INTERVIEW!! एफ – आई – आर – के सुपरहिट गोपीनाथ हवलदार यानि गोपी भल्ला को ‘तू मेरा हीरो’ में नये किरदार कवि गुलगले सिंह के रूप में देखिए

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सुपर डुपर हिट टीवी काॅमेडी शो ‘एफ आई आर’ के सुपरहिट काॅमेडी हवलदार गोपी भल्ला जो उस शो में गोपीनाथ गंडोत्रा के रूप में चर्चित रहें और पूरे अब तक के शो में अपनी डायलाॅग्स तथा बाॅडी लैंग्वेज से सबको हँसा हँसा कर लोटपोट करते रहे उनसे मेरी मुलाकात स्टार प्लस के नवीनतम अच्छे रिस्पाॅन्स के साथ शुरू हुए टीवी शो ‘तू मेरा हीरो’ की शूटिंग के दौरान मीडिया मैनेज कर रहे अभिषेक दुबे ने करवाई। वे एक सरदार के वेषभूषा में थे। मैंने उनसे पूछा

आप स्टार प्लस के नये शो ‘तू मेरा हीरो’ में क्या रोल प्ले कर रहे हैं?

गोपी भल्ला ने जवाब दिया, ‘‘मैं इस धारावाहिक में हास्य कवि गुलगुले सिंह की भूमिका निभा रहा हूं, मेरी एन्ट्री चौबीस दिनों के उस चैलेन्ज के पार्ट में होता है जो टीटू अपनी पत्नी पंछी के साथ लगाता है।’’ इस कैरेक्टर के बारे में बताते हुए वे आगे कहते हैं, ‘‘बतौर हास्य कलाकार, यह रोल मुझे बहुत सही लग रहा है, मैं इसे प्ले करते हुए बहुत एन्जाॅय कर रहा हूं, क्योंकि काॅमेडी हमेशा से मेरा पसंदीदा रहा है और जब मैं लोगों को हँसा रहा होता हूँ तो अपने बेस्ट कम्फोर्ट जोन में होता हूं यह काॅमेडी शो ‘तू मेरा हीरो’ में गुलगुले सिंह की जबर्दस्त काॅमेडी मुझे एफ.आई.आर के बाद फिर से दर्शकों को गुदगदाने का मौका दे रहे है। बहुत दिलचस्प और मनोरंजक शो है यह।’’

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आपने पाॅपुलर शो एफआईआर में गोपी हवलदार के रूप में इतनी जबर्दस्त शोहरत पायी है, क्या आपने सोचा था कि आपको इतनी पाॅपुलरिटी मिलेगी?

मैंने बचपन से ही अपनी काॅमेडी टाइमिंग, डायलाॅग्स और नाटकों के जरिये दर्शकों को खूब हँसाया है काफी शोहरत भी बटोरी लेकिन कभी सोचा नहीं था कि इतनी जबर्दसत पाॅपुलरिटी मिलेगी ‘एफ आई आर’ के गोपीनाथ हवलदार के रूप में। जहाँ भी जाता हूं मेरे चाहने वाले मुझे घेर लेते हैं और मुझे गोपी हवलदार के डायलाॅग्स सुनाने को कहते हैं, गोपी हवलदार के बाॅडी लैंग्वेज कर के दिखाने की जिद करते हैं। मुझे खुद वो रोल करते हुए इतना मज़ा आता रहा।

क्या आप एफ आई आर में अपने परफाॅर्मेन्स से संतुष्ट है, क्या आपको लगता है कि ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा?

मैं काफी संतुष्ट हूं क्योंकि मुझे जो रिस्पाॅन्स मिला दर्शकों से वह अभिभूत कर देने वाला था। मैं एफ आई आर के निर्माता गण बेनाफर कोहली तथा संजय कोहली, मेकर शशांक, लेखक अमित आर्यन का बहुत बहुत शुक्रगुजार हूँ कि उन्होंने इतना बढि़या काॅमेडी शो बनाया और मुझे इसमें अपना हुनर दिखाने का मौका दिया। इस काॅमेडी शो ने तो काॅमेडी ेक मैदान में एक इतिहास रच डाला ऐसे शो मुश्किल से बनते हैं और बार-बार नहीं बनते। कैसे देखते देखते नौ साल एफ आई आर के साथ गुजर गए पता ही नहीं चला। इसकी शोहरत के चलते इस शो पर एनिमेशन वीडियो गेम्स भी बनी, मेरे डायलाॅग्स के रिंगटोन भी बने और इस शो को करने के बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

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 कैसा लगता है आपके डायलाॅग्स के रिंग टोन सुनकर या आप जहाँ भी जाते हैं वहाँ आपसे गोपी हवलदार का किरदार निभाने की आप से गुजारिश की जाती है, आप कैसा महसूस करते हैं?

क्या बताऊँ कि मुझे कितना अच्छा लगता है, पहले तो इवेन्टस के दौरान मुझे गोपी हवलदार का किरदार निभाने की गुजारिशें मिलती थी, अब तो ब्याह, मुंडन समारोहों में भी मुझसे इसी काॅमेडी की गुजारिशें की जाती है। वैसे शुरू से ही मैं हमेशा काॅमेडी के प्रति रूझान रखता रहा, सबको मैं अपनी काॅमेडी से हँसा हँसा कर लोटपोट करना चाहता था, बचपन में रामलीला से एक्टिंग करियर की शुरूआत की थी जिसकी वजह से घर वालों ने मेरी अच्छी खासी पिटाई भी की थी, लेकिन एक्टिंग करना मैंने नहीं छोड़ा, धीरे धीरे अभिनय को अपना करियर बनाने की ठान ली, बहुत मेहनत की, बहुत स्ट्रगल किया रेडियो में भी काम किया। (तोता मैना), पंजाबी फिल्मों में काम किया एन एस डी एफ कृत पंजाबी फिल्म ‘मरी का दीया’ बहुत चर्चित हुई फिर मैं ज़ी टीवी के शो में टीवी जगत से जुड़ गया और उसके बाद ‘एफ आई आर’ से फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

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काॅमेडी के अलावा सीरियस रोल नहीं करना चाहेंगे?

जी हाँ, मौका मिलेगा तो मैं सीरियस रोल या फिर काॅमिक विलन का रोल भी करना चाहूंगा, यानि एकदम लीक से हटकर रोल करना चाहता हूं लेकिन इसका मतलब यह हरगिज नहीं कि मैं काॅमेडी करना छोड़ दूंगा। काॅमेडी मेरी जान है और सच कहूं तो काॅमेडी करना, गंभीर अभिनय करने से हजार गुणा ज्यादा मुश्किल है। पर हाँ मैं काॅमेडी के नाम पर कभी भी डबल मीनिंग वाले डायलाॅग नहीं बोलूंगा, यह मेरा वचन है। मैं एक फैमिली मैन हूं  और पारिवारिक शोज़ में काम करता हूँ।’’ गोपी जी ने मज़ाकिए ढंग से अपने परिवार के बारे में बताया कि उनकी एक बीवी और एक संतान है।’’

क्या आप मायापुरी पढ़ते हैं?

इस प्रश्न पर वे चहक कर बोले, ‘‘मायापुरी तो हर फिल्म और अभिनय प्रेमी का सब से प्रिय, सब से पुरानी और आज भी सब से प्रसिद्ध पत्रिका है। इसी पत्रिका को पढ़ पढ़ कर हम कलाकार मोटिवेटेड होते रहे हैं। मायापुरी मैं खूब पढ़ता हूँ।’’

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Mayapuri