‘‘फिल्म ‘‘एन एच10’ मेरी किस्मत में लिखी हुई थी’’ – नील भूपालम

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‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘शैतान’,‘डेविड’ और ‘उंगली’ जैसी फिल्मों तथा सीरियल ‘24’ में अभिनय कर शोहरत बटोरने के बाद अब नील भूपालम फिल्म ‘‘एन एच 10’’ में अनुष्का शर्मा के साथ हीरो बन कर आ रहे हैं.इस फिल्म को लेकर वह अति उत्साहित हैं.

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आपके नाम के साथ भूपालम क्यों हैं?

वास्तव में मेरे पिता दक्षिण भारतीय हैं.वह कर्नाटक के शिमोगा इलाके के रहने वाले हैं.उस क्षेत्र में भूपालम का अर्थ होता है,जो बहुत बड़ी जमीन का मालिक यानी कि जमींदार हो.पर हम जमींदार नहीं हैं. मेरे नाम पर कोई जमीन नहीं है.पर सरनेम जरूर है.वास्तव में मेरे दादाजी और उनके भाई की सुपाड़ी की बहुत बड़ी खेती थी.और उनके पास बहुत बड़ी जमीन थी.मगर धीरे धीरे परिवार में रामायण व महाभारत सब कुछ हुआ.जिसकी वजह से अब वह जमीन हमारे पिता के पास नहीं रही.तब मेरे पिता कर्नाटक के सुमोगा से निकल कर बैंगलोर पहुंच गए। उन्हे एअर इंडिया में नौकरी मिल गयी. फिर वह मुंबई में अंधरी में रहने आ गए.वह 45 साल से मुंबई में रह रहे हैं.मेरी मां एंगलो इंडियन हैं, जिनसे मेरे पिता की मुलाकात कलकत्ता में हुई थी. वह कलकत्ता के जूट मील इलाके में रहती थीं.

सुपाड़ी की खेती करने या एअर इंडिया में नौकरी करने की बजाय आपने अभिनय के बारे में कैसे सोचा?

यह सब अचानक हो गया.मैं बांदरा के नेशनल काॅलेज से मीडिया में विज्ञापन का कोर्स कर रहा था.पढ़ाई के साथ ही मुझे रेडियो एफएम में रेडियो जाॅकी के रूप में काम करने का मौका मिला.उस समय मेरी उम्र 19 साल की थी.थोड़ा सा स्टाइल मारने के लिए भी मैंने रेडियो जाॅकी के रूप में काम किया था.साढ़े पांच हजार रूपए तनखाह थी.मैं तो अपने आपको मालामाल समझने लगा था. भाई की बाइक लेकर घूमता था. अंधेरी से लोअर परेल तक बाइक से ही जाता था.मेरे पिता चाहते थे कि वह काम करूॅं,जिसमें भविष्य सुरक्षित हो.इसलिए कुछ समय बाद ‘रेडियो जाॅकी’ का काम छोड़ दिया.कुछ दिन वी चैनल में काम किया.फिर मैं अतुल कुमार के साथ थिएटर से जुड़ गया.उससे पहले मैं थिएटर के बारे में एबीसीडी नहीं जानता था.रेडियो जाॅकी बनने के बाद ही मुझे थिएटर के बारे में पता चला था.वास्तव में नेशनल काॅलेज ने अतुल कुमार ने वर्कशॉप शुरू किया था और उस वक्त ‘ब्लू मंक’नामक नाटक के रिहर्सल चल रहे थे.वहां विनय पाठक, रणवीर सूरी सब मौजूद थे. उस वक्त नेशनल काॅलेज के प्रिंसिपल थे आनंद कुमार. उन्होंने अतुल कुमार के सामने शर्त रखी थी कि वह नाटक का रिहर्सल फ्री में कर सकते हैं,मगर नाटक में रूचि रखने वाले काॅलेज के लड़के या लड़कियों को मुफ्त में नाटक की शिक्षा दी जाए.इसलिए मुझे अभिनय सीखने का मौका मिल गया.थिएटर वकशॉप करके मुझे अच्छा लगा.फिर मैंने कई नाटकों में अभिनय किया.काॅलेज के अंतिम दो साल में मैंने कई नाटकों में अभिनय किया. एक नाटक था ‘वाॅयसेस’, दूसरा था ‘नाॅनसेंस’, जिसमें विक्टर विलेन बने थे,जिन्होंने बाद में ‘टशन’और ‘धूम 3’जैसी फिल्में निर्देशित की थी.एक दिन एनसीपीए में एक नाटक का शो हो रहा था.अचानक विक्टर के कंधो में तकलीफ हो गयी और मैं उस वक्त वहां नाटक देखने गया था.मुझे बुलाया गया.तो मैंने उसमें अभिनय किया था.कुल मिलाकर मैंने बीस नाटकों में अभिनय किया.जिनके हजारों शो हुए होंगे। भारत के अलावा इजराइल,चीन,लंदन, बांगलादेश, अम्सटरर्डम सहित कई देशों में हमने नाटकों के शो किए.हम एक नाटक का शो करने अमरीका में जाने वाले थे,पर अचानक कार्यक्रम रद्द हो गया था.

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थिएटर से फिल्मों की तरफ मुड़ना कैसे हुआ?

