आमिर खान… वन मैन आर्मी सितारा

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सरकार से विनती है कि आमिर खान को पद्म-विभूषण से नवाजा जाए।

नोट बंदी की तंगी में जब देश भर के सारे थिएटर खाली चलने की खबरों में हों, एक फिल्म 500 करोड़ का क्लब बनाने की ओर बढ़ रही है… यह ताज्जुब की खबर नहीं तो और क्या है! और, फिल्म भी वो-जो विशुद्ध भारतीय है, जिसमें सितारों की भीड़ नहीं है और जो मेकिंग के बज़ट में भारी भरकम नहीं है। जी हां, हम फिल्म ‘दंगल’ की ही बात कह रहे हैं। निश्चित रूप से इस सफलता के लिए आमिर को बाॅलीवुड का इकलौता नायक- यानि ‘वन मैन आर्मी- सितारा’ ही कहा जाना चाहिए।

चार हफ्तों में 300 करोड़ की कलेक्शन देने वाली फिल्म ‘दंगल’ से ‘डिज्नी’ जैसी विदेशी कंपनी का हट जाना और अपना फिल्म प्रोडक्शन का कारोबार भारत में स्थगित कर देना आमिर के लिए चिन्ता का विषय हो सकता था, मगर उनके चेहरे की मुस्कान बनी रही क्योंकि उनको खुद पर विश्वास था! फिल्म में (खुद के अलावा) किसी बड़े सितारों को ना लेना, फिल्म का विषय पूरी तरह भारतीय (उपेक्षित समझा जाने वाला कुश्ती का दंगल), सभी नये कलाकारों के साथ काम करना, और रिलीज का समय जब देश नोट बंदी की मार झेल रहा हो। बैंकों में कतार लगाए खड़ा हो तब…यह सचमुच एक करिश्मा ही है उस ‘वन मैन आर्मी’ वाले सितारे का.! फिल्म में महिला उत्थान का सोशल मैसेज- कि लड़कियां हर फील्ड़ में सब कुछ कर सकती हैं- यहां तक कि पहलवानी मेे भी! फिल्म ‘सुल्तान’ की तरह अपने साथ किसी अनुष्का शर्मा जैसी बड़ी हीरोइन को रखने की बजाय टीवी एक्ट्रेस साक्षी तंवर को रखना और दो नई लड़कियों पर लीड रोल की जिम्मेदारी देना, सचमुच एक चैलेन्ज था जो आमिर ने कर दिखाया है। इसके लिए उनका सम्मान किया जाना चाहिए। कुछ लोगों को आमिर के व्यक्तिगत जीवन को लेकर शिकायत हो सकती है। हम यहां बताना चाहेंगे कि विषयान्तर में ही ऐसा होता है जिस पर सबकी अपनी-अपनी सोच व धारणाएं होती हैं। वह खुलकर बोलते हैं और अपने कहे या किये का कंपेनसेट भी करते हैं। जब पहली पत्नी के साथ संबंध नहीं संभाल सके तो दूसरी पत्नी किरण राव के साथ ऐसा वैचारिक तालमेल बनाया कि उसका उदाहरण व्ही.शांताराम- संध्या या राजकपूर-नरगिस की जोड़ी के साथ ही दी जा सकती है। ‘लगान’ बनाने के समय वह आपकी प्रिय पत्रिका ‘मायापुरी’ से लेखन सहयोग पाने की दरकार किये थे, बदले में फिल्म ‘गजनी’ में ‘मायापुरी’ को कहानी का हिस्सा बनाकर बता दिया कि वे छोटी से छोटी बातों को भी ध्यान में रखते हैं। इसलिए जो लोग आमिर की बातों से मतान्तर रखते हैं उन्हें आमिर का काम परखना होगा। पर्दे पर जो सितारा ‘स्टार इमेज’ की परवाह ना कर तीन बेटियों का बाप बन कर कहता है ‘म्हारी बेटियां क्या नहीं कर सकती?’, जो बढ़ी उम्र, मोटे पेट, थुल थुल काया के साथ एक संदेश देती फिल्म बनाकर सिनेमा उद्योग को 500 करोड़ की कलेक्शन करवाता है, उस वन मैन आर्मी-सितारे को मायापुरी पत्रिका टीम का सलाम!

हमारी विनती है कि सरकार आमिर को पद्म-विभूषण से नवाजे! पूरी फिल्म इडंस्ट्री एक जुट होकर आमिर का सम्मान करें। 2017 मे जितने भी अवार्ड समारोह हो। आमिर और पूरी टीम को सम्माननित किया जाये। मीडिया चैनल्स, जो फिल्मो की धाज्जियां उडाते है उन्हे आमिर का सम्मान करना चाहिए। दशर्कोे को भी उन फिल्मो का बहिष्कार करना चाहिए। उन बडे़ प्रोडक्शन हाऊस। आर्ट फिल्म बनाने वालो की फिल्मो का जो सैक्स-लिव इन रिलेशन जैसी फिल्मे बनाकर सिर्फ पैसा कमाना चाहते है। ‘दंगल’ फिल्म को यूपी सरकार, उत्तरांचल सरकार और हरियाणा सरकार ने टैक्स फ्री कर दिया है, जो एक सराहनीय कदम है। सिनेमा हाल के मालिको को आमिर खान का सम्मान करना चाहिये अन्यथा नोटबंदी से उनके हाॅल की टिकटें और खाने पीने का सामान न बिकने पर आंसू बहा रहे थे। अब इनके चेहरे की चमक अब वापस आ चुकी है। एकमात्र आमिर खान की वजह से ये सभी खुश है। अततः आमिर खान का यह कार्य देखते हुए हम सरकार ये विनती करते हैं इस (आमिर खान) वन मेन आर्मी को पद्म विभूषण से सम्मान से गौराविंतत किया जाए ये हमारे देश के लिए एक सम्मानजनक की बात होगी।


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Mayapuri

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