क्या आप रेखा को नजदीक से जानते है?

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मायापुरी अंक 5.1974

जी हां मैं अभिनेत्री रेखा ही की बात कर रहा हूं जिसे सैक्स बम, सैक्स की चिंगारी और कपड़ो की तरह मर्द बदलने वाली औरत कहकर काफी बदनाम किया गया है।

लेकिन आज मैं एक दूसरी रेखा को आपके सामने रखने की हिम्मत कर रहा हूं जिसे शायद बहुत कम लोगों ने देखा और जाना है। यह एक पक्की बात है कि उस पर जो कुछ थी लिखा गया है। वह उसकी पर्सनल लाइफ से ही ज्यादा जुड़ा रहा है। मैं यहां उसकी दोनों लाइफ के रंग दे रहा हूं एक्ट्रेस रेखा भी और वह रेखा जो एक औरत भी है। रेखा की सबसे बड़ी कमजोरी (जिसे अच्छी आदत कहना चाहिए) यह रही है कि वह मुंह फट है। आपका मुंह काला है तो फट आपके मुंह पर आपको काला कह देगी। कुछ लोग इसलिए भी उसे बुरा समझते है। सवाल है सच कहने वाले को कब बुरा नही समझा गया। लेकिन मुश्किल यही है कि लोग उसकी इस अदा को अच्छा समझने की बजाय बुरा समझते है,

शुरू-शुरू में वह आई तो उसने एक फिल्म में साड़ी को नाभि के नीचे बांध लिया और लोंगों ने कहना, चिल्लाना शुरू कर दिया कि मद्रास से एक ऐसी एक्ट्रेस आ गई है जिसे सैक्ट्रेस कहना चाहिए। जो साड़ी इतनी नीची बांधती है कि अगर वह सांस लेगी तो साड़ी नीचे गिर जायेगी।

लेकिन रेखा का ही दम था कि उसने साड़ी को नीचे नही गिरने दिया और दर्शक सांस रोके रहे कि कब रेखा सांस ले और उसकी साड़ी नीचे गिरे। लिखने या कमेंट करने वालों ने यह नही सोचा कि वह एक एक्ट्रेस है और ग्लेमर के बाजार में जी रही है जहां ग्लेमर के लिए पोशाकों को नये तरीके से बांधना उन्नति का मार्ग समझा जाता है। दरअसल बात कुछ और थी। रेखा ही सबसे पहली एक्ट्रेस थी जिसने इस तरह साड़ी बांधने की हिम्मत की क्योंकि जब अभिनेताओं को पोशाके पहनने के तरीके बदलने का हक है तो अभिनेत्रियों को क्यों नही। इसीलिए रेखा ने चुम्बन की सिफारिश की जिसे लेकर दुनिया भर में हंगामां मचा। क्या कुछ नही लिखा गया उस पर लेकिन वह तो एक फेंक और निर्भीक एक्ट्रेस निकली जिसने किसी के कमेंट की परवाह नही की।

और सच यह है कि रेखा की यह लापरवाहों और साफगोई ही उसकी बदनामों का कारण बन गई। उसने कभी इस बात को नोटिस ही नही किया कि लोग उसकी किस-किस बात को कैसे नोट कर रहे है और इसीलिए हालत यहां तक पहुंच गई कि अगर रेखा को बुखार आ जाए और वह अस्पताल चली जाए तो लोग कहते है वह एबॉर्शन कराने कई है। उसका फूड-पाइजन आत्महत्या कही जाती है।

आज रेखा एक ऐसी ही स्टेज से गुजर रही है जहां लोग उसकी इस बात को नोट नही करते कि वह हमेशा शूटिंग में समय से पूर्व पहुंच जाती है। वह अपने निर्माताओं को, निर्देशकों को बिल्कुल तंग नही करती बल्कि जहां तक हो सकता है ज्यादा से ज्यादा समझौते कर लेती है। यहां तक अब यह नोट किया जाता है कि वह किस की कार में बैठकर कहां घूम रही थी। वह इंटरव्यू में सैक्स चुम्बन और किरण कुमार था विनोद मेहरा के बारे में क्या कहती है। बिना इन बातों के जैसे रेखा का इंटरव्यू अपूर्ण है, बेकार है।

रेखा के संबंध में एक बात साफ है कि वह अपनी आम जिंदगी में कभी मेक-अप या ज्यादा साज-सिंगार नही करती। पार्टी में भी सादगी के साथ ही आती है जबकि दूसरी अभिनेत्रिया इस कदर भड़कीली होकर आती है कि लोग उनके खुले अंग तक साफ साफ देख ले। लेकिन रेखा की इस बात का नोटिस नही लिया जाता। रेखा को अफसोस है तो इस बात का कि उसने हिंदी फिल्मों की हीरोइन को एक नई नजर से देखने की कोशिश की लेकिन कहा यह गया कि उसने फिल्मों की लक्ष्मण रेखा को पार किया है जबकि सच तो यह है कि फिल्मों में एक भी लक्ष्मण रेखा नही जो यह रेखा खींच सकता।

और आज अगर रेखा किरण कुमार या विनोद मेहरा, यश कोहली या किसी और के साथ घूमती है तो इसका अर्थ क्या यह नही हो सकता कि वह उसी लक्ष्मण की तलाश करती है जो उसे एक पत्नी मानकर उसके इर्द-गिर्द एक ऐसी रेखा खींच दे जिसके अंदर वह खुद को एक औरत महसूस कर सके।

और रेखा के साथ ट्रेजेडी यह है कि उसे हर आदमी में अभी तक लक्ष्मण की बजाय रावण के दर्शन हुए है जो सिर्फ उसके जिस्म से संबंध रखने की कोशिश करते है, या जो सैक्स को चिंगारी समझते है। लेकिन यह समझने के लिए कोई भी राजा विक्रम नही है कि उसके अंदर एक ऐसी औरत भी है जो सुंदर भविष्य के लिए अंदर ही अंदर जल रही है।


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Mayapuri

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