INTERVIEW!! ‘‘मेेरे करियर में आए उतार का शादी से कोई संबंध नहीं.. ’’ – विद्या बालन

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‘सब्सटेंस आॅफ ओमन’ के किरदार निभाते हुए बाॅलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बना लेेने वाली विद्या बालन ‘बाॅबी जासूस’ की रिलीज के बाद से आराम फरमा रही थी। वास्तव में शादी के बाद से विद्या बालन का कैरियर डांवाडोल चल रहा था। पर विद्या बालन का दावा है कि 12 जून को प्रदर्शित होेने वाली मोहित सूरी निर्देशित फिल्म ‘हमारी अधूरी कहानी’ से उनके करियर को नई गति मिलेगी।

बाॅलीवुड का मिथ है कि शादीशुदा हीरोईनों को सफलता नहीं मिलती।आप भी इस मिथ को नहीं तोड़ पायीं।जब से आपने शादी की है,तब से आपकी कोई भी फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर सफलता नही दर्ज करा पायी है?

माना कि मेरी पिछली तीन फिल्में बाॅक्स आॅफिस पर असफल रही हं, मगर इसका मेरी शादी से कोई संबंध नहीं है। मैंने इन सभी फिल्मों में अपनी तरफ से सौ प्रतिशत दिया था। मैंने अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ी। इसी के साथ मुझे समझ में आया कि कलाकार के तौर पर मेहनत करना, अपने काम को पूरी ईमानदारी के साथ अंजाम देना मात्र हमारे हाथ में है। सफलता या असफलता हमारे हाथ में नहीं है। मैंने हमेशा ही वही फिल्में की, जिन्हें करने के लिए मेरे दिल ने कहा  हर कलाकार के करियर में उतार चढ़ाव आता ही है। मेरे करियर में भी उतार आया। उन्हीं दिनों मैं कुछ बीमार भी रही पर प्रदर्शन  के लिए तैयार मोहित सूरी निर्देशित फिल्म ‘हमारी अधूरी  कहानी’ को जबर्दस्त सफलता मिलेगी और इस फिल्म के प्रदर्शन  के बाद आप इस तरह का सवाल नहीं करेंगी। ऐसा मेरा विश्वास है। क्योंकि मेरी राय में फिल्म की सफलता या असफलता फिल्म के अच्छी या बुरी होने पर निर्भर करती है। इतना ही नहीं फिल्म की सफलता व असफलता की कई दूसरी वजहें भी होती है। मगर इसका संबंध फिल्म की हीरोइन की शादी सेे नहीं होता है। फिर भी ‘हमारी अधूरी कहानी’ से साबित हो जाएगा कि शादीशुदा हीरोईनों की फिल्मों  को भी जबर्दस्त सफलता मिलती है।

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तो क्या आप मानती हैं कि लोग बेवजह तर्क देते हैं कि शादी के बाद हीरोइन का करियर खत्म हो जाता है?

जी हाॅ! यह तर्क बेहूदा और निराधार है। अतीत में भी तमाम हीरोइनें शादी के बाद भी सफलतापूर्वक काम करती रही हैं। इन दिनो काजोल, करीना कपूर, ऐश्वर्या राय बच्चन काम कर रही हैं।

पर शदी के बाद फिल्मों की संख्या कम हो गयी है?

मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि हर बात में मेरी शादीशुृदा जिंदगी को लोग बीच में क्यों ले आते हैं। शादी से पहले भी मैंने साल में एक या दो से ज्यादा फिल्में कभी नहीं की। अब भी मैं हर साल एक या दो फिल्में करती रहूंगी। हां! शादी के बाद जो बदलाव आए हैं, वह मेरे आंतरिक बदलाव हैं। मुझे लगता है कि इस तरह के आंतरिक बदलाव हर इंसान की जिंदगी में शादी के बाद आते हैं। इससे उसके कामकाज पर कोई असर नहीं होता। मेरी कार्यशैली में भी कोई बदलाव नहीं हैं। बीच में मेरा स्वास्थ्य गड़बड़ हुआ था, जिसकी वजह से मैं कुछ समय तक फिल्मों से दूर रही। मेरी अस्वस्थता की ही वजह से फिल्म ‘हमारी अधूरी कहानी’ की शूटिंग में देरी हुई।

पर शादी का निर्णय लेते समय आपके दिमाग में करियर को लेकर कोई बात आयी होगी?

बिलकुल नहीं। वैसे भी मेरे दिमाग में शादी की बात अचानक तब उठी, जब मेरी मुलाकात सिद्धार्थ राॅय कपूर से मुलाकात हुई। उन्होंने मुझे इस बात का यकीन दिलाया कि शादी का अर्थ एक साथ सुखमय जिंदगी बिताना है। सच कह रही हूँ मैं शादी के बाद से बहुत खुश हूँ। जहाँ तक मेरे करियर का सवाल है, तो मैंने शुरूआत में भी बहुत तकलीफ झेली है।

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लेकिन आपके अभिनय को लेकर भी काफी आलोचनाएं होती रही हैं?

जी हाँ! मेरी बहुत आलोचनाएं हुई और तब मैं कन्फ्यूज्ड हो गयी थी।

‘हमारी अधूरी कहानी’ को लेकर कुछ ज्यादा ही उत्साहित होने की कोई खास वजह?

यह एक ऐसी फिल्म है, जिस तरह की फिल्म मैंने लंबे समय से नहीं की है। मेरे लिए यह एक संजीदा प्रेम कहानी है। इस फिल्म से जुड़ने की सबसे बड़ी वजह यही है कि इसे महेश भट्ट साहब ने लिखा है और मोहित सूरी ने निर्देशित किया हैं। वैसे भी यह फिल्म महेश भट्ट की माँ शिरीन की जीवन पर आधारित है और यह मेरा सौभाग्य ही है कि मैं इसमें शिरीन का किरदार निभा रही हूँ। पुरूष समाज में रहने वाली शिरीन बहुत खूबसूरत औरत थी। अकेली औरत और अकेली माँ होने की जो तकलीफें उन्हें झेलनी पड़ी, उसका इसमें चित्रण है। लेकिन उनकी ताकत, डिग्निटी और उनकी आंतरिक शक्ति ने उन्हें विजेता बनाया।

क्या किरदार है?

पेशे से शिरीन फ्लोरिस्ट है। पर उनकी जिंदगी बहुत जटिल थी। वह प्यार विहीन शादी में फंसकर रह गयी थी। इसलिए उनकी जिंदगी में काफी उतार चढ़ाव रहा। राज कुमार राव पति और इमरान हाशमी प्रेमी बने हैं। मेेरे लिए इस किरदार को निभाना आसान नहीं रहा। क्योंकि इसे खुद भट्ट साहब ने लिखा है। मेेरे दिमाग में यह बात रही है कि भट्ट साहब अपनी माँ को अच्छी तरह से जानते हैं और वह अपनी मां को मुझमें उस वक्त देखना चाहते हैं, जब मैं अभिनय कर रही हूं। मुझे खुशी है कि मैं उनकी कसौटी पर खरी उतरी।

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चर्चाएं है कि फिल्म ‘हमारी अधूरी कहानी’ की रिहर्सल आपके घर में हुआ करती थी?
मुझे इस फिल्म की स्क्रिप्ट बहुत पसंद आयी थी। मैं इसके साथ इस कदर जुड़ी हुई थी कि मैं इसे बेहतर बनाने के लिए अपनी तरफ से सब कुछ करने को तैयार थी। मेरे घर में जगह थी, तो मैंने कहा कि रिहर्सल मेरे घर पर की जा सकती है।

हाल ही में आपको ‘नारी प्रधान सिनेमा’ करते हुए नारियो को शक्ति देने का काम करने के लिए आपको ‘आॅयकाॅनिक ओमन आफ द डिकेड’ के अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया?

मुझे जब भी कोई अवाॅर्ड मिलता है तो बहुत अच्छा लगता है। सिर्फ मुझे ही क्यों हर इंसान को अपनी तारीफ सुनना अच्छा लगता है। आप जिस अवॉर्ड की बात कर रही हैं,वह अवाॅर्ड मुझे ‘ओमन इकोनाॅमिक फोरम’ की तरफ से दिया गया है। इस फोरम के साथ ‘अंतर्राष्ट्रीय ओमन चेंबर्स’ सहित कई दूसरी संस्थाएं भी जुड़ी हुई हैं।


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Mayapuri

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