INTERVIEW!! ‘‘शराब पीने के बाद मेरे भीतर का शैतान जाग उठता है’’ – गिरीश कुमार

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दो साल पहले टिप्स म्यूजिक कंपनी के उत्तराधिकारी गिरीश कुमार ने प्रभूदेवा निर्देशित फिल्म ‘रमैया वस्ता वइया’ से डेब्यू किया था। हालांकि फिल्म ने कुल मिलाकर मिला जुला बिजनिस किया था लेकिन गिरीश को बाहर से  एक दो ऑफर्स आये जो उसे पसंद नहीं आये। अब एक बार फिर गिरीश फिल्म ‘लवशुदा’ में दर्शकों के सामने आ रहे हैं। इस फिल्म का म्यूजिक अभी से लोकप्रिय हो चुका है तथा फिल्म के ट्रेलर में भी गिरीश नई संभावनायें जगा रहे हैं। फिल्म को लेकर गिरीश कुमार से एक मुलाकात।

इस फिल्म को लेकर क्या कहना चाहेंगे ?

ये फिल्म भी मेरे बेबी की तरह है जिसे पालने पोसने में मैने खूब मेहनत की है। इसका म्यूजिक तो अभी से ही काफी सुना जा रहा है। फिल्म के लुक की भी तारीफ हो रही है। बाकी तो फिल्म आने के बाद ही पता चलेगा कि मैंने क्या किया है।

दूसरी फिल्म के बीच दो साल का गैप आ गया ?

इतना गैप तो लगभग हर फिल्म में आता है मुझे मेरी पहली फिल्म के बाद कुछ ऑफर्स आये थे लेकिन चूंकि उनमें मुझे दम नहीं लगा इसलिये वो मैंने ठुकरा दिये। दरअसल पहली फिल्म के बाद ही मेरी समझ में आ गया था कि आगे मुझे कुछ नया कुछ यूनिक करना पड़ेगा इसीलिये मैं किसी अच्छे सब्जेक्ट की वेट कर रहा था।

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फिल्म के ट्रेलर से एहसास होता है कि फिल्म बैड सीन से शुरू होती है ?

दरअसल फिल्म का हीरो गौरव एक हद तक शर्मीले स्वभाव का है लेकिन अगर वो शराब पी लेता है तो उसके बाद वह पूरी तरह बदल जाता है यानि उसके भीतर का शैतान जाग उठता है। इसी शैतानियत के दौरान वो ऐसा कुछ कर बैठता हैं जो बाद में उस पर भारी पड़ता है।

आज एक हीरो के लिये एक्टिंग के अलावा उसकी बॉडी पर भी ध्यान दिया जाता है। आप में ये सारी खूबियां हैं ?

अगर आपने ट्रेलर देखा है तो आपने मेरे भी सिक्स पेक एब्स देखें होंगे। ये सब फिल्म के लिये जरूरी नहीं था। एक्सरसाइज आपको अच्छी बॉडी ही नहीं देती बल्कि आपको खुश रहना भी सिखाती है। मैं अपने आपको फिट रखने और दिमागी ताजगी के लिये जिम करता हूं।

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कहा जाता है कि दूसरी फिल्म ही एक हीरो का टेस्ट मानी जाती है क्योंकि पहली फिल्म तो हादसे के तहत भी चल जाती है या नहीं भी चल पाती ?

मेरा यहां मानना है कि किसी एक्टर के लिये उसकी हर फिल्म अहम है क्योंकि उसने पहली फिल्म में जितनी मेहनत है उतनी ही उसकी अगली फिल्म में होती है। अपनी पहली फिल्म से पहले मैं एक शॅार्ट फिल्म कर रहा था जस्ट अपनी एक्सर्साइज के लिये। आप यकीन कीजिये कि मैं सुबह छह बजे उठता था और रात के बारह बजे तक शूटिंग करता था। वो सब अगले पांच दिन तक चलता रहा। इसके बाद भी मेरी यही आदत रही कि अपनी फिल्म के लिये पूरी जान लगा देनी है बिना किसी रिजल्ट का सोचे हुये ।

पहली फिल्म के डायरेक्टर प्रभूदेवा थे और आपकी नायिका थी श्रुति हासन, लेकिन यहां आपका डायरेक्टर और नायिका दोनों नये हैं ?

यानि इस फिल्म में मैं सीनियर हूं। देखिये ऐसा नहीं है कि डायरेक्टर या एक्टर नया है तो उसे काम नहीं आता। इस फिल्म के डायरेक्टर वैभव इससे पहले एड फिल्में डायरेक्ट करते रहे हैं और नायिका नवनीत साउथ की फिल्में करती रही हैं। वैभव ने जब मुझे इस फिल्म की कहानी सुनाई और बाद में हमारी बातचीत हुई तो मुझे एहसास हो गया था कि उसकी और मेरी सोच काफी मिलती जुलती है। शूटिंग से पहले हमने एक वर्कशॅाप भी की। वहां तक आते आते वैभव के साथ मेरी बहुत अच्छी ट्यूनिंग बन चुकी थी इसीलिये मैं फिल्म में भी अच्छा काम कर पाया।

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इस फिल्म में आपका डांस काफी प्रभावित करता दिखाई देता है ?

दरअसल प्रभु सर जब राउडी राठौर करने जा रहे थे तभी उन्होंने मेरी फिल्म भी साइन की थी। तब उन्होंने कहा कि गिरीश तुम्हारे पास पूरा एक साल है इस बीच तुम डांस पर प्रेक्टिस करो। बाद में उन्होंने मुझे अपना एक सहायक दे दिया। मैंने एक साल तक करीब बारह तेरह गानों पर कोरियोग्राफ किया और हर गाने के बाद मैं उन्हें बताता भी रहता था कि मैं कंहा तक पहुंचा हूं। बाद में उन्होंने फिल्म में मेरे डांस को देखते हुये संतुष्टी भी जाहिर की थी। मेरी वो मेहनत इस फिल्म दिखाई दे रही है।

 


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Mayapuri

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