INTERVIEW: “मुझे फार्मिंग (काश्तकरी) करनी है भारत में” नरगिस फाकरी

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लिपिका वर्मा

नरगिस फाकरी किसी नाम की मोहताज नहीं है। अपनी पहली फिल्म “रॉकस्टार” में ही उन्होंने अपना जलवा दिखला दिया था। फिल्म, मद्रास कैफ़े, किक और हाउसफुल जैसी फिल्मों से जुड़ कर अपने आप को बड़े लीक से जुड़ी हुई एक बेहतरीन कलाकार  भी साबित करा चूँकि है नरगिस। अब जबकि उनकी फिल्म, ‘बैंजो’ बॉक्स ऑफिस पर अपना  जलवा दिखलाने जल्द ही बड़े परदे पर आ रही है उन्हें ऐसा लगता है कि – बॉलीवुड में और दस साल तक काम कर पाएंगी वह। यही मंशा है, “मैं  हमेशा अच्छी आत्मा रखने वाले व्यक्तियों के साथ ही काम करना  चाहती हूँ। काम करते समय  भी यदि कोई मुझे पसन्द नहीं करता है तो मैं सिर्फ अपना काम कर  गए निकल जाती हूं। और उनके लिए भगवन से दुआ करती हूं की उन्हें सद्बुद्धि दे। कौन किस दुःख दर्द से गुजर रहा होता है यह उसी बन्दे को मालूम होता है, सो मैं सिर्फ काम को ही महत्व देती हूँ.”

पेश है नरगिस के साथ लिपिका वर्मा की गुफ़्तगू

आपके किरदार के बारे में कुछ बतलायें ?

म्यूजिक से मेरा अत्याधिक  लगाव है, जब कभी भी म्यूजिक से जुड़ा कुछ भी होता तो मैं उत्साहित हो जाती हूँ। फिल्म में डीजै का किरदार निभा रही हूँ। इसी सिलसिले में -मैं  भारत में मुम्बई पहली बार इस ब्रांड  को खोजने पहुँचती हूँ। इस दौरान जो कुछ भी घटता है, वही फिल्म की कहानी  में देखने को मिलेगा आपको। यह एक बहुत ही फनी फिल्म है। बैंजो नामक युवक से किस प्रकार भेंट होती है मेरी और हम दोनों में क्या कुछ होता है यह बहुत ही रोचक है।nargis-fakhri-banjo

अपनी याददाश्त को जोर देकर बतलायें मुम्बई पहली बारी  जब पहुंची (रियल में) तो कैसा अनुभव रहा

जब सवेरे मेरी फ्लाइट मुम्बई पहुंची तो मैं कुछ ज्यादा नहीं देख पा रही  थी। किन्तु हवाई जहाज की खिड़की से अपने दोनों हाथों को लगा कर देखा तो मुझे बेहद  ताजुब हुआ- यहाँ इतनी सारी  भीड़ थी कि  मैं बहुत घबरा गयी थी, जिधर देखो लोग जल्दी जल्दी यहां वहां भाग रहे थे। खेर जब और आगे गयी तो गाय भैंस भी देखने को मिली। बहुत सारे आदमी देख कर मैं दो दिन तक घर से बाहर ही नहीं निकल पायी।

दो दिन बाद जब निकली तो आपने क्या किया ?

दो दिन बाद जब मैं निकली तो मुझे अपने फोन में सिम -कार्ड डालवाना था। क्योंकि मुझे हिंदी बिलकुल नहीं आती थी सो मैं  बहुत दुखी महसूस कर रही थी। किन्तु  एक सुशील  व्यक्ति ने मेरे पास आकर अंग्रेजी में मुझे सहायता करने की बात की। मैंने उसे बतलाया कि मुझे क्या चाहिए? हालाँकि मुझे मर्दो पर भरोसा नहीं है और तो और  एक अनजान देश में थी मैं, किन्तु यह व्यक्ति बहुत ही सरल सीधा नजर आया मुझे। उसने मेरी मदद की और इस प्रकार मुझे सिम- कार्ड भी मिल गया। भारतीय लोग बहुत ही सीधे और सिंपल होते है ,यह मुझे एहसास हो गया। सच कहूँ तो इस व्यक्ति ने अपने देश-‘भारत ‘ के प्रति मेरे विचार को  बेहतरीन बना दिया।nargis-fakhri-d

