वैम्प के लिए जिस्म दिखाना नही जरूरी—मंजू असरानी

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asrani-manju

मायापुरी अंक 15.1974

मंजू को ‘नमकहराम’ और ‘आज की ताजा खबर’ में देखने के बाद भी कोई दर्शक यह नही जान पाया की यह वही मंजू है जिसे फिल्मी कबीले के लोग हास्य कलाकार असरानी की पत्नी के नाम से जानते है।

दिल्ली विश्वविद्यालय से निकलने के बाद मंजू ने सीधा फिल्म इंस्टीट्यूट में दाखिला ले लिया। पूना इंस्टीट्यूट में उन दिनों असरानी लेक्चरर हुआ करता था। बस मंजू को अपने गुरू से प्रेम हो गया और दोनों ने शादी भी कर ली।

जब असरानी को बंबई में फिल्में मिलने लगी। मंजू भी साथ ही मुम्बई आ गई। मुम्बई आने के बाद मंजू ने महसूस किया यहां कि कई लड़कियां है जिनके पास टेलैंट नाम को भी नही लेकिन फिर भी उनके पास नाम, दाम और काम है।

मंजू ने तय किया कि वह भी फिल्मों में अपने लिए जगह बनायेगी। एक सीधी और घरेलू टाइप की होने के बावजूद उसने वैंप की चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में काम करना कही अधिक समझा। अच्छा अभिनय-प्रतिभा के लिहाज से हिन्दी फिल्मों की नायिकाएं सिर्फ खूबसूरत दिखाई देती है या फिर रोमांटिक। उनके पास करने के लिए कुछ भी नही होता।

मंजू ने फिल्मों में आते ही दावा किया है कि वह फिल्मों में एक सफल वैंप बनकर दिखायेगी।

“क्या आप भी मेरी खलनायिकाओं की तरह अपना जिस्म दिखाकर अपनी एक्ट्रेस होने की पहचान देगी”

पूछने पर मंजू ने जवाब दिया। ‘नही, मेरा कहना तो यह है कि वैंप बनने के लिए जिस्म दिखाना जरूरी नही है। जिसे एक्ट्रेस होने की पहचान देने के लिए जिस्म का सहारा लेना पड़े मैं उसे हरगिज एक्ट्रेस नही कह सकती। मैं प्रतिभाशाली हूं और मैंने इंस्टीट्यूट से फिल्म अभिनय का पूरा कोर्स किया है। यही नही मैंने गुरुदत्त स्मृति स्कालरशिप भी पाई है। मंजू ने बताया कि अब बड़े-बड़े निर्माताओं की आंखे उस पर पड़ी है बी. आर. चोपड़ा ने उसे अपनी आगामी फिल्म के लिए वैंप के रूप में अनुबंधित किया है। सुबोध मुखर्जी की नई फिल्म में भी मंजू आ रही है इनके अलावा सुनील दत्त, राज खोसला जैसे दूसरे कई निर्माता उसे अपनी फिल्मों में लेने के इच्छुक है। क्या यह सच है कि आप बिंदु की जगह छीनना चाहती है? यूं भी आप बिंदु से अधिक सैक्सी दिखाई देती।

मैं फिल्मों में वैंप बनना चाहा हूं यह ठीक है लेकिन बिंदु की जिस्म दिखा कर नही। बिंदु भी मेरी तरह एक अच्छी अभिनेत्री है। लेकिन उस पर गलत लेबल लग चुका है इस तरह कोई भी लेबल अपने आप नही लगने दूंगी

मंजू का कहना है कि शादी एक औरत के लिए उसका सब कुछ नही है। उसकी प्रतिभाएं शादी से धूमिल नही होती मैं साठ वर्ष तक आकर्षण रख सकती हूं।

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Mayapuri