‘‘ उस दिन पापा का पिटना मुझसे नहीं देखा गया’’ – ‘टाइगर श्राॅफ’

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इसमें कोई दो राय नहीं कि रितिक रोशन तथा रणबीर कपूर के बाद पंसदीदा हीरो के रूप में टाइगर श्राफ महज एक ही फिल्म से यूथ के अलावा बच्चों के बीच भी अपनी अच्छी खासी पहचान बनाने में कामयाब रहे । लिहाजा सभी को उनकी अगली फिल्म का बेसब्री से इंतजार है । लेकिन इस बीच टाइगर कोरियोग्राफर अहमद खान के साथ एक म्युजिक वीडियो ‘ जिन्दगी आ रहा हूं में ’ से एकाएक यूथ और बच्चों पर छा गये । आज ये वीडियो तेजी से इनके बीच लोकप्रिय हो रहा है । टी सीरिज द्वारा प्रोड्यूस इस वीडियो को लेकर टाइगर खुद क्या कहते हैं ?

लोग आपकी अगली फिल्म का इंतजार कर रहे हैं लेकिन आप इन दिनों म्युजिक वीडियों से हंगामा मचाये हुये हैं ?

फिल्में तो मैं कर ही रहा हूं लेकिन इसके अलावा भी मैं सोच रहा था कि हर किसी की एक जिन्दगी होती है और वो उसे अपने हिसाब से जीना पंसद करता है लेकिन मेरे लिये जिन्दगी के क्या मायने हैं। मैं आगे ऐसा क्या अलग करूं कि मेरी जिन्दगी के मायने बदल जाये या मुझे एक अलग काम के लिये भी याद किया जाये। मेरी पहली फिल्म ‘हीरोपंती’ में यूथ के बाद मुझे बच्चों ने सबसे ज्यादा सराहा था। एक दिन यह सब सोचते हुए मेरे दिमाग में एक आइडिया आया कि फिर एक बार ऐसा कुछ किया जाये जो यूथ और बच्चों दोनों को समान रूप से पसंद आये । मैने अहमद सर से अपने इस आइडिये के बारे में डिसक्स किया तो उन्हें भी बहुत पंसद आया। इस प्रकार‘ जिन्दगी आ रहा हूं मैं ’म्यूजिक वीडियो की शुरूआत हुई । आप कह सकते हैं कि इस वीडियो का कन्सेप्ट मेरा है, कहानी और कोरियोग्राफी अहमद खान सर की तथा इसे प्रेजेन्ट किया टी सीरीज के भूषण कुमार ने।

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इसका टाइटल किस के दिमाग की उपज रही ?

जब हमने भूषण जी से इस एलबम के बारे बात की तो उन्होंने झट एक पापुलर गाने की लाइन दे दी। बाइ गाॅड ऐसा ही कुछ मेरे दिमाग में भी था । बाद में डब्बू मलिक के बेटे अमाल मलिक ने इस गीत को बहुत ही शानदार तरह से कंपोज किया ।

जिन्दगी को आप किस तरह से लेते हैं ?

मुझे याद है कि महज चार साल की उम्र में मैने बू्रस ली की फिल्म एन्टर द ड्रैगन क्या देखी कि उसके बाद मैने मार्शल आर्ट को अपना मकसद बना लिया । बाद में मेरे मकसद में डांस भी जुड़ गया। उस वक्त एक्टर बनने के बारे में मैने दूर दूर तक नहीं सोचा था । जिस तरह जिन्दगी में हर किसी का किसी चीज को लेकर एक नशा होता है, मेरी लिये जिन्दगी में डांस और एक्शन मेरे लिये एक नशे की तरह था ।फिर इत्तफाकन फिल्मों में आ गया । लेकिन जैसे ही मुझे वक्त हासिल हुआ तो इस एलबम के जरिये मैने जिन्दगी से मिलने की कोशिश की ।

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महज डांस के जरिये एलबम में आपने काफी कुछ कहने की कोशिश की हैं ?

मेरे लिये डांस का मतलब सिर्फ कमर को झटके देना नही बल्कि उसे  अंजाम देना होता है । क्योंकि इसके बाद ही आप डांस के द्वारा कहानी की डीटेल में जा पायेगें, और इसके बाद ही आप एक अच्छा और मिनिंग फुल डांस कर पायेगें ।

आप भी अपने पापा के तरह सबसे अलग दिखाई देते हैं ?

मैं तो एक्टर बनना ही नही चाहता था । लेकिन जब बनने का निर्णय लिया तो मैने सबसे पहले यही सोचा कि ऐसा क्या किया जाये कि मैं जो भी ऐसा कुछ करूं जो भीड़ से अलग दिखाई दे ।इसके अलावा मेरे भीतर मेरे माता पिता के जींस भी है जो मुझें दूसरो से अलग करते हैं ।

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पहली फिल्म के बाद इतनी देर क्यों ?

हीरोपंती के वक्त ही साजिद सर के साथ दो फिल्मों का अनुबंध था । इसलिये मैं उस दौरान कोई बाहर की फिल्म नहीं कर सकता था । अब उन्हीं के साथ दूसरी फिल्म ‘ बागी’ में पहली फिल्म हीरोपंती की टीम को ही रिपीट किया गया है । लेकिन इसमें हीरोइन दूसरी दिखाई देगी । इस फिल्म के बाद मैने रेमो सर की फिल्म ‘ फ्लाइंग सिख’ साइन की है परन्तु भाग मिल्खा भाग से इस फिल्म का कोई लेना देना नहीं है । ये दोनो फिल्में ही डांस और एक्शन पर आधारित है ।

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सुना है आप काफी सुस्त है ?

पापा की तरह मैं एक ही वक्त में एक साथ कई फिल्में नहीं कर सकता । क्योंकि पहले मैं किसी भी फिल्म की डिटेलिंग में जाकर वक्त लगाता हूं ।

हीरोपंती के बाद कितना प्रेशर हैं ?

प्रेशर तो है । लोगों की उम्मीदें बढ़ चुकी हैं। मुझे अपनी दूसरी फिल्म से साबित करना ही होगा है कि हीरोपंती तुक्के से हिट नहीं हुई थी ।

आपका आपके पापा से कंपेयर किया जाये तो ?

तो ऐसा करना मुझ पर भारी जुल्म होगा । मैं उनके जैसा बनने की कोशिश कर सकता हूं लेकिन बन नहीं सकता । वह मेरे सबसे अच्छेे दोस्त हैं मार्गदर्शक है । उन्हें देखकर मुझे जैलेसी भी होती है कि मुझे भगवान ने उनके जैसा क्यों नही बनाया ।

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पापा को लेकर बचपन की कोई यादगार घटना ?

मैं उस वक्त मुश्किल से चार साल का रहा होउंगा जब एक दिन उनकी फिल्म ‘रंगीला’ की शूटिंग पर उनके साथ गया था । मैने देखा कि एक सीन में पापा विलन से लगातार मार खा रहे थे । पापा का पिटना मुझसे नहीं देखा गया। बाद मैं फिर कभी उनकी किसी फिल्म की शूटिंग पर नहीं गया ।


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Mayapuri

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