलों भरा है सुनील के लिए अपने पिता के काम को संभालना जो कि एक लीजेंड रहे हैं अपने जमाने के पुराने जमाने में और आज के जमाने में ऐसा माना जाता है , कि एक बेटा तब तक काम नहीं करता जब तक उसके पिता की मृत्यु नहीं होती है। मैं बहुत खुश हूं इस बात से कि सुनील आनंद उन लोगों में से नहीं हैं। एक बेटे के तौर पर मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं और सलाम करता हूं क्योंकि वह एक अच्छे आदमी हैं। मैं उनको पिछले 25 सालों से जानता हूं एक फिल्ममेकर, निर्देशक, अभिनेता, और स्टूडियो के मालिक के तौर पर उनका व्यवहार मेरे प्रति बिल्कुल वैसा ही है जैसा वह अपने बच्चों के साथ प्यार करते हैं।देव साहब  ने सिर्फ अपने बेटे सुनील को चाहा था कि वह उनके बैनर को चलाये जिसे उन्होंने 60 साल पहले शुरू किया था। सुनील कुछ साल पश्चिम में रहे जहां उन्होंने ट्रेनिंग ली अकाउंट्स में और उसके बाद उन्होंने अपने पिता के प्रोफेशन में भी थोड़ी रूचि दिखायी। आखिरकार सुनील अपने पिता के नक्शे कदम पर ही चले और फिल्म  ‘आनंद और आनंद’ में डेब्यू किया जिसमें वह मुख्य किरदार में नजर आये। इस फिल्म को उनके पिता देव आनंद ने निर्देशित किया और फिल्म में भी वह पिता के किरदार में नजर आये। सुनील ने ‘मैं तेरे लिए ’ में भी काम किया जिसे उनके अंकल विजय आनंद ने निर्देशित किया था। उसके बाद सुनील आनंद ने एक और मुश्किलों भरा कदम उठाया फिल्म ‘मास्टर’ जो की एक एक्शन फिल्म थी उसे निर्देशित भी किया और उसमें अभिनय भी किया।
वह एक एक्टिव नौजवान थे अपने पिता के बैनर के और एक आखिरी फिल्म भी देव आनंद बना रहे थे अपने बैनर की जिसे वह अधूरा छोड़ गए और लंदन के एक होटल में उन्होंने आखिरी सांसे ली। यह एक अकेले ऐसे इंसान थे जो बोलने में नहीं करने में विश्वास करते हैं और वह हैं सुनील आनंद।
सुनील आनंद जो अपने पिता के बिजनेस को यूएस स्थित दीन बख्शी के साथ( जूनिक्स इंटरटेंमेंट्स यूएसए) पार्टनरशिप में हॉलीवुड के निर्माता के रूप में वैगेटॉर मिक्सर बना रहे हैं। सुनील और दीन कहते है कि लॉस ऐंजेल्स की शूट खत्म होने के बाद हम तुरंत पोस्ट प्रोडक्शन में जुट गए। सुनील के दोस्त और पार्टनर दीन देव साहब को बहुत सालों से जानते थे और देव साहब के मरने के कुछ दिन पहले ही सुनील और दीन के बीच तालमेल ठीक हुआ था। देव साहब के साथ दीन की आखिरी मुलाकात में दीन ने देव साहब से वादा किया था वह सुनील को हॉलीवुड के साथ जरूर जोड़ेंगे जो देव आनंद देखना चाहते थे पर उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका। उस समय देव साहब की आंखे नम थी और दोनों ने हाथ पकड़ा हुआ था और इस पल को उनके बेटे सुनील ने क्लिक करके कैमरे में कैद कर लिया।

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वैगेटॉर मिक्सर फिल्म एक रोमांटिक, मार्शल आर्ट और एक्शन फिल्म है। इस फिल्म में सुनील मुख्य किरदार में हैं और उनके दोस्त दीन निगेटिव किरदार में नजर आयेंगे। इन दोनों के अलावा फिल्म में अमेरिकन एक्टर आॅब्री भी होंगी जो मुख्य किरदार में नजर आयेंगी, ततानियां (स्पोर्टिंग एक्ट्रेस), फिलीपॉस (गोअन ड्रग लॉर्ड), ब्लेक(एफबीआई एजेंट), इफ्का( रशियन ड्रग लॉर्ड), और टॉम (हिप्पी)।
फिल्म की शूटिंग लॉस ऐंजेल्स और गोवा में हो चुकी है। फिल्म में मार्शल आर्ट के फाइट सीन को ग्रैंड मास्टर ल्यूंग टिंग (10 वीं लेवल एम.ओ.सी, आइ.डाब्लू.टी.ए), जो कि छात्र हैं फेमस महान ग्रैंड मास्टर यीप मैन। फिल्म को निर्देशित किया है सुनील आनंद ने और फिल्म को 35 एम एम के फॉर्मेट पर शूट किया गया है। फिल्म का पोस्ट प्रोडक्शन का काम चल रहा है जिसमें फिल्म के साउंड ट्रैक को कम्पोज किया जा रहा है। सुनील और दीन दिन रात काम कर रहे हैं पोस्ट प्रोडक्शन में और कुछ ऐसे टेक्निक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं जो पहले भारत में इस्तेमाल नहीं की हैं। सुनील और दीन प्लान कर रहे हैं फिल्म को 2015 के गर्मी में पूरे दुनिया में रिलीज करने की।
यह फिल्म देव आनंद को भेट की जा रही है और दुनिया में किसी और को भेट नहीं की जा सकती। यह सबसे बढ़िया श्रद्धांजलि होगी एक बेटे की तरफ से अपने पिता के लिए। मैं जो की देव आनंद का बहुत बड़ा फैन हूं स्कूल के समय से ही उनके स्टाईल और फिल्मों का और सुनील अवश्य जानते हैं अपने पिता की जिम्मेदारी और नवकेतन फिल्म्स जो उनके पिता का बैनर है उसे आगे बढ़ा रहे हैं। मैं तो यही चाहूंगा की यह इसी तरह फिल्में बनाते रहे और लोग उनको याद रखें अमर देव आनंद के बेटे के रूप में जो सुनील को गाइड, उत्साह और प्रभावित करेगा।


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Mayapuri

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