INTERVIEW: ‘‘यहां किसी काल खंड से मेरी भूमिका का कोई लेना देना नहीं है’’ -रितिक रोशन

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लोगों का लगता है कि आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘मोहेेंंजोदारो’ भी उनकी फिल्म ‘जोधा अकबर’ की तरह बेहद चुनौतीपूर्ण होगी और एक बार फिर रितिक रोशन इस फिल्म में एक अलग से किरदार में दिखाई देने वाले होंगे जबकि ऐसा है नहीं। तो फिर वो कैसा किरदार है। ये सब बताया रितिक ने इस मुलाकात में।

आप शुरु से ही कम फिल्में करते है, इसकी कोई खास वजह ?

कम फिल्में करने का कोई विशेष कारण नहीं है। मैं जो भी फिल्में करता हूं उनमें दिलों जान से मेहनत करता हूं पिछली दो फिल्मों में मेरी इंजरी की वजह से एकस्ट्रा टाइम लगा। खासकर मेरी ब्रेन इंजरी की बदौलत फिल्म बैंग बैंग छह से आठ महीने डीले हुई। अच्छी बात ये रही कि डीले होने के बाद भी फिल्म ने अच्छा व्यवसाय किया।

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इसे इत्तेफाक नहीं कहा जा सकता कि आपकी होम प्रोडक्षन की पिक्चर्स हमेशा सुपर डुपर हिट होती हैं ?

ऐसा कहते हैं कि पापा मुझे ज्यादा अच्छी तरह से जानते हैं इसलिये मैं उनके साथ अच्छा काम कर पाता हूं लेकिन ऐसा है नहीं। मेरी दूसरी फिल्में भी तो हिट हुई हैं। जैसे धूम, जोधा अकबर, अग्निपथ तथा बैंग बैंग आदि दूसरे मैने पापा के साथ गिनती की चार फिल्में की हैं कहो ना प्यार है, कोई मिल गया कृष और कृष टू। लेकिन मैने उनके साथ काइट भी की थी जो नहीं चली। बेशक वे उस फिल्म के प्रोड्यू्सर थे लेकिन फिल्म मेकर होने के नाते अपनी फिल्म पर उनकी एक कमांड होती है लिहाजा उनका अपनी फिल्मों पर जितनी कमांड हैं वो दुनिया के चंद फिल्मकारों में ही मिलेगी।

आप इस बात को मानते हैं कि राकेश रोशन सिर्फ ओवरसीज के लिये ही फिल्में नहीं बनाते ?

वे कोई भी फिल्म बनाते वक्त सबके बारे में सोचते हैं उस वक्त उनके दिमाग में एक रिक्शावाला भी होता है गांव वाला भी होता है और आम आदमी भी होता है। इसीलिये उनकी फिल्में हर छोटी बड़ी जगह पसंद की जाती हैं। यहां तक जब वे मेरे साथ कोई फिल्म करते हैं मैं उनके साथ लगातार बैठता हूं और इस तरह की बैठकों में साल दो साल यूं ही निकल जाते हैं।

Hrithik Roshan_Rakesh Roshan

मोहेंजोदारों को कह सकते हैं कि ये आपको अभी तक सबसे चुनौतीपूर्ण है?

नहीं मैं ऐसा नहीं मानता। बल्कि इस बार तो मुझे फिल्म की भूमिका उल्टे काफी आसान रही,  क्योंकि मेरे लिये सरमन का किरदार बहुत आसान था।

क्या वजह रही कि इस बार आपके सामने एक नई लड़की पूजा हेगड़े को चुना गया ?

हर बार किसी भी फिल्म में हीरोइन को चुनाव तो करना ही पड़ता है। लेकिन इस बार चानी के किरदार के लिये एक नई लड़की चाहिये थी जिसमें पूजा हेगडे बिलकुल पर्फेक्ट रही। क्योंकि जो उसने किया है आशु और हम यही चाहते थे ।

पांच हजार साल पुरानी सभ्यता पर फिल्म करने की क्या वजह रही ?

मैंने फिल्म मोहेंजोदारों, या इतिहास इन सब बातों को देख कर नहीं की। मैं फिल्म की कहानी से बहुत प्रभावित था। दूसरे ये फिल्म करने की दूसरी वजह आशुतोष गोवारिकर भी थे। मैं पहले उनके साथ फिल्म जोधा अकबर कर चुका हूं। उस फिल्म के बाद मुझे उन पर काफी विश्वास हो चुका था कि वे एक बहतरीन डायरेक्टर है, वो सब देखते हुये ही मैंने ये फिल्म करने का खतरा उठाया। वैसे तो जोधा अकबर भी एक रिस्की फिल्म ही थी। लेकिन मैंने आशुतोष पर ट्रस्ट किया है।Pooja-Hegde-and-Hrithik-Roshan-

फिल्म में आपको काफी मेहनत करनी पड़ी ?

इसे काल खंड की फिल्म कहा जा रहा है लेकिन यहां काल खंड से मेरी भूमिका को कोई लेना देना नहीं रहा। हां परेशानी जरूर हुई वो भी शूटिंग के दौरान। दरअसल भुज में अस्सी दिन का शेड्यूल था लेकिन हमें वहां एक सो साठ दिन लग गये, लिहाजा लगभग दुगना समय मेरे और साथी कलाकारों के लिये बहुत तकलीफ देह गुजरा क्योंकि इतने दिन मैं और सब अपने परिवार से दूर रहे, मेरे लिये खासकर अपने बच्चों से दूर रहना मुश्किल रहा। बाकी तो इस फिल्म मैने उतनी ही मेहनत की जो मैं अपनी हर फिल्म में करता हूं।

क्या इस फिल्म में भी आपको चोटें लगने की क्न्टीन्यूटी जारी रही ?

बिलकुल जारी रही। यहां भी जोधा अकबर की तरह एक बार फिर मुझे अपनी बॉडी पर काम करना पड़ा, जोधा में हाथी से फाइट थी यहां मुझे शेरों और मगरमच्छों के साथ लड़ना पड़ा। ये सारा एक्शन करते हुये एक बार फिर मुझे चोटें लगी। वैसे मैं अभी तक इन सब चीजों का आदी हो चुका था लेकिन आगे अब मैं इन सबके लिये सावधान रहना चाहता हूं।hrithik-roshan-story

आपको ग्रीक गॉड जैसी पर्सनेलिटी का स्टार माना है ?

यहां ऐसा कुछ नहीं दिखाई देने वाला। फिल्म में मेरे किरदार का नाम सरमन है जो कहीं से भी ग्रीक गॉड जैसा नहीं लगता बल्कि उल्टे वह तो एक बहुत नार्मल और सिपंल सा वीलेज ब्वाय है, जिसने कभी बाहर की दुनिया नहीं देखी, जबकि वह देखना चाहता है। वह सिटी में जाकर मोहेंजोदारों देखना चाहता है, वो सिटी में आने के बाद बड़ी इमारतों के अलावा और भी काफी कुछ देखता है। अचानक उसे पता चलता है कि उसकी हिस्ट्री में कुछ मिस्ट्रीज हैं जिसकी बदौलत वो बाद में एक लीडर बन जाता है।


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Mayapuri

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