जानिए बचपन को याद करने के लिये क्या करती है दृष्टि धामी

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हर कोई अपने खाली समय में कोई न कोई शौक पूरा करना चाहता है। शौक चाहे नया हो या फिर बचपन का, कलाकार अक्सर अपने खाली समय का सदुपयोग ऐसे ही करते हैं। स्टार प्लस के प्राइम टाइम शो ‘परदेस में है मेरा दिल’ में अपने अभिनय से दुनिया भर में तारीफें बटोर रहीं दृष्टि धामी समय के प्रबंधन में माहिर हैं। जहां दूसरे कलाकार अपने खाली वक्त में सोना या दोस्तोंसे मिलना जुलना पसंद करते हैं, दृष्टि अपने बचपन के दिनों को याद करने के लिये पेंटिंग करना पसंद करती हैं।

वह भले कोई उत्कृष्ट पेण्टर न हों लेकिन वह अपने बचपन के दिनों को याद करने और अपनी रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिये पेंट करती हैं। इसके बारे में दृष्टि ने बताया, ‘‘बचपन में मैं अक्सर पेण्ट किया करती थी। मैं प्रोफेशनल पेण्टर नहीं हूं लेकिन अपने खाली वक्त में इसे करना मुझे सुकून देता है और अपने अपने विचारों को इकट्ठा कर पाती हूं। यह मेरे भीतर के बचपन को बचाये रखने में मेरी मदद करता है। रंग मेरा तनाव दूर करते हैं और मुझे इनसे खुशी होती है।’’ दृष्टि निश्चित रूप से इंडस्ट्री के लिये प्रेरणा का स्रोत हैं।

देखिए दृष्टि धामी को नैना के किरदार में परदेस में है मेरा दिल में रात 8 बजे सोमवार-शनिवार सिर्फ स्टार प्लस पर !


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Mayapuri

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