बॉलीवुड में आपको फ़िल्में मिल रही है खुले  हाथों  से आपको यहाँ अपनाया गया है क्या कहना चाहेंगी आप?

खुश हूँ यह देख कर कि भारत में और खासकर  बॉलीवुड में विविध प्रान्त के लोग मिल जुल कर काम करते है। भारतवर्ष एक बहुत ही बड़ा देश है। मुझे फिल्मों में काम मिला में बहुत शुक्रगुजार हूँ। लेकिन यहाँ लोग बहुत मेहनती है, उन्हें छुट्टी नहीं मिलती है। सो मुझे भी बहुत काम करना पड़ा. अब यही विचार करीब दस साल तो जी भर कर फ़िल्में करुँगी।

बॉलीवुड में आपके दोस्त कितने है?

मेरे कोई खास दोस्त नहीं है। किन्तु जब मैं शुरू शुरू में यहाँ काम ढूंढने आयी थी तब मेरी एक असिस्टेंट डायरेक्टर दोस्त बन गयी। उसने मुझे यहाँ अपने पाँव ज़माने में मदद भी की है। किसी  भी समय कोई भी जरूरत हो तो वह मेरी हेल्प करती है।

और फिर उसके बाद क्या विचार है आपका?

बस कुछ नहीं ! दरअसल – मैं पूरा भारत ट्रेवल करना चाहती हूँ। फ़िलहाल मैंने जयपुर डेल्ही और रायपुर ही देखा है और जहाँ जहाँ शूटिंग पर जाती हूँ शहर भी देखे है।  किन्तु शायद ट्रेवल करना  अब मुमककिन नहीं है। मेरा चहेरा  लोग पहचान – मुझे घेर लेते है। मुझे ख़ुशी है – कि मेरे बहुत ढेर सारे फैंस  है जिनकी वजह से मैं फिल्मों में टिक पायी हूँ। किन्तु जब मैं  फिल्मों से विदा लूंगी  तब कुछ सालो बाद मैं भारत भ्रमण  करने जरूर वापस आऊँगी। मुझे बहुत कुछ करना है फिल्मों के इलावा।nargis-fakhr

बहुत कुछ करना है आपको  …क्या  कुछ करना है हमे बतलायें  ?

मुझे फार्मिंग (काश्तकरी) करनी है भारत में, “ग्रीन पीज” योजना से जुड़ना  चाहती हूँ। मैं फल फ्रूट और ढेर सारी सब्जियाँ उगाना चाहती हूँ अपने फार्म में। और पोषण पर कोर्स कर खान पान के बारे में लोगों को ज्ञान बांटना चाहती  हूँ, ताकि सब व्यक्तिगत तौर से तन्दुरुस्त रहे।

खान पान के बारे में सोचती है तो कौन सा खाना  बना लेती है ?

जी हाँ, कद्दू की सब्जी और बैगन का भरता  बनाने में एक्सपर्ट हूँ। दरअसल में भारतीय खान -पान  बनाने का बहुत शौक  है मुझे। कभी कभी चिकन  ढेर सारे ड्राई फ्रूट्स के साथ भी बनाती हूँ इसकी रेसिपी यहाँ सीखी है मैंने ।

अपनी आने वाली फिल्म के बारे में बतलायें ?

यह एक कॉमेडी ड्रामा फिल्म है, बस ,”बैंजो” की प्रोमोशन्स के बाद हम विदेश जाकर इसकी शूटिंग शुरू करने वाले है।


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Mayapuri

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