अनिल कपूर, जिसपर निर्देशक करते थे विश्वास

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अनिल कपूर हिंदी सिनेमा के जाने माने सितारों में से एक है क्योंकि वह आज भी उतने ही चुस्त, फुरतीले और जवां दिलवाले अभिनेता है. पिछले 30 सालों से, अनिल ने अनगिनत फिल्मों में काम ही नहीं बल्कि अपनी एक अलग छाप छोड़ी है. वह एक ‘मैड एक्टर’ के तौर पर भी जाने जाते है जो किसी भी रोल को बखूबी निबटे और उसे यादगार बना देते है. अनिल जानते है और विश्वास भी करते है कि टैलेंट में हार्ड वर्क और जूनून होना बहुत ज़रूरी है. लेकिन उन्हें यह भी मालूम है कि एक्टर अगर अच्छे निर्देशक के साथ काम ना करे तो वह गुमनाम भी हो सकता है. 24 दिसम्बर अनिल का जन्मदिन, वह आज भी उन निर्देशकों को याद करते है जिन्होंने उन पर विश्वास करके उन्हें काम दिया और उन्हें वो बनाया जिसके लिए अनिल आज मशहूर है.

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बापू: मैं जूनियर प्रोडक्शन असिस्टेंट था जब बापू सर ‘हम पांच’ का निर्देशन मेरे बड़े भाई बोनी की कंपनी के लिए कर रहे थे. मैं उनसे काफी प्रभावित था क्योंकि वह बड़े ही तेज़ी से काम करते. मैं रोमांचित हो गया और बोनी को बोलने लगा कि मुझे भी हीरो बनना है. फिर मैंने बापू सर के साथ ‘हम पांच’ और ‘वो साथ दिन’ में काम किया. इन दोनों फिल्मों के ज़रियें मेरे फ़िल्मी करियर की नीव राखी गई. मैं हमेशा बापू सर को याद करता हूँ क्योंकि उन्होंने मुझे सिखाया कि किस तरह एक अच्छी फिल्म बनती है और निर्देशक किसी भी अभिनेता को किस तरह से उनमे निखार लाता है.

रमेश सिप्पी: मुझे कभी ‘शोले’ के निर्देशक रमेश सिप्पी के साथ काम करने का मौका नहीं मिला, लेकिन मैं खुश हूँ जो ‘शक्ति’ में उन्होंने मुझे कामों करने का मौका दिया. मुझे उस रोल में ज़्यादा कुछ करने को नहीं मिला लेकिन दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन और रमेश सिप्पी जैसे अनुभविक लोगों के साथ काम करने का मौका मिला.

यश चोपड़ा: मैं कभी-कभी सोचता हूँ कि मैं इतना अच्छा एक्टर नहीं बन पता अगर निर्देशक यश चोपड़ा मुझ पर विश्वास नहीं करते. मैंने इस ग्रेट रोमांटिक डायरेक्टर के साथ कई बेहतरीन फिल्में की जिनमे ‘मशाल’, ‘लम्हे’ और ‘विजय’ शामिल है. वह अच्छी फिल्मों के मास्टर है और मेरा यह अपने आप को खुशनसीब समझता हूँ कि मुझे उनके साथ काम करने और अच्छे रोल निभाने का मौका मिला, लेकिन फिर क्या कर सकते है जब किस्मत ने आपके लिए कुछ ओर ही सोच रखा हो?

सुभाष घई: मैं अपनी ज्यादातार फिल्में शोमैन के साथ की जैसे ‘राम लखन’, ‘कर्मा’, ‘युवराज’, ताल और ‘ब्लैक एंड वाइट’. मैं इतनी साड़ी फिल्में नहीं करता अगर मुझे उनपर विश्वास नहीं होता और मैं बहुत खुश हूँ कि हमने मिलकर एक म्यूच्यूअल सोसाइटी की स्थापना की. मैं अब भी उनकी कॉल का इंतज़ार करता हूँ कि कब वो मुझे एक ओर कोई चल्लेंचिग रोल ऑफर करेंगे.

महेश भट्ट: इस इंडस्ट्री में मुझे यह एक मात्र ऐसे इंटेंस डायरेक्टर मिले जिनके साथ कम लेकिन बहुत यादगार काम किया जिनमे ‘ठिकाना’ और ‘आवारगी’ जैसी फिल्में शामिल है. मैंने उनके साथ और कई फिल्में करना पसंद करूँगा लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि उन्होंने फिल्में ना डायरेक्ट करने का फैसला कर लिया है.

राज कुमार संतोषी: यह उन निर्देशकों में से एक है जिनके साथ मैंने अपनी बेह्तार्रें फिल्में दी और मैं खुशनसीब हूँ जो मुझे ‘पुकार’ जैसी फिल्म में काम करना का अवसर मिला. मुझे नहीं पता, उन्होंने एक लम्बे समय से कोई भी फिल्म की घोषणा नहीं की लेकिन वाह जब भी करें, मैं चाहता हूँ कि मुझे एक अच्छा रोले करने का मौका मिले.

एन चंद्रा: उन्होंने मेरे साथ सिर्फ एक ‘तेज़ाब’ की, जिससे मुझे फेम और स्टारडम मिला और फिल्म में मेरे रोल ‘मुन्ना’ को लोगों ने काफी पसंद किया.

शेखर कपूर: यह वो निर्देशक है जिसने मुझे लाइफ टाइम रोल ‘मिस्टर इंडिया’ का किरदार निभाने का मौका मिला. यह आज भी एक यादगार रोल है और इसका पूरा श्रे जाता है शेखर कपूर को. मेरी चाहत है कि वह मुझे लीड रोल में लेकर एक इंटरनेशनल या कोई हॉलीवुड फिल्म बनाये.

फिरोज खान: वह सिर्फ एक स्टाइलिश और परिष्कृत अभिनेता ही नहीं बल्कि एक बहुत ही बेहतरीन निर्देशक भी थे जिन्हें कोई नहीं छू सकता. मैं उनके साथ और भी फिल्में करना चाहता था लेकिन मैं इतना खुशनसीब नहीं था जो उनके साथ काम करने का मौका मिलता.

के. विश्वनाथ: वह साउथ की बेस्ट फिल्में बनाने के लिए मशहूर है लेकिन जब उन्होंने मुझे ‘ईश्वर’ फिल्म ऑफर की तो मई बहुत खुश हुआ. मैं बहुत उत्साह था जब मुझे उनके साथ 20 से 80 साल की उम्र का किरदार निभाने का मौका मिला और यह मेरे करियर की बेस्ट फिल्मों में से एक है.

प्रियदर्शन: उन्होंने कई अच्छी फिल्में बनानी है लेकिन मैं पर्सनली मानता हूँ कि ‘विरासत’ उनकी बेहतरीन फिल्म थी जिसमे मुझे एक काम्प्लेक्स और बहुत ही डिफिकल्ट रोल करने का मौका मिला था. लेकिन प्रियदर्शन ने उस दिफिचुल्ट रोल को भी अपनी गाइडेंस से इजी कर दिया था.

डैनी बॉयल: डैनी ने मेरे टैलेंट को कई एक्टर्स के ऑडिशन के बाद पहचाना और मुझे ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ में रोल ऑफर किया. मैं इस रोल को अपना बेस्ट दिया और 24 टीवी सीरीज में भी मैंने अपना बेहतर प्रदर्शन दिया. मुझे उम्मीद है कि मई डैनी के साथ और भी फिल्में करूँगा जिन पर हम पहले ही चर्चा कर चुके है. मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूँ कि उन्होंने एक बार फिर मेरे लिए एंटरटेनमेंट वर्ल्ड में बरक़रार रहना का मौका दिया.


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Mayapuri

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