यह भी बाय चांस हुआ.मुंबई में कास्टिंग डायरेक्टर रिसर्च के लिए अक्सर नाटक देखने जाते रहते हैं. वह नयी प्रतिभाएं नाटक देखते हुए ही ढूंढ़ते हैं.पर मैं तो थिएटर में ही पूरी तरह से व्यस्त था.थिएटर करने में मुझे मजा भी आ रहा था.पर एक दिन एक कास्टिंग डायरेक्टर ने मुझे पकड़ लिया.मेरे सामने एक फिल्म में अभिनय करने का आॅफर दे दिया. सच कहता हूं,मैंने कैरियर की शुरूआत में कुछ अजीबो गरीब फिल्में भी की.जिनका मैं नाम तक नही लेना चाहता.वैसे मेरी पहली फिल्म शत्रुघ्न सिन्हा के साथ‘‘मेरा दिल ले के देखो’’ थी. इसके बाद अंग्रेजी भाषा की फिल्म ‘‘लव साॅंग’ भी की.इसी तरह से कुछ फिल्में की हैं. उसके बाद मैने ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘शैतान’, ‘डेविड’, ‘उंगली’ जैसी फिल्मे की. अब मैने अनुष्का शर्मा के साथ ‘एन एच 10’ की है.

फिल्म‘‘एन एच 10’’ कैसे मिली?

जिस वक्त फिल्म ‘‘एन एच 10’’ के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी, उसी दिन इस फिल्म के साथ मेरा नाम लिख गया था.एक दिन विक्रमादित्य मोटावणे ने मुझे फोन किया कि मैं उनसे मिलॅूं. उस वक्त मैं उंगली फिल्म के लिए शूटिंग कर रहा था.पर मैं ‘‘फैंटम फिल्मस’’के दफ्तर गया.विक्रमादित्य ने मेरी मुलाकात निर्देशक नवदीप सिंह से कराई. नवदीप सिंह से मेरी बातचीत हुई. फिर आॅडीशन हुआ और मैं भूल गया। डेढ़ माह तक कोई बात नहीं हुई.इस बीच मैंने सीरियल ‘24’ की शूटिंग शुरू कर चुका था.तभी एक दिन दूसरी बार मुझे आॅडीशन के लिए बुलाया गया. मुझे स्क्रिप्ट दी गई मुझे स्क्रिप्ट बहुत पसंद आयी.पर समस्या आ गयी. मुझे सीरियल ‘24’  के लिए मुंबई में शूटिंग करनी थी.जबकि नवदीप सिंह फिल्म ‘एन एच 10’ की शूटिंग दिल्ली और हरियाणा में करने जा रहे थे.उन्हे कम से कम तीस दिन लगातार शूटिंग करनी थी.मैंने मना कर दिया कि ‘24’की शूटिंग छोड़कर 30 दिन के लिए मैं गुड़गांव नहीं जा सकता.यह फिल्म मेरे हाथ से चली गयी.करीबन दो माह बाद नवदीप सिंह का फिर से फोन आया. उन्होने बताया कि किसी वजह से ‘एन एच 10’ की शूटिंग शुरू ही नहीं हुई.मुझसे पूछा कि अब मेरे पास समय है. तो मैने बता दिया कि सीरियल की शूटिंग पूरी हो गयी.पर मैं शादी करने जा रहा हूं. शादी करने के बाद मैं फिल्म की शूटिंग शुरू कर सकता हूं नवदीप ने बताया कि ‘एन एच 10’ को लेकर काफी बदलाव हो चुके हैं.अब फिल्म के निर्माण में फैंटम के साथ अनुष्का शर्मा भी जुड़ गयी हैं.खैर, सीरियल ‘24’ खत्म होने के बाद मैंने शादी की.उसके कुछ दिनों के बाद 2014 की शुरूआत में हमने‘‘एन एच10’’की शूटिंग की थी.मुझे लगता है कि ‘एन एच10’ मेरी किस्मत में लिखी हुई थी।

 

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एनएच 10 के अपने किरदार को लेकर क्या कहेंगे?

यह एक रोमांचक प्रेम कहानी प्रधान फिल्म है.जिसमें रोड ट्रिप भी है.इसमें मैंने अर्जुन और अनुष्का ने मीरा का किरदार निभाया है.हम दोनों पति पत्नी हैं,जो कि दिल्ली में रहते हैं.हम दोनों एक काॅरपोरेट कंपनी में नौकरी करते हैं और छुट्टी बिताने के लिए रोड ट्रिप पर निकलते हैं. कुछ दूर जाने पर हाईवे पर गांव के एक ढाबे पर एक घटना घटती है.यह घटना हमारे अंदर के व्यक्तित्व को उभारती है.

अनुष्का शर्मा के साथ काम करने के अनुभव क्या रहे?

मेरी राय में हमारे देश में अभिनेताओं की बजाय बेहतरीन अभिनेत्रियों की तादाद ज्यादा है.यह अभिनेत्रियां बहुत अच्छी परफार्मेस देती हैं इन्ही में से एक हैं अनुष्का शर्मा कमाल की परफार्मर हैं।

अब आप किस तरह के किरदार निभाना चाहते हैं?

मैं प्राॅमीनेट किरदार निभाना चाहता हूं.किरदार कि लंबाई भले छोटी हो, पर वह फिल्म की कहानी में महत्वपूर्ण होना चाहिए.मैं उन निर्देशकों के साथ काम करना चाहूंगा, जिन्हें मेरी अभिनय प्रतिभा पर यकीन हो.यदि कोई निर्माता या निर्देशक कहता है कि मुझे अपनी फिल्म के नील भूपालम ही चाहिए,तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी.


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Mayapuri

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