पंजाबी फिल्म ‘ व्हाट द जट्ट’ ‘‘ ये एक सिचवेशनल कामॅडी फिल्म है’’- डायरेक्टर‘ साकेत एस बहल’

1 min


हिमाचल प्रदेश के किसान परिवार के साकेत एस. बहल करीब बीस साल पहले फिल्मों में कुछ करने के लिये आये थे । चूंकि उनका मकसद एक्टर बनना नहीं था लिहाजा उन्होंने बतौर प्रोडयूसर फिल्म ‘धूप’ का निर्माण किया । अश्वनी चैधरी द्धारा निर्देशित वो एक बेहतरीन फिल्म साबित हुई । उसके बाद साकेत का ध्यान टीवी की तरफ गया तो उन्होनें वहां सोप न बनाते हुए शॉर्टस फिल्में तथा सीरीज बनाई। उन्हीं की एक शॉर्ट फिल्म से अनुराग कश्यप ने बतौर निर्देशक डेब्यु किया था। उसके बाद श्रीराम राधवन तथा शिवम नायर उनकी शॉर्टस फिल्मों और सीरीज के डायरेक्टर बने ।
बाद में जब साकेत ने खुद निर्देशक बनने का निर्णय लिया। उनकी पहली फिल्म का नाम था ‘27’ । वो एक थोड़ी अलग सी कहानी पर आधारित फिल्म है । इसके बाद उन्हें एक पंजाबी फिल्म का ऑफर मिला। फिल्म का नाम है ‘व्हाट द जट्ट’ । इस फिल्म के बारे में साकेत का कहना है कि मुझे फिल्म की कहानी ने आकर्शित किया । वो एक सिचवेशनल कॉमेडी थी । सबसे पहले मैने फिल्म की कस्टिंग की जैसे हरीश वर्मा, वीनू ढिल्लन,बी एन शर्मा, इशा रिक्की,विपूल राय तथा पूनम राजपूत । ये सभी पंजाबी फिल्मों के हिट कलाकार हैं।
saket bahal 3
हालांकि ये फिल्म मेरी पहली फिल्म ‘27’ से पहले रिलीज हो रही है । फिल्म की कहानी पर अगर बात की जाये तो हरीश वर्मा को एक्टर बनने का जुनून है । एक दिन वो अपने पिता को बताये बिना अपनी जमीन गिरवी रख पंजाबी फिल्म बनाने चंडीगढ आ जाता है । वहां उसका सारा पैसा चोरी हो जाता है। बाद में एक के बाद एक की गई गलती उसे कहां से कहां ले जाती हैं । लेकिन इसे उसकी अच्छी किस्मत कहें कि आगे मिलने वाले सभी लोग पॉजीटिव थे। इसलिये बाद में न सिर्फ उसका पैसा वापस मिल जाता है बल्कि उसका फिल्म एक्टर बनने का सपना भी पूरा हो जाता है। साकेत ने फिल्म की शूटिंग महज एक महिने में कंपलीट कर ली ।
dir.saket s bahal
इन दिनों पंजाबी फिल्में करोड़ों का व्यवसाय कर रही हैं । अगर आप पंजाबी फिल्म ‘चार साहाबजादे की बात करें तो इस फिल्म ने अभी तक पंजाबी की सारी फिल्मों का रिकार्ड तौड़ दिया था । फिल्म ने करीब पेंसठ करोड़ का बिजनिस किया था । उसके बाद जट्ट और जूलियट ने भी करोड़ों का व्यवसाय किया । साकेत का कहना है लेकिन शर्त यही है कि स्क्रिप्ट अगर अच्छी है तो किसी भी भाशा की फिल्म जरूर पसंद की जायेगी । मेरा षुरू से ही अनुराग कश्यप, श्रीराम राधवन तथा शिवम् जैसे क्रियेटिव लोगों का साथ रहा है । इसलिये मेरी क्रियेटिव टीम मुबंई की ही थी । मेरी षक्लो सूरत देखकर पहला सवाल यही किया जाता है। जंहा तक एक्टर बनने की बात है तो मेरे साथ उल्टा हुआ।
saket bahal4
मैं क्रियेटिव पर्सन रहा हूं और आगे भी यही बने रहना चाहता था लेकिन मेर यार दोस्त मुझे हमेशा एक्टर बनाने की कोशिश करते रहे । एक किस्सा है जब मैं ‘धूप’ बना रहा था तो उसमे संजय सूरी भी एक रोल कर रहा था । उस वक्त उसने ज्यादा पैसों की डिमांड की और उसी दिन उसका एक सीन था जिसमें उसे ताबूत में लेटे हुए दिखाना था। फिल्म के डायरेक्टर अश्विनी चैधरी ने कहा यार छोड़ो सजंय को, उससे अच्छी शक्ल सूरत तो तुम्हारी है तुम्हीं ये रोल कर लो । मैने कहा, मरना वरना और फिर ताबूत में लेटना मेरे बस की बात नहीं, आप उसे ही बुला लो और वो जितने पैसे मांग रहा है उसे दे दो लेकिन मुझे एक्टिंग वेक्टिंग में मत फंसाओ । इसके अलावा और एक किस्सा है दरअसल मेरे पिता आर्मी में रहे हैं ।

मैं तो हिमाचल से मुबंई सिर्फ घूमने फिरने आया था। यहां आने से पहले एक दिन पिता जी ने पूछा कि मुंबई क्या करने जा रहे हो तो मेरे मुहूं से निकला कि मैं आप पर एक फिल्म बनाने जा रहा हूं । उस वक्त मैं मुश्किल से उन्नीस वर्श का था । बाद में मैने जब फिल्म बनाई तो वो एक आर्मी परिवार की ही कहानी थी ।
टीवी पर जब साकेत से बात की तो उनका कहना था पहले और आज टीवी में बहुत बदलाव आ चुका है । मैने उस दौरान टीवी पर काम किया जब गुब्बारे या रिश्ते जैसी सीरीज बनती थी । लेकिन अब बजट ज्यादा बढ़ गये है, लिखने के लिये कुछ बचा ही नही है । आप कितना लिखेगें । इसलिये आज मायथो ज्यादा चल रहा है क्योंकि उसमें असल कहानी होती है । जैसे शिव जी की कहानी, हनुमान या कृष्ण की कहानी है वो क्योंकि सच है और उसमें ज्यादा कुछ माथापच्ची करने की भी जरूरत नहीं होती । सबसे बड़ी बात की वो सभी को पसंद भी आ रहा ह । आज अगर आप देखें तो टीवी पर वही सब आ रहा है और हिट है।


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये