क्या अमिताभ बच्चन को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाना चाहिये?

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सुगबुगाहट है राष्ट्रपति चुनाव को लेकर इसी जुलाई में भारत के नये राष्ट्रपति का चुनाव किया जाना है। कई संभावित नाम सामने आ रहे हैं। सबके चहेते अपनी पसंद को दर्शा रहे है। ऐसे में अमिताभ बच्चन को पसंद करने वाले भी राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में उनका नाम लें तो क्या हर्ज है! बेशक हमारे देश में राष्ट्रपति चुनाव की एक सीधी कोटिक व्यवस्था नही, बल्कि अपरोक्ष-प्रक्रिया है। जिसमें बात राजनयिकों के इर्द-गिर्द ही घूमती है। बावजूद इसके मशहूर वैज्ञानिक मरहूम अब्दुल कलाम जैसे लोग भी राष्ट्रपति पद की गारिमा को सम्मानित करते हैं। अगर लोकतंत्र में न्यायिक पचड़ों में फंसे अडवाणी को राष्ट्रपति पद पर लाने की गुहार मच सकती है तो करोड़ो दिलों पर राज करने वाले अमिताभ बच्चन का नाम इस पद की उम्मीदवारी के लिए क्यों नही उठाया जा सकता?

बेशक बच्चन देश के सभ्रांत नागरिक होने की शर्तो पर पूरी तरह खरे उतरते है। वह लोकसभा के चुनाव जीते हुए सदस्य भी रहे हैं। कभी वह मशहूर राजनयिक बहुगुणा को इलाहाबाद की संसदीय सीट से हराये थे। फिर, राजनिति उन्हें रास नही आयी और वह नेतागिरी से अलग हो गये। मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन के सुपुत्र, राज्यसभा सांसद जया भादुड़ी बच्चन के पति, पूर्व विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय के ससुर, मशहूर औद्योगिक घराना नंदा के समधी और सत्तर के दशक से आजतक हिंदी सिनेमा के पर्दे पर राज करने वाले ‘सरकार’ जिनको सदी का महानयाक और ‘मिलेनियम स्टार’ घोषित किया गया है, क्या उनकी योग्यता पर कोई अंगुली उठा सकता है। जहां तक देश सेवा से जुड़ने की बात है यहां भी अव्वल रहे है।

आज सभी सितारे ब्रांड एम्बेसडरी की बात करते हैं। आमिर शाहरुख, सलमान अक्षय सबमें होड़ है कि कौन सितारे किस किस सरकारी प्रचार का चेहरा है। इसकी शुरूआत भी बच्चन से ही हुई है। वह पल्स पोलियो के लिए लगातार कई सालों से काम करते आये हैं। पहले अपने बल पर फिर सरकारी पॉलिसी बनाई गई तब। एचआईवी। एड्स और एचआइबी इनफेक्टेड बच्चों के लिए सबसे पहले वह आवाज बने सुनामी के समय यह बिग बी थे जो रेडियो टीवी पर अपील कर रहे थे। वह UNICEF के लिए अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड रहे है। कौन बनेगा करोड़पति के 90 मिनट के एक एपिसोड का पूरा पैसा (प्राइज तक) UNICEF को डोनेट करवाये थे जो भारत में खर्च किया गया। वह ‘हेपेटाइटिस B’ का चेहरा थे। भूकंप के समय में पूरा एक ध्वस्त मोहल्ला (गांव) गोंद लिए थे। इको फ्रेंडली क्लिनिंग और टूरिज्म डेवलपमेंट के लिए, शौचालय के लिए नारी उत्थान और लड़कियो पर होने वाले यौन उत्पीड़न के लिए वह पिंक प्रचार-प्रसार में बढ-चढ़ कर भाग लेते रहे है। बिग बी जो  पूरा जीवन लोगों को मनोरंजन दिए है, करोड़ो युवकों के लिए प्रेरणाश्रोत बने है, उनको राष्ट्रपति बनाये जाने के लिए अगर फिल्म इंडस्ट्री के लोग आवाज उठाए तो क्या बात होगी! हॉलीवुड स्टार अमेरिका में चुनाव लड़कर गवर्नर बनते है और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनते हैं तो भारत में बिग बी क्यों नही बन सकते जरुरत है बस, एक आवाज उठाने की!!

संपादक 

 


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Mayapuri